कुल्लू के छरड़ू में ब्यास नदी में समाया घर।

हिमाचल प्रदेश को पिछले 4 दिनों से लगातार हो रही बारिश से काफी नुकसान पहुंचा है। चंबा जिले में मोबाइल सेवाएं ठप पड़ी हैं। मंगलवार को कुल्लू-मनाली और मंडी में रेस्टोरेंट और 20 से ज्यादा घर-दुकानें ब्यास नदी में समा गए। सड़कों को नुकसान पहुंचने की वजह से

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कुल्लू DC तोरुल एस रवीश ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को इमरजेंसी के लिए पेट्रोल-डीजल रिजर्व रखने और जमाखोरी नहीं करने के आदेश जारी किए हैं। 25 हजार लीटर से अधिक क्षमता वाले पंपों को कम से कम 5 हजार लीटर डीजल और 3 हजार लीटर पेट्रोल रिजर्व रखने को कहा गया है। छोटे वाहनों (LMV) में एक बार में अधिकतम 20 लीटर और भारी वाहनों (HMV) को 100 लीटर तक ही ईंधन मिलेगा।

ब्यास नदी ने चंडीगढ़-मनाली फोरलेन को जगह-जगह तहस नहस किया है। इसे बहाल होने में 2 दिन लग सकते हैं। चंडीगढ़ और मनाली के बीच काफी संख्या में टूरिस्ट फंसे हुए हैं। स्थानीय लोग उनके लिए खाने का प्रबंध कर रहे हैं।

बारिश को देखते हुए कुल्लू, मंडी और चंबी में आज भी स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे। लैंडस्लाइड की वजह से 675 सड़कें बंद पड़ी हैं। थोड़ी राहत की बात यह है कि अगले 48 घंटे तक मानसून थोड़ा कमजोर पड़ेगा। आज सिर्फ शिमला और मंडी में ही बारिश का यलो अलर्ट है। हालांकि, 29 अगस्त से मानसून फिर सक्रिय होगा।

मंडी-जंजैहली सड़क पर बीती शाम को पहाड़ गिरने से सड़क अवरुद्ध हुई।

चंबा में रावी नदी उफान पर है। तेज बहाव से चंबा में भी नुकसान की सूचना है। मगर, संचार सेवाएं ठप होने के कारण अभी जानकारी नहीं मिल पाई।

चंबा में रावी नदी उफान पर है। तेज बहाव से चंबा में भी नुकसान की सूचना है। मगर, संचार सेवाएं ठप होने के कारण अभी जानकारी नहीं मिल पाई।

शिमला-किन्नौर एनएच पर नाथपा में सड़क पर गिरी चट्टानें हटाते हुए मजदूर।

शिमला-किन्नौर एनएच पर नाथपा में सड़क पर गिरी चट्टानें हटाते हुए मजदूर।



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