हरियाणा पुलिस को देख सुसाइड करने वाले सुनील की कहानी: RTI एक्टिविस्ट, 3 पुलिसकर्मी पकड़वाए; IPS अफसर से जुड़े केस में खुद को गोली मारी – Jind News

हरियाणा पुलिस को देख सुसाइड करने वाले सुनील की कहानी: RTI एक्टिविस्ट, 3 पुलिसकर्मी पकड़वाए; IPS अफसर से जुड़े केस में खुद को गोली मारी – Jind News

हरियाणा पुलिस को देख सुसाइड करने वाले सुनील की कहानी:  RTI एक्टिविस्ट, 3 पुलिसकर्मी पकड़वाए; IPS अफसर से जुड़े केस में खुद को गोली मारी – Jind News

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सुनील कपूर जींद में आभूषणों के नगों का काम करता था। 14 सितंबर को उसने देहरादून में खुद को गोली मार ली। – फाइल फोटो

हरियाणा में जींद के रहने वाले सुनील कपूर ने 14 सितंबर को देहरादून में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सुनील कपूर पर IPS अफसर सुमित कुमार से जुड़े मामले में केस दर्ज हुआ था। 13 सितंबर को हरिद्वार में पकड़ने आई CIA टीम के SI सुरेंद्र को सुनील गोलियां

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सुनील कपूर को शहर में RTI एक्टिविस्ट कहा जाता था। 2014-15 में सोशल मीडिया पर ‘जींद ब्रेकिंग न्यूज’ के नाम से फेसबुक पेज बनाया और भ्रष्टाचार के कई मामले उजागर किए। सुनील के पेज का एक्सेस दुबई का दिखता था। उसने एक ASI को सजा दिलवाई, जबकि एक अन्य ASI और ट्रैफिक थाना प्रभारी को रिश्वत केस में फंसवाया।

इसके अलावा, उसने कई स्टिंग भी किए। 2018 में उस पर जानलेवा हमले हुए, जिसके बाद उसे पुलिस सुरक्षा मिली। 2024 में IPS अफसर सुमित कुमार से जुड़े मामले में उस पर धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ। इस मामले में वह इतना उलझ गया कि पुलिस से बचने के लिए उसे आत्महत्या तक करनी पड़ी। आज देहरादून में सुनील के शव का पोस्टमॉर्टम होगा।

अब सुनील कपूर से जुड़े मामलों के बारे में सिलसिलेवार ढंग से जानिए…

ASI को 5 साल की सजा दिलवाई सुनील कपूर ने साल 2015 में पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन किया था। शहर थाना के ASI महेंद्र सिंह ने पुलिस वेरिफिकेशन के नाम पर 200 रुपए की रिश्वत मांगी। सुनील कपूर ने रिश्वत देते हुए उसका वीडियो बना लिया और उसे अपने पेज पर डाल दिया। वीडियो सामने आने के बाद ASI महेंद्र को तुरंत सस्पेंड कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

जांच के दौरान महेंद्र पर लगे आरोप सही पाए गए। डिपार्टमेंट ने कुछ समय बाद उसे ड्यूटी से बर्खास्त कर दिया, लेकिन 3 महीने बाद ही उसे फिर से नौकरी पर रख लिया। फरवरी 2020 में तत्कालीन एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज अजय पराशर की कोर्ट ने महेंद्र को 5 साल कैद और 10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई।

मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाइयों का स्टिंग किया 7 जुलाई 2017 को सुनील कपूर ने अपने पेज पर एक वीडियो अपलोड किया। सुनील कपूर ने हिडन कैमरे के जरिए दुकान पर जाकर नशीली दवाइयां खरीदीं और इस पूरी घटना को अपने सोशल मीडिया पेज पर डाल दिया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने उस दुकान पर रेड की और मामला दर्ज किया। कोर्ट ने 2020-21 में मेडिकल स्टोर संचालक को 10 साल की सजा सुनाई।

2018 में 2 बार हमला हुआ, पुलिस सिक्योरिटी मिली साल 2018 में 2 बार सुनील कपूर पर हमला भी हुआ। 26 मार्च 2018 को नकाबपोश हमलावर उसके घर में घुसे और फायरिंग करते हुए परिवार के सदस्यों से मारपीट की। इस हमले में उसके माता-पिता घायल हुए थे और सुनील के भी सिर पर चोट आई थी।

इसके बाद 6 अप्रैल को सुनील कपूर पर दूसरी बार हमला हुआ। उसकी ज्वेलरी की दुकान पर कुछ नकाबपोश बदमाश पहुंचे और लाठियों से बुरी तरह पीटा। हमले में गंभीर रूप से घायल सुनील को पहले सिविल अस्पताल ले जाया गया। बाद में निजी अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां उसके घुटने की सर्जरी हुई।

सुनील ने एक DSP रैंक के अधिकारी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए DGP और IG को शिकायत दी थी। इसके बाद अधिकारी ने एजेंट के जरिए सुनील और उसके भाई पर जालसाजी व वसूली का केस दर्ज करवा दिया। हालांकि, कोर्ट से उसे राहत मिल गई थी।

यह वीडियो अप्रैल 2018 की है। सुनील कपूर पर कुछ लोगों ने हमला किया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। - फाइल फोटो

