देश के उपराष्ट्रपति चुनाव में खडूर साहिब के सांसद और डिब्रूगढ़ जेल में बंद खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह भी मतदान कर पाएंगे। पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदान की सुविधा सुनिश्चित करने संबंधी निर्देश गृह मंत्रालय और असम सरकार के मुख्य सचिव को ज

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निर्धारित प्रक्रिया के तहत, हिरासत में बंद मतदाताओं को डाक मतपत्र केवल मतदान के दिन ही उपलब्ध कराया जाता है। उस पर चिह्नित सीलबंद लिफाफा मतगणना शुरू होने से पहले निर्वाचन अधिकारी तक पहुंचना अनिवार्य है।

इसी अनुसार आयोग ने निर्देश दिए हैं कि अमृतपाल सिंह द्वारा चिह्नित डाक मतपत्र वाला सीलबंद लिफाफा डिब्रूगढ़ से विशेष दूत के माध्यम से हवाई मार्ग से भेजा जाए, ताकि यह 9 सितंबर 2025 को शाम 6 बजे से पहले निर्वाचन अधिकारी तक पहुंच जाए। संबंधित अधिकारियों को इस कार्य के लिए तत्काल व्यवस्था करने और आयोग को पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

सभी साथी पंजाब की जेल में शिफ्ट

अमृतपाल सिंह इस समय राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 के तहत केंद्रीय जेल डिब्रूगढ़ (असम) में निवारक हिरासत में हैं। हालांकि, उनका परिवार जल्द ही उन पर लगाए गए एनएसए को अदालत में चुनौती देगा। अमृतपाल सिंह के अन्य साथ ही इस समय पंजाब की जेल में पहुंच गए है। उनसे एनएसए हटा दिया गया। साथ ही उन पर दर्ज अन्य मामलों में ट्रायल शुरू किया गया है।



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