नई दिल्ली4 मिनट पहले
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राजनाथ सिंह ने अमेरिकी टैरिफ और भारत-चीन संबंधों में आई नरमी को लेकर एनडीटीवी डिफेंस समिट 2025 में यह बात कही।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को अमेरिकी टैरिफ पर विवाद के बीच कहा कि कोई भी देश परमानेंट दोस्त या दुश्मन नहीं है। हमारे लिए सिर्फ स्थायी हित जरूरी होते हैं।
उन्होंने भारत की विदेश और रक्षा नीति के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि दुनिया में ट्रेड वॉर जैसे हालात हैं। विकसित देश तेजी से संरक्षणवादी हो रहे हैं। भारत किसी को अपना दुश्मन नहीं मानता, लेकिन हम राष्ट्रीय हित और लोगों के हितों से समझौता नहीं करेंगे।
हमारे लिए अपने लोगों का, किसानों का, छोटे व्यापारियों का, देशवासियों का हित सबसे ऊपर है। चाहे कितना भी दबाव डाला जाए, लेकिन भारत किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा।

रक्षा मंत्री ने डिफेंस सेक्टर में भारत की आत्मनिर्भरता की सराहना करते हुए कहा कि दुनिया भारत की रक्षा क्षमताओं की गवाह है। जिस तरह से हमारी सेनाओं ने स्वदेशी उपकरणों के साथ पाकिस्तान पर सटीक हमले किए, उससे पता चलता है कि कोई भी मिशन बिना दूरदर्शिता और तैयारी के सफल नहीं हो सकता।

सिंह बोले- भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट 24 हजार करोड़ हुआ
रक्षा मंत्री ने आंतरिक सैन्य विकास में बढ़ोतरी, हथियारों और हथियार प्रणालियों के निर्यात से होने वाले राजस्व का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, 2014 में हमारा डिफेंस एक्सपोर्ट 700 करोड़ रुपए से कम था। आज यह बढ़कर लगभग 24 हजार करोड़ रुपए हो गया है, जो एक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। यह दर्शाता है कि भारत अब केवल खरीदार नहीं रहा बल्कि निर्यातक बन रहा है।