नई दिल्ली2 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

इससे पहले DGCA एअर इंडिया को चार कारण बताओ नोटिस भी भेज चुका है।

विमानों की सुरक्षा देखने वाली संस्था नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने टाटा समूह की एयरलाइन एअर इंडिया में कई बड़ी खामियां पकड़ी हैं।

इनमें पायलटों और केबिन क्रू की ट्रेनिंग, उनके आराम और ड्यूटी के नियम और उड़ान भरने-उतरने से जुड़े मानकों में करीब 100 तरह की गड़बड़ियां शामिल हैं।

सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि इनमें से सात गड़बड़ियां ‘लेवल-1’ की हैं। ये सबसे गंभीर सुरक्षा जोखिम की मानी जाती हैं और एयरलाइन को इन पर तुरंत ठीक करने की कार्रवाई करनी होती है।

एअर इंडिया ने एक बयान में इन ऑडिट नतीजों को स्वीकार किया है और कहा है कि वे तय समय के अंदर DGCA को अपना जवाब देंगे।

12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही बोइंग 787-8 फ्लाइट टेकऑफ के 32 सेकेंड बाद क्रैश हो गई थी। इसमें 270 लोगों की मौत हो गई थी।

12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही बोइंग 787-8 फ्लाइट टेकऑफ के 32 सेकेंड बाद क्रैश हो गई थी। इसमें 270 लोगों की मौत हो गई थी।

4 कारण बताओ नोटिस भेज चुका है DGCA एअर इंडिया के गुरुग्राम में बने मुख्य सेंटर पर 1 से 4 जुलाई तक एक विस्तृत ऑडिट हुआ था। इसमें फ्लाइट ऑपरेशन, शेड्यूल बनाने, रोस्टरिंग और कई दूसरे पहलुओं की जांच की गई थी।

DGCA ने 23 जुलाई को एअर इंडिया को चार कारण बताओ नोटिस भेजे थे। ये केबिन क्रू के आराम और ड्यूटी नियमों, ट्रेनिंग रूल्स, और ऑपरेशनल प्रोसीजर के उल्लंघन को लेकर थे।

इससे पहले 21 जून को DGCA ने चालक दल की शेड्यूलिंग और रोस्टरिंग की जिम्मेदारी से जुड़े तीन अधिकारियों को हटाने के निर्देश दिए थे। DGCA ने उनकी कार्यशैली में गंभीर लापरवाही पाई थी।

DGCA ने मार्च में एअर इंडिया एक्सप्रेस को फटकारा था DGCA ने मार्च 2025 में एअर इंडिया एक्सप्रेस को फटकार लगाई थी। एयरलाइन ने यूरोपीय यूनियन की एविएशन सेफ्टी सिक्योरिटी अथॉरिटी के निर्देश पर एयरबस A320 के इंजन कम्पोनेंट्स समय पर नहीं बदले थे। साथ ही रिकॉर्ड में हेराफेरी की थी।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक DGCA ने एयरलाइन से कहा था- एयरबस A320 के इंजन के पार्ट्स का मॉडिफिकेशन तय समय पर नहीं किया गया। काम समय पर पूरा दिखाने के लिए AMOS रिकॉर्ड बदला गया। फर्जी कागज बनाए गए।

रॉयटर्स के मुताबिक एयरलाइन ने अपनी गलती मानी थी। कार्यशैली में सुधार करने और एहतियाती उपाय अपनाने की बात भी कही थी। कंपनी ने कहा था- हमारी टेक्निकल टीम अपने मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर पर रिकॉर्ड के माइग्रेशन के कारण पार्ट्स रिप्लेसमेंट के लिए तय तारीख से चूक गई थी। समस्या का पता चलते ही इसे ठीक किया गया था।

एयरबस A320 नैरो बॉडी प्लेन है। ये ज्यादातर कम दूरी की इंटरनेशनल उड़ानों में उपयोग किया जाता है।

एयरबस A320 नैरो बॉडी प्लेन है। ये ज्यादातर कम दूरी की इंटरनेशनल उड़ानों में उपयोग किया जाता है।

जुलाई की शुरुआत में AAIB की रिपोर्ट आई थी विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) अहमदाबाद विमान हादसे की जांच कर रहा है। AAIB ने इस महीने की शुरुआत में 15 पन्नों की शुरुआती रिपोर्ट जारी की थी।

ब्यूरो ने इस रिपोर्ट में बताया था कि एअर इंडिया की फ्लाइट AI 171 के दोनों इंजनों में ईंधन की सप्लाई एक सेकंड के अंतराल पर बंद हो गई थी। इससे कॉकपिट में पायलटों के बीच भ्रम पैदा हुआ और विमान उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही जमीन पर आ गिरा।

रिपोर्ट में बताया गया कि उड़ान भरने के कुछ ही सेकेंड के भीतर इंजनों के फ्यूल स्विच ‘रन’ से ‘कटऑफ’ पर चले गए। कॉकपिट की वॉइस रिकॉर्डिंग में एक पायलट को दूसरे से पूछते हुए सुना गया, ‘आपने क्यों बंद किया?’ दूसरे पायलट ने जवाब दिया कि मैंने नहीं किया।

—————————————————

DGCA की रिपोर्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…

मुंबई-दिल्ली जैसे एयरपोर्ट्स पर सुरक्षा में बड़ी खामियां:DGCA बोला- रनवे मार्किंग धुंधली, प्लेन के टायर घिसे

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) पूरे देश के एयरपोर्ट्स जांच में सामने आया कि मुंबई, दिल्ली सहित कई बड़े एयरपोर्ट पर सुरक्षा में बड़ी खामियां हैं। DGCA ने 24 जून को रिपोर्ट जारी की। इसमें बताया कि एक एयरपोर्ट पर रनवे पर लाइन मार्किंग ही धुंधली थी। पूरी खबर पढ़ें…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *