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यह विजुअल 20 सितंबर का है, जब उधमपुर में आतंकियों से एनकाउंटर के बीच आस-पास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया गया था।

जम्मू-कश्मीर में कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में सेना ने दो आतंकियों को ढेर कर दिया। ये आतंकी LoC पर घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, शव LoC के बहुत करीब पड़े हैं।

सीमा पार से गोलीबारी के खतरे को देखते हुए कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें निकालने का अभियान जारी है। मारे गए आतंकवादियों की पहचान और उनके संगठन की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

पिछले 8 दिनों में सेना और आतंकवादियों के बीच यह दूसरा एनकाउंटर है। इससे पहले 20 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में एक जवान शहीद हो गया था।

वहीं एसपीओ समेत दो पुलिसकर्मी घायल हुए थे। मुठभेड़ दूदू-बसंतगढ़ और डोडा के भद्रवाह में सोजधार के जंगलों में हुई थी।

20 सितंबर को आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद जवान की पहचान लांस दफादार बलदेव चंद के रूप में हुई थी।

20 सितंबर को आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद जवान की पहचान लांस दफादार बलदेव चंद के रूप में हुई थी।

जम्मू-कश्मीर में पिछले एनकाउंटर…

8 सितंबर: कुलगाम एनकाउंटर में शहीद हुए थे 2 जवान 8 सितंबर को कुलगाम में ऑपरेशन गुड्‌डर के दौरान हुए एनकाउंटर में भी 2 जवान शहीद हुए थे। इनमें कैथल के लांसनायक नरेंद्र सिंधु और उत्तर प्रदेश के पैरा कमांडो प्रभात गौड़ का नाम शामिल था। इस मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के 2 आतंकी मारे गए थे।

कुलगाम एनकाउंटर में मारे गए आतंकियों में से एक का नाम आमिर अहमद डार है।

कुलगाम एनकाउंटर में मारे गए आतंकियों में से एक का नाम आमिर अहमद डार है।

इनमें से एक शोपियां का रहने वाला आमिर अहमद डार और दूसरा विदेशी आतंकी रहमान भाई था। आमिर लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था और सितंबर 2023 से एक्टिव था। पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से जारी 14 आतंकवादियों की लिस्ट में यह भी शामिल था।

26 अगस्त: गुरेज सेक्टर में हुई एक मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए 26 अगस्त में जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में हुई एक मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए थे। उनमें से एक की पहचान बागू खान के रूप में हुई, जिसे ‘ह्यूमन GPS’ कहा जाता था। सुरक्षा बलों को दशकों से इसकी तलाश थी क्योंकि वह 1995 से 100 से ज्यादा घुसपैठ की कोशिशों में शामिल था।

1-12 अगस्त: कुलगाम में चला था सबसे लंबा ऑपरेशन 1 से 12 अगस्त श्रीनगर से लगभग 70 किलोमीटर दूर कुलगाम में ऑपरेशन अखल नामक एक ऑपरेशन चलाया गया। इसमें लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का एक आतंकवादी मारा गया। इसकी पहचान पुलवामा निवासी हारिस डार के रूप में हुई थी।

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जैश-हिजबुल के आतंकी अब खैबर में ठिकाने बना रहे: दावा- ऑपरेशन सिंदूर के बाद PoK छोड़ रहे

भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर हमलों से आतंकी डर गए हैं। अब जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन खैबर पख्तूनख्वा में अपने नए ठिकाने बना रहे हैं। भारतीय सेना के सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि आतंकी संगठन PoK को अब भारतीय हमलों के कारण असुरक्षित मानते हैं। इसलिए, अफगानिस्तान से सटे खैबर पख्तूनख्वा की पहाड़ी इलाके उनके लिए सुरक्षित ठिकाना बन गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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