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नई दिल्ली53 मिनट पहले
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CJI गवई ने सरकारी आवास छोड़ने की बात जस्टिस सुधांशु धूलिया के विदाई कार्यक्रम में कही, जो 9 अगस्त को रिटायर हो रहे हैं।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बीआर गवई ने गुरुवार को कहा- नवंबर में रिटायरमेंट से पहले उपयुक्त (सूटेबल) घर मिलना मुश्किल है, लेकिन मैं नियमों के तहत तय समयसीमा में अपना सरकारी आवास खाली कर दूंगा। CJI गवई ने ये बात जस्टिस सुधांशु धूलिया के विदाई कार्यक्रम में कही।
CJI गवई ने कहा, ‘मैं जस्टिस धूलिया को सुप्रीम कोर्ट में आने के बाद से जानता हूं। वह बहुत ही गर्मजोश और न्यायपालिका को समर्पित व्यक्ति हैं। उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। वह उन जजों में से एक होंगे जो रिटायरमेंट के बाद अपना सरकारी आवास तुरंत खाली कर देंगे।
चीफ जस्टिस गवई ने ये बातें पूर्व CJI चंद्रचूड़ के सरकारी आवास खाली करने के 7 दिन बाद कही हैं। पूर्व चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ 10 नवंबर 2024 को रिटायर हुए थे, लेकिन उन्होंने 265 दिनों के बाद 1 अगस्त 2025 को सरकारी बंगला खाली किया।
चंद्रचूड़ का बंगला खाली को लेकर SC एडमिनिस्ट्रेशन ने सरकार को लेटर लिखा था
सुप्रीम कोर्ट एडमिनिस्ट्रेशन ने 1 जुलाई को केंद्रीय आवास और नगरीय मामलों के मंत्रालय को पत्र लिखा था। इसमें कहा कि 5 कृष्ण मेनन मार्ग बंगला पूर्व चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के पजेशन में है। उन्हें बंगले को पास रखने की अनुमति भी 31 मई 2025 को खत्म हो गई है। इसे बिना देर किए खाली कराएं।

पूर्व CJI बोले थे- बेटियों को खास सुविधाओं वाले घर की जरूरत
बंगला खाली न कर पाने को लेकर पूर्व CJI चंद्रचूड़ ने कहा था, ‘ऐसा निजी कारणों के चलते हुआ। सुप्रीम कोर्ट एडमिनिस्ट्रेशन को इस बारे में जानकारी दी थी।
मैं सरकारी बंगले में समयसीमा से ज्यादा नहीं रहना चाहता था, लेकिन मेरी बेटियों को कुछ खास सुविधाओं वाले घर की जरूरत है। इस साल फरवरी से मैं लगातार घूम रहा हूं। मैंने सर्विस अपार्टमेंट और होटल भी देखे, लेकिन वहां जाया नहीं जा सकता।

पूर्व CJI ने ये भी बताया था, ‘मैंने 28 अप्रैल को तब चीफ जस्टिस रहे संजीव खन्ना को लिखित में जानकारी दी थी कि मैं उपयुक्त घर की तलाश कर रहा हूं। मुझे 30 जून तक इसी बंगले में अनुमति दें, लेकिन इसका कोई जवाब नहीं मिला।’
चंद्रचूड़ ने ये भी कहा कि उन्होंने चीफ जस्टिस बीआर गवई से भी बात की थी और उन्हें भरोसा दिलाया था कि जल्द से जल्द बंगला छोड़ देंगे।
चंद्रचूड़ ने 30 अप्रैल तक मांगी थी अनुमति सुप्रीम कोर्ट के ऑफिशियल लेटर में कहा गया था- पूर्व CJI चंद्रचूड़ ने तब CJI रहे संजीव खन्ना को रिटायरमेंट के एक महीने बाद लिखा था कि मेरे लिए ज्यादा सहूलियत होगी कि मुझे मौजूदा बंगले 5, कृष्ण मेनन मार्ग में 30 अप्रैल 2025 तक रहने की अनुमति दी जाए।
पूर्व CJI संजीव खन्ना ने इस पर सहमति जताई थी। पूर्व CJI चंद्रचूड़ को 11 दिसंबर से 2024 से 30 अप्रैल 2025 तक 5, कृष्ण मेनन मार्ग बंगले में रहने की परमिशन मिल गई थी। इसके लिए पूर्व CJI चंद्रचूड़ को हर महीने 5430 रुपए लाइसेंस फीस चुकानी थी।
रिटायरमेंट के बाद भी टाइप VIII बंगले में ही रह रहे थे पूर्व CJI चंद्रचूड़
पूर्व CJI चंद्रचूड़ 10 नवंबर 2024 को रिटायर हुए थे। सरकारी नियमों के मुताबिक, चीफ जस्टिस अपने कार्यकाल के दौरान टाइप VIII (टाइप-8) बंगले के हकदार होते हैं। रिटायरमेंट के बाद वे 6 महीने तक टाइप VII (टाइप 7) बंगले में रह सकते हैं। इस दौरान उन्हें किराया नहीं देना होगा।
पूर्व चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ को रिटायर हुए 8 महीने का वक्त बीत चुका है। रिटायरमेंट के बाद से वे खुद को अलॉट हुए टाइप VIII बंगले में ही रह रहे हैं।
ऐसा इसलिए भी हुआ, क्योंकि पूर्व CJI चंद्रचूड़ के बाद उनके दो उत्तराधिकारियों (पूर्व चीफ जस्टिस संजीव खन्ना और मौजूदा चीफ जस्टिस बीआर गवई) ने 5, कृष्ण मेनन मार्ग बंगला नहीं लिया। ये दोनों अपने पुराने बंगले में ही रह रहे हैं।

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CJI चंद्रचूड़ 8 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में उनका आखिरी वर्किंग डे था। शाम को विदाई समारोह रखा गया। इस समारोह में CJI ने कहा, ‘मैं दिल से सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन को धन्यवाद देना चाहता हूं। मेरी मां ने मुझे बचपन में कहा था कि मैंने तुम्हारा नाम धनंजय रखा है। लेकिन तुम्हारे ‘धनंजय’ का ‘धन’ भौतिक संपत्ति नहीं है। मैं चाहती हूं कि तुम ज्ञान अर्जित करो…।’ पूरी खबर पढ़ें…

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