रूपाणी की अंतिम यात्रा का खर्च भाजपा ने नहीं दिया: व्यापारियों को पूर्व सीएम के घर भेजा, अहमदाबाद प्लेन क्रैश में जान गई थी

रूपाणी की अंतिम यात्रा का खर्च भाजपा ने नहीं दिया: व्यापारियों को पूर्व सीएम के घर भेजा, अहमदाबाद प्लेन क्रैश में जान गई थी

रूपाणी की अंतिम यात्रा का खर्च भाजपा ने नहीं दिया:  व्यापारियों को पूर्व सीएम के घर भेजा, अहमदाबाद प्लेन क्रैश में जान गई थी

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अहमदाबाद3 घंटे पहलेलेखक: जिग्नेश कोटेचा

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विजय रूपाणी का अंतिम संस्कार 16 जून को राजकोट में किया गया था।

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की अंतिम यात्रा का खर्च उठाने से भाजपा ने इनकार कर दिया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि अंतिम संस्कार में खर्च हुए 20-25 लाख रुपए रूपाणी परिवार देगा।

दिव्य भास्कर के सूत्रों के मुताबिक, अंतिम यात्रा के दौरान फूल, टेंट और अन्य व्यवस्था करने वाले व्यापारी जुलाई में रूपाणी के घर गए और परिवार से पैसे मांगे थे। परिवार को जब पता चला कि पार्टी की ओर से भुगतान नहीं हुआ तो उन्हें झटका लगा। हालांकि उन्होंने पैसे चुका दिए। दिव्य भास्कर को रूपाणी के पारिवारिक मित्र ने बताया,

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पैसे का सवाल नहीं है, लेकिन बीजेपी का ऐसा रवैया बेहद तकलीफदेह और बेदर्दी भरा है। पार्टी ने पहले कोई सूचना भी नहीं दी।

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वहीं, इस मामले में सौराष्ट्र के दो बड़े नेता हस्तक्षेप कर चुके हैं। उन्होंने मध्यस्थता करके स्थिति को शांत करने की कोशिश की है। विजय रूपाणी का निधन 12 जून को अहमदाबाद में एअर इंडिया के विमान दुर्घटना में हुआ था। रूपाणी का 16 जून को राजकोट में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम संस्कार किया गया था।

रूपाणी की अंतिम यात्रा के दौरान ट्रक को फूल से सजाया गया था।

रूपाणी की अंतिम यात्रा के दौरान ट्रक को फूल से सजाया गया था।

रिश्तेदार बोले- ये परिवार के लिए बेहद दुखद

परिवार के करीबी लोगों ने बताया कि विजय रूपाणी ने अपना पूरा जीवन भाजपा और समाज की सेवा को समर्पित किया था। ऐसे में उनकी अंतिम यात्रा का खर्च उठाने से पार्टी का पीछे हटना परिवार के लिए बेहद दुखद रहा। परिवार का कहना है कि उन्हें पैसों की कमी नहीं है, लेकिन पार्टी का यह रवैया इंसानियत और सम्मान के नजरिए से ठीक नहीं माना जा सकता।

16 जून- रूपाणी का राजकोट में अंतिम संस्कार हुआ था

विजय रूपाणी का अंतिम संस्कार 16 जून को राजकोट में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ किया गया था। इस दौरान लाखों लोगों की भीड़ और भाजपा के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में लगभग 6 किलोमीटर लंबी अंतिम यात्रा निकाली गई थी।

अंतिम यात्रा के समय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल सहित कई बड़े नेता मौजूद रहे। राजकोट और आसपास के जिलों से हजारों लोग भावपूर्ण श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे।

विजय रूपाणी का राजकोट में 16 जून को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम संस्कार किया गया था।

विजय रूपाणी का राजकोट में 16 जून को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम संस्कार किया गया था।

रूपाणी की अंतिम यात्रा के समय भाजपा के बड़े नेताओं के साथ ही लाखों लोग भी पहुंचे थे।

रूपाणी की अंतिम यात्रा के समय भाजपा के बड़े नेताओं के साथ ही लाखों लोग भी पहुंचे थे।

आनंदीबेन के इस्तीफे के बाद सीएम बने थे रूपाणी

विजय रूपाणी 2016 में आनंदीबेन पटेल के इस्तीफे के बाद पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने और 2017 में विधानसभा चुनाव जीतकर दोबारा मुख्यमंत्री बने। 2021 में उन्होंने अचानक इस्तीफा दे दिया था, जिसे राजनीतिक जगत में चौंकाने वाला कदम माना गया था।

अहमदाबाद प्लेन क्रैश में 270 लोगों की जान गई थी

अहमदाबाद में 12 जून को एअर इंडिया का प्लेन क्रैश हुआ था। हादसे में 270 लोगों की जान गई थी। विमान में 242 लोग सवार थे। जिस मेडिकल हॉस्टल पर विमान गिरा था, वहां 29 लोगों की जान गई थी। हादसे में जान गंवाने वालों में 52 ब्रिटिश नागरिक थे। हादसे में विमान में सवार विश्वास कुमार नाम के एकमात्र यात्री जीवित बचे थे।

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विजय रूपाणी के बेटे बोले-हादसे से पहले बात हुई थी:बेटी राधिका ने सुनाए बचपन के किस्से

कल 12 जुलाई को अहमदाबाद विमान दुर्घटना को एक महीना हो जाएगा। इस हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का भी निधन हो गया है। वो पैसेंजर लिस्‍ट में पैसेंजर नंबर 12 थे। विजय रूपाणी के बेटे ऋषभ ने बताया कि पापा से दुर्घटना से कुछ समय पहले ही बात हुई थी। जैसे ही प्लेन क्रैश की खबर आई तो मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई। पूरी खबर पढ़ें…

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