नई दिल्ली7 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
कांग्रेस नेता शशि थरूर लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर हो रही चर्चा में शामिल नहीं होंगे। जब इस बारे में थरूर से सवाल किया तो उन्होंने हंसते हुए कहा- मौन व्रत-मौन व्रत। कांग्रेस का कहना है कि उन्होंने अपनी इच्छा से इसमें शामिल होने से मना किया है।
लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी, गौरव गोगोई , प्रियंका गांधी, दीपेंद्र हुड्डा, परिणीति शिंदे, शफी परमबिल, मणिकम टैगोर और राजा बराड़ पक्ष रखेंगे। कांग्रेस के वक्ताओं की सूची में नाम न होने के सवाल पर थरूर ने संसद परिसर में कहा, ‘मौन व्रत…मौन व्रत…’।
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक भयानक आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे। इस हमले की जवाबी कार्रवाई में भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर नामक एक ऑपरेशन चलाया था और पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों के ठिकानों को नष्ट किया था। इस हमले और सैन्य ऑपरेशन को लेकर आज लोकसभा में एक खास चर्चा हो रही है।

संसद परिसर में पत्रकारों के सवाल पर थरूर ने मुस्कुराते हुए यह जवाब दिया।
कांग्रेस सांसद थरूर ‘ऑपरेशन सिंदूर’पर भारत का पक्ष रखने के लिए विदेश की यात्रा पर गए थे। दुनिया के अलग-अलग देशों में भेजे गए सात प्रतिनिधिमंडलों में से एक का नेतृत्व किया था। थरूर ने राष्ट्र पहले की बात कहते हुए सरकार के इस कदम का समर्थन किया था। उन्होंने लेख लिख कर प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ भी की थी।
इसके बाद से माना जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व उनके इस कदम से खुश नहीं है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने थरूर से ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा का नेतृत्व करने के लिए कहा था। लेकिन थरूर ने इससे इनकार कर दिया।
कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि सरकार ने उससे इन प्रतिनिधिमंडलों में जाने के लिए चार नाम मांगे थे, इस पर चार नाम सरकार को दिए गए थे। लेकिन सरकार ने उन नामों को दरकिनार करते हुए शशि थरूर और सलमान खुर्शीद समेत अन्य नेताओं को प्रतिनिधिमंडल में शामिल कर लिया।
भारत लौटने के बाद भी थरूर और कांग्रेस के बीच रिश्ते सामान्य नहीं हुए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने थरूर का नाम लिए बिना कहा कि कुछ लोगों के लिए मोदी पहले हैं और देश बाद में। खड़गे का यह बयान थरूर के सरकार की ओर झुकाव को लेकर था।