यह वीडियो अप्रैल 2018 की है। सुनील कपूर पर कुछ लोगों ने हमला किया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। – फाइल फोटो

2020 में ASI सस्पेंड कराया सुनील कपूर ने 2020 में पीओ ब्रांच में कार्यरत ASI राजेंद्र डांगी का रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल किया था। वीडियो में ASI को 2 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए दिखाया गया था, जिसके बाद तत्कालीन SSP अश्विन शैण्वी ने ASI को सस्पेंड कर दिया था।

सुनील कपूर ने पुलिस को बताया था कि भारतभूषण उर्फ रिंकू के खिलाफ करनाल थाने में मामला दर्ज था। वह उसके पास आया। रिंकू की फाइल ASI डांगी के पास वेरिफिकेशन के लिए आई थी। डांगी ने शुरुआत में 8 शराब की बोतलें मांगी, लेकिन रिंकू ने पैसे देने की पेशकश की और 2 हजार रुपए दिए, जिसका वीडियो रिंकू ने बना लिया। बाद में सुनील ने उस वीडियो को वायरल किया और SSP को भेज दिया।

ट्रैफिक थाना प्रभारी का रिश्वत लेते वीडियो वायरल किया 16 दिसंबर 2020 को जींद में ट्रैफिक थाना प्रभारी का एक वीडियो सुनील कपूर ने वायरल किया था। वीडियो में थाना प्रभारी जींद बाईपास से पंजाब की ओर जा रहे ट्रकों को रोककर ड्राइवरों से 400-400 रुपए वसूलते दिखा वीडियो में थाना प्रभारी यह भी कहता नजर आया कि जिले में उनकी 3 टीमें तैनात हैं, जींद, जुलाना और नरवाना। वे चालान नहीं काटेंगी। जिले से बाहर जाने पर उनकी कोई गारंटी नहीं है।

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग हरकत में आ गया। तत्कालीन DSP धर्मबीर खर्ब ने मामले की जांच कर रिपोर्ट तत्कालीन DIG ओपी नरवाल को सौंपी। रिपोर्ट के आधार पर थाना प्रभारी को सस्पेंड कर दिया गया और विभागीय जांच के आदेश जारी हुए।

ये वीडियो 16 दिसंबर 2020 का है। इसमें जींद का तत्कालीन ट्रैफिक इंचार्ज रिश्वत लेते हुए दिख रहा है।

ये वीडियो 16 दिसंबर 2020 का है। इसमें जींद का तत्कालीन ट्रैफिक इंचार्ज रिश्वत लेते हुए दिख रहा है।

IPS अफसर पर यौन शोषण के आरोपों वाली चिट्ठी, क्लीन चिट और केस की कहानी जानिए…

अक्टूबर 2024 में चिट्ठी वायरल, IPS पर यौन शोषण के आरोप अक्टूबर 2024 में सोशल मीडिया पर एक लेटर वायरल हुआ। इसे महिला पुलिसकर्मियों की तरफ से लिखा बताया गया। इसमें महिला पुलिसकर्मियों ने जींद में तैनात IPS अफसर सुमित कुमार पर यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाए। लेटर में कहा गया कि एक महिला SHO व महिला DSP भी इस मामले से जुड़ी हैं। आरोप था कि IPS अफसर के सहयोगी महिला पुलिस कर्मियों को प्रमोशन के लिए कोऑपरेट करने को कहते हैं। पत्र में ये भी कहा गया कि अगर शिकायत पर कार्रवाई न हुई, तो शिकायतकर्ता को आत्महत्या करनी पड़ेगी।

पूरे महकमे में हलचल मची तो सरकार ने जांच बैठाई यह लेटर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई। विपक्षी दलों ने मुद्दा बनाना शुरू कर दिया। इसके बाद सरकार के निर्देशों पर विभागीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने जांच शुरू की। राज्य महिला आयोग ने भी इस मामले को उठाया और IPS अफसर को इस मामले में बयान देने को कहा गया। IPS अफसर का जिले से बाहर तबादला हुआ। एक महिला DSP व SHO का तबादला किया गया, ताकि जांच में कोई बाधा न आए।

3 महिला IPS अफसरों की रिपोर्ट से क्लीनचिट मिली मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल जांच टीम (SIT) बनाई गई। जिसमें महिला IPS अधिकारी ममता सिंह, संगीता कालिया व आस्था मोदी को शामिल किया गया। SIT ने अपनी रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट में कहा कि आरोपों के समर्थन में कोई सुसंगत सबूत नहीं मिले। यानी जांच में ये साबित नहीं हुआ कि IPS अफसर पर लगे आरोप वैध हैं। कोई महिला पुलिसकर्मी व्यक्तिगत रूप से सामने नहीं आई है।

जांच में सामने आया- सुनील कपूर के वाईफाई से लेटर वायरल हुआ SIT की जांच में सामने आया कि जिस ईमेल से IPS अफसर के खिलाफ शिकायत से हुई, उसमें जिस वाईफाई का इस्तेमाल हुआ, उसका डिवाइस जींद में सुनील कपूर की दुकान पर लगा था। महिला थाना प्रभारी मुकेश रानी की शिकायत पर सुनील कपूर के खिलाफ आईटी एक्ट में केस दर्ज हुआ। नवंबर 2024 में केस दर्ज होने के बाद से ही सुनील अंडरग्राउंड चल रहा था।

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