- Hindi News
- National
- Dharmasthala Case: Complainant Chinnaiah Admits False Rape And Murder Claims In Court
मंगलुरु39 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
SIT ने गिरफ्तार किए शिकायतकर्ता चिन्नैया को बेल्थांगडी कोर्ट में पेश किया था। (फाइल फोटो)
कर्नाटक धर्मस्थल मामले में शिकायतकर्ता चिन्नैया शनिवार देर शाम बेलथंगड़ी के एडिशनल सिविल जज और ज्यूडिशियल फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट के सामने पेश हुआ। उसने कहा कि अभी तक इस मामले में की गई शिकायत और दोनों गवाही झूठी थीं। बताया कि उसने ये कुछ व्यक्तियों के कहने पर किया था।
चिन्नैया इस समय शिवमोगा जेल में बंद है। उसका बयान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 183 के तहत दर्ज किया गया। SIT ने चिन्नैया को पहले ही झूठी गवाही के आरोप में गिरफ्तार किया था। दावा किया गया था कि उसने 11 जुलाई को अदालत की कार्यवाही के दौरान झूठे दावे किए थे।
पुलिस के कहा कि चिन्नैया ने ये किनके कहने पर किया तकनीकी कारणों से उन व्यक्तियों के नाम नहीं बता सकते। चिन्नैया ने अदालत को बताया कि 11 जुलाई को सबूत के रूप में पेश की गई खोपड़ी उन्हें सौजन्या के चाचा विट्टला गौड़ा ने दी थी।
दरअसल, कर्नाटक के मंगलुरु के पास नेत्रावती नदी के किनारे धर्मस्थल मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव के एक रूप श्री मण्जुनाथ का है। 4 जुलाई को यहां के सफाई कर्मी ने कई हत्याओं, दुष्कर्म और शव दफनाने का पुलिस को चिट्ठी को लेकर दावा किया था। जिसके बाद जांच शुरू हुई थी।

4 जुलाई को पूर्व सफाईकर्मी ने यहां के जंगलों में सैकड़ों लाशें दफनाए जाने का दावा किया था।
अभी तक किसी भी महिला का शव बरामद नहीं
रिपोर्ट्स के मुताबिक, चिन्नैया ने 11 जुलाई को बेल्थंगडी मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया था और एक खोपड़ी व कुछ हड्डियां पेश की थीं। उसने दावा किया था कि यह अवशेष एक महिला के हैं, जिसका यौन शोषण हुआ था। लेकिन फॉरेंसिक रिपोर्ट में यह अवशेष एक पुरुष के पाए गए।
चिन्नेया का दावा था कि उस पर दबाव डालकर 100 से ज्यादा महिलाओं और बच्चियों के शव दफन करवाए गए। हालांकि, SIT ने अब तक 17 जगह खुदाई की है, जिनमें से 2 जगहों पर केवल पुरुषों के कंकाल ही बरामद हुए हैं।
पढ़ें शिकायतकर्ता ने क्या बयान दिया था…
- 1998 से 2014 के बीच मंदिर में काम करता था। मैं अब आगे आ रहा हूं, क्योंकि पछतावा और पीड़ितों को न्याय दिलाने की भावना मुझे चैन से जीने नहीं दे रही। 1998 में धर्मस्थल के सुपरवाइजर ने पहली बार मुझे लाशों को चुपचाप निपटाने को कहा। जब मैंने इनकार किया तो मुझे बेरहमी से पीटा गया और परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई
- 2014 में मेरी नाबालिग रिश्तेदार के साथ भी यौन उत्पीड़न हुआ, जिसके बाद मैं परिवार समेत धर्मस्थल से भाग गया और गुमनाम पहचान के साथ दूसरे राज्य में रहने लगा।
- आरोपी धर्मस्थल मंदिर प्रशासन से जुड़े बेहद प्रभावशाली लोग हैं, जो विरोध करने वालों को खत्म कर देते हैं।
- मैंने तस्वीर और दफन किए गए अवशेषों के सबूत पुलिस को सौंपे हैं। मैं पॉलीग्राफ टेस्ट और वैज्ञानिक जांच के लिए भी तैयार हूं।

शिकायतकर्ता के बयान के बाद जांच टीम ने 13 जुलाई से कई जगहों पर खुदाई की।

खुदाई के दौरान एक कंकाल और कुछ इंसानी हड्डियां मिली थीं।

——————————————
धर्मस्थल में अपराध से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…
देवी मंदिर के पास पत्थर से सिर कुचलकर हत्या:इंदौर में सीढ़ियों के पास मिला शव; भाई बोला- एक्सीडेंट होने का फोन आया था

इंदौर में मंदिर की सीढ़ियों के पास मंगलवार को शव मिला था। जिसके सिर पर गंभीर चोट के निशान थे। मृतक की पहचान दीपक पुत्र मोहनलाल किरण, निवासी सिद्धार्थ नगर के रूप में हुई थी। दीपक लोडिंग ऑटो ड्राइवर था मामला एरोड्रम थाना इलाके में बिजासन माता मंदिर का है। पूरी खबर पढ़ें…
प्रयागराज में युवक की संदिग्ध मौत:मंदिर के पास अचेत मिला, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, 4 पर केस दर्ज

प्रयागराज के उतरांव थाना क्षेत्र के मंडौर गांव निवासी पवन कुमार विश्वकर्मा (32) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। 24 सितंबर की रात वह गांव के हनुमान मंदिर के पास अचेत अवस्था में मिले, उनके सिर में गंभीर चोटें थीं। परिजन पवन को गंभीर हालत में लखनऊ के अस्पताल ले गए, लेकिन 26 सितंबर को उनकी मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें…