पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोपों में पकड़ी गई यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की आज कोर्ट में पेशी होगी। ज्योति को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया जाएगा। इससे पहले ज्योति की 16 सितंबर को कोर्ट में पेशी हुई थी। इस दौरान ज्योति के वकील कुमार मुकेश को

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कुमार मुकेश ने बताया था कि पुलिस ने अधूरी चार्जशीट सौंपी थी। पुलिस ने कोर्ट में एप्लिकेशन दायर कर पूरी चार्जशीट नहीं देने की बात कही थी जिसे कोर्ट ने मान लिया था। पुलिस का कहना था कि इसमें संवेदनशील चीजें हैं जो सार्वजनिक नहीं की जा सकती। इसके बाद वकील को सीडी में चार्जशीट की कॉपी सौंपी गई।

वहीं सूत्रों से पता चला है कि पुलिस ने वकील को जो चार्जशीट दी है उसमें दानिश सहित कई आईएसआई एजेंटों के साथ बातचीत का रिकॉर्ड नहीं दिया है। पुलिस ने दानिश और ज्योति के बीच क्या और किस तरह का रिश्ता है इसको चार्जशीट में छिपाया है। ज्योति के वकील पूरी चार्जशीट की स्टडी कर रहे हैं और इसके बाद वह रिविजन पिटिशन कोर्ट में लगाएंगे।

ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था।

आज सेशन कोर्ट में ट्रांसफर हो सकता है केस वहीं आज ज्योति का केस सेशन कोर्ट में ट्रांसफर हो सकता है। केस में जो धाराएं लगी हैं उसके कारण सेशन कोर्ट में ही आगे की कार्यवाही हो सकती है। अभी तक यह केस ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के यहां चल रहा है। पुलिस ने 15 अगस्त से पहले इस केस में चार्जशीट रिपोर्ट जमा करवाई थी।

2500 पेजों की रिपोर्ट में पुलिस ने कई बड़े खुलासे किए थे। मगर पुलिस ने कोर्ट में वकील को पूरी चार्जशीट कॉपी से इन्कार कर दिया था। इसके बाद संशोधित चार्जशीट करीब एक महीने बाद वकील को 16 सितंबर को दी गई। बताया जा रहा है कि इस चार्जशीट में पाक एजेंटों से बातचीत का कुछ हिस्सा नहीं है। हालांकि वकील कुमार मुकेश का कहना है कि वह इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।

ज्योति मल्होत्रा और उनके वकील कुमार मुकेश।

ज्योति मल्होत्रा और उनके वकील कुमार मुकेश।

इसलिए एक महीने तक लटका चार्जशीट का मामला

14 अगस्त को चालान पेश किया : पुलिस ने ज्योति मल्होत्रा केस में 90 दिन की जांच रिपोर्ट की बाद चार्जशीट 14 अगस्त को कोर्ट में पेश की थी। इसके बाद कोर्ट में 18 अगस्त ज्योति की वीडियो कान्फ्रेंस से पेशी हुई। कोर्ट ने उसे 7 दिन की न्यायिक हिरासत में फिर जेल भेज दिया। तय किया गया कि 25 अगस्त को ज्योति की कोर्ट में फिजिकल पेशी होगी, जिसमें उसे चार्जशीट की कॉपी सौंपी जाएगी।

25 अगस्त को जेल से बाहर आई ज्योति : ज्योति 25 अगस्त को 95 दिन बाद जेल से बाहर आई और कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश हुई। मगर हिसार पुलिस ने 25 अगस्त को एक एप्लिकेशन कोर्ट में लगाई कि चालान की पूरी कॉपी वकील को न दी जाए यह देश से जुड़ा संवेदनशील मामला है। इसके बाद कोर्ट ने 3 सितंबर की तारीख रखी। मगर कोर्ट फैसला चार्जशीट को लेकर नहीं हुआ।

10 सितंबर को जज छुट्टी पर चले गए : इसके बाद 10 सितंबर को मामले में सुनवाई रखी मगर जज छुट्टी पर चले गए। 16 सितंबर को पुलिस की एप्लिकेशन पर कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए वकील को अधूरी चार्जशीट देने का फैसला लिया। इसके बाद वकील को संशोधित चार्जशीट कॉपी सौंपी गई।

3 महीने में बनाई चार्जशीट इस केस में हिसार के एसपी शशांक कुमार सावन ने SIT का गठन किया था। इस SIT में डीएसपी सुनील, इंस्पेक्टर निर्मला, साइबर सेल इंचार्ज अमित, स्पेशल स्टाफ से एसआई सतपाल शामिल रहे। पुलिस से जुड़े सूत्रों के अनुसार, SIT ने 3 महीने की कड़ी मेहनत के बाद जरूरी सबूत जुटाए हैं। इसके बाद 2500 पेजों की चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में सब्मिट की गई।

25 सितंबर को कोर्ट में ज्योति मल्होत्रा को पेश किया गया था।

25 सितंबर को कोर्ट में ज्योति मल्होत्रा को पेश किया गया था।

पुलिस सोर्सेज से चार्जशीट को लेकर 5 अहम खुलासे हुए..

  • सवालों के सीधे जवाब नहीं देती, डेटा डिलीट किया: चार्जशीट को लेकर जांच का हिस्सा रहे एक अधिकारी ने बताया कि ज्योति काफी शातिर है और वह सवालों के सीधे जवाब नहीं देती। यहां तक कि गिरफ्तारी का उसे पहले ही आभास हो गया था, इसलिए उसने कुछ डेटा डिलीट कर दिया था।
  • भागने से पहले पकड़ी गई ज्योति मल्होत्रा: गिरफ्तार होने की सूचना उसको पाकिस्तानी एजेंटों ने ही पहुंचाई। इस सूचना के मिलते ही वह भागने की तैयारी कर थी, लेकिन इससे पहले ही सुरक्षा एजेंसियों ने उसे पकड़ लिया। ज्योति ने जो डेटा डिलीट किया, उसमें से कुछ रिकवर कर लिया गया है, लेकिन कुछ रिकवर होना बाकी है।
  • राजस्थान में आर्मी कैंप के वीडियो भी पहुंचाए: ज्योति ने न केवल कश्मीर डैम के वीडियो बनाए बल्कि राजस्थान के बॉर्डर एरिया में जाकर सैन्य शिविरों के भी वीडियो पाकिस्तानी एजेंटों तक पहुंचाए। वह लगातार पाकिस्तानी एजेंटों से बातचीत करती थी।
  • इंडियन ट्रैवल एडवाइजरी का उल्लंघन किया: पुलिस का दावा है कि ज्योति को पाकिस्तान यात्रा से पहले ही ट्रैवल एडवाइजरी बता दी गई थी। इसके बावजूद ज्योति ने उसका उल्लंघन किया। पाकिस्तानी एजेंटों से नंबर शेयर किए। उनसे मीटिंग भी की।
  • 4 पाकिस्तानी एजेंटों से लगातार टच में थी ज्योति: पुलिस का दावा है कि ज्योति के मोबाइल फोन से पाकिस्तान उच्चायोग के अफसर एहसान-उर-रहीम दानिश अली के साथ व्यापक बातचीत का पता चला है। इसके अलावा आईएसआई के गुर्गे शाकिर, हसन अली और नासिर ढिल्लों के साथ नियमित संपर्क का भी पता चला है।



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