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नई दिल्ली10 मिनट पहले
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चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार नई दिल्ली में विपक्ष के वोट चोरी और चुनाव आयोग पर लगाए आरोपों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
चुनाव आयोग (EC) नई दिल्ली के नेशनल मीडिया सेंटर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा है। राहुल गांधी का बिना नाम लिए चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने कहा- PPT प्रजेंटेशन में दिखाया डेटा हमारा नहीं है। वोट चोरी के आरोपों पर हलफनामा दें या देश से माफी मांगे। 7 दिन में हलफनामा नहीं मिला तो आरोपों को निराधार समझा जाएगा।
एक पार्टी के साथ सांठगांठ के आरोपों पर CEC ज्ञानेश कुमार ने कहा- हमारे लिए न कोई पक्ष और न विपक्ष है। सभी राजनीतिक दल बराबर हैं। अगर सही समय पर त्रुटि हटाने का आवेदन न हो और फिर वोट चोरी जैसे गलत शब्दों का इस्तेमाल कर जनता को गुमराह किया जाए तो ये लोकतंत्र का अपमान है।
CEC ने कहा- कुछ मतदाताओं ने वोट चोरी के आरोप लगाए, सबूत मांगने पर जवाब नहीं मिला। ऐसे आरोपों से इलेक्शन कमीशन नहीं डरता है। चुनाव आयोग के कंधे पर बंदूक रखकर मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है। हम स्पष्ट करते हैं कि चुनाव आयोग निडरता के साथ गरीब, अमीर, बुजुर्ग, महिला, युवा समेत सभी धर्मों-वर्गों के लोगों के साथ चट्टान के साथ खड़ा है, खड़ा था और खड़ा रहेगा।
दरअसल, राहुल ने 7 अगस्त को EC पर वोट चोरी के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था, ‘वोट चोरी हो रहे हैं। हमारे पास सबूत है कि चुनाव आयोग चोरी में शामिल है। वे भाजपा के लिए ऐसा कर रहे हैं।’

7 अगस्त: राहुल का आरोप- EC ने BJP के साथ चुनाव चुराया

राहुल गांधी ने 7 अगस्त को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके चुनाव आयोग पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया था।
राहुल गांधी ने वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर 1 घंटे 11 मिनट तक 22 पेज का प्रेजेंटेशन दिया। राहुल ने स्क्रीन पर कर्नाटक की वोटर लिस्ट दिखाते हुए कहा कि वोटर लिस्ट में संदिग्ध वोटर मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के नतीजे देखने के बाद हमारा शक पुख्ता हुआ कि चुनाव में चोरी हुई है। मशीन रीडेबल वोटर लिस्ट नहीं देने से हमें भरोसा हुआ कि EC ने भाजपा के साथ मिलकर महाराष्ट्र चुनाव चोरी किया है। हमने यहां वोट चोरी का एक मॉडल पेश किया। मुझे लगता है इसी मॉडल का प्रयोग देश की कई लोकसभा और विधानसभा सीटों पर हुआ।

चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….
अपडेट्स
35 मिनट पहले
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CEC ने कहा- महाराष्ट्र में रिजल्ट आने के बाद गलतियां याद आईं
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा- आरोप लगाए गए थे कि महाराष्ट्र में मतदाता सूची में गड़बड़ी हुई है। जब ड्राफ्ट सूची थी, तो दावे और आपत्तियां समय पर क्यों नहीं जमा की गईं? जब नतीजे आए तब कहा गया कि ये गलत है। आज तक महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी को एक भी मतदाता का नाम सबूत के साथ नहीं मिला है। चुनाव हुए आठ महीने हो गए हैं।
उन्होंने आगे कहा- ये भी पूछा गया था कि आखिरी एक घंटे में इतनी वोटिंग कैसे हुई? चुनाव आयोग ने जवाब दिया था कि अगर 10 घंटे वोटिंग होती है, तो औसत हर घंटे 10% होता है। किसी भी बात को 10 बार, 20 बार कहने से वो सच नहीं हो जाता। सूरज पूरब में ही उगता है। किसी के कहने से वो पश्चिम में नहीं उगता।
43 मिनट पहले
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ज्ञानेश कुमार ने कहा- हलफनामा दे या मांफी मांगे
चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने कहा- सभी मतदाताओं को अपराधी बनाया जा रहा है। इस पर चुनाव आयोग शांत रहेगा, ऐसा संभव नहीं है। हलफनामा देना होगा या देश से माफी मांगनी होगी। तीसरा कोई विकल्प नहीं है। अगर 7 दिनों के अंदर हलफनामा नहीं मिलता है, तो इसका मतलब है कि ये सभी आरोप बेबुनियाद हैं।
48 मिनट पहले
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CEC बोले- 1 सितंबर से पहले पार्टियां गलतियां बताएं
11:04 AM17 अगस्त 2025
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ज्ञानेश कुमार बोले- चुनाव से पहले वोटर लिस्ट दुरुस्त करना काम
चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने कहा- कुछ लोग गुमराह कर रहे हैं कि SIR में हड़बड़ी क्यों? वोटर लिस्ट चुनाव से पहले दुरुस्त होनी चाहिए या बाद में? चुनाव आयोग ये नहीं कह रहा। यह लोकप्रतिनिधित्व कानून कहता है कि आपको हर चुनाव से पहले वोटर लिस्ट दुरुस्त करनी है। ये चुनाव आयोग की कानूनी जिम्मेदारी है। फिर सवाल उठा कि क्या चुनाव समिति बिहार के सात करोड़ से ज़्यादा वोटरों तक पहुंच पाएगी? सच्चाई ये है कि ये काम 24 जून को शुरू हुआ था। पूरी प्रक्रिया लगभग 20 जुलाई तक पूरी हो गई थी।
10:50 AM17 अगस्त 2025
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CEC ने कहा- SIR का उद्देश्य वोटर लिस्ट को शुद्ध करना है
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, ‘पिछले 20 सालों में SIR नहीं किया गया। अब तक देश में 10 से ज्यादा बार SIR किया जा चुका है। SIR का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना है। राजनीतिक दलों से कई शिकायतें मिलने के बाद SIR किया जा रहा है।’
10:46 AM17 अगस्त 2025
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CEC बोले- चुनाव आयोग की वेबसाइट पर वोटर लिस्ट
10:40 AM17 अगस्त 2025
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CEC ने कहा- यदि निर्वाचन क्षेत्र के वोटर नहीं तो गवाह के तौर पर शिकायत कर सकते
CEC ज्ञानेश कुमार ने कहा- यदि शिकायतकर्ता उस निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं, तो आपके पास कानून में केवल एक ही विकल्प है। वह है निर्वाचक पंजीकरण नियम, नियम संख्या 20, उप-खंड (3), उप-खंड (B)। यह कहता है कि यदि आप उस निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं, तो आप गवाह के रूप में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं और आपको निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी को शपथ देनी होगी। वह शपथ उस व्यक्ति के सामने दिलानी होगी जिसके खिलाफ आपने शिकायत की है।
10:29 AM17 अगस्त 2025
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CEC बोले- केवल भारतीय नागरिक ही सांसद-विधायक चुनाव में वोट डाल सकते हैं
CEC ज्ञानेश कुमार ने कहा- मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि भारत के संविधान के अनुसार, केवल भारतीय नागरिक ही सांसद और विधायक के चुनाव में वोट दे सकते हैं। दूसरे देशों के लोगों को यह अधिकार नहीं है। अगर ऐसे लोगों ने गणना फॉर्म भरा है, तो SIR प्रक्रिया के दौरान उन्हें कुछ दस्तावेज जमा करके अपनी राष्ट्रीयता साबित करनी होगी। जांच के बाद उनके नाम हटा दिए जाएंगे।
10:27 AM17 अगस्त 2025
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ज्ञानेश कुमार बोले- चुनाव आयुक्त तय करेंगे कि बंगाल में कब SIR होगा
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, ‘तीनों चुनाव आयुक्त तय करेंगे कि पश्चिम बंगाल या अन्य राज्यों में SIR की प्रक्रिया कब शुरू की जाएगी।’
10:22 AM17 अगस्त 2025
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CEC बोले- वोटर्स लिस्ट की गलती पहले नजर क्यों नहीं आई
CEC ज्ञानेश कुमार ने कहा- संविधान के हिसाब से ईसी की जिम्मेदारी है, लेकिन हम 800 लोगों का समूह हैं। इसके लिए लोक प्रतिनिधि कानून के अनुसार कई अधिकारी और पार्टियां शामिल होती है। इसके बाद भी मतगणना के 45 दिन तक कोर्ट जाकर आपत्ति लगा सकते हैं। जब ये प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तो तब किसी भी दल को इसमें गलती नजर नहीं आई तो आज आरोप लगाने के पीछे मकसद क्या है, जनता समझती है।
10:18 AM17 अगस्त 2025
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CEC बोले- पार्टियों से वोटर लिस्ट शेयर होती है
CEC ज्ञानेश कुमार ने कहा- पार्टियों से मतदाताओं की ड्राफ्ट और फाइनल सूची शेयर की जाती है। इसके बाद भी त्रुटि होने पर डीएम से अपील होती है। वहां भी स्टेट के ईसी के पास अपील होती है। अंतिम सूची के बाद चुनाव होते हैं, फिर कैंडिडेट को ये सूची मतदान केंद्रवार दी जाती है। जब मतदान होता है तो पोलिंग एजेंट को नामित करती है पोलिंग पार्टी। इसे पोलिंग एजेंट देखते हैं वह तभी ओबजेक्शन कर सकते हैं। इसके बाद परिणाम आता है। ये डिसेंट्रलाइज्ड प्रक्रिया है।
10:14 AM17 अगस्त 2025
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CEC ज्ञानेश बोले- पारदर्शी प्रक्रिया में कोई वोट नहीं चुरा सकता
CEC ज्ञानेश कुमार ने कहा- लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया में एक करोड़ से ज्यादा कर्मचारी, 10 लाख से ज्यादा बूथ लेवल एजेंट, उम्मीदवारों के 20 लाख से ज्यादा पोलिंग एजेंट काम करते हैं। इतने सारे लोगों के सामने इतनी पारदर्शी प्रक्रिया में क्या कोई मतदाता वोट चुरा सकता है?
10:11 AM17 अगस्त 2025
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CEC बोले- वोटर्स की फोटो बिना परमिशन मीडिया को दिखाई गई
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, ‘हमने कुछ दिन पहले देखा कि कई मतदाताओं की तस्वीरें बिना उनकी अनुमति के मीडिया के सामने पेश की गईं। उन पर आरोप लगाए गए, उनका इस्तेमाल किया गया। क्या चुनाव आयोग को किसी भी मतदाता, चाहे वह उनकी मां हो, बहू हो, बेटी हो, के सीसीटीवी वीडियो साझा करने चाहिए? जिनके नाम मतदाता सूची में हैं, वे ही अपने उम्मीदवार को चुनने के लिए वोट डालते हैं।
10:06 AM17 अगस्त 2025
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CEC ज्ञानेश कुमार बोले- SIR में गड़बड़ी हटाने के लिए 15 दिनों का समय बाकी
चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने कहा- बिहार के SIR में त्रुटि हटाने के लिए अभी भी 15 दिनों का समय बाकी है। ईसी सभी दलों और बीएलए को आह्वान करता है कि आने वाले 15 दिनों में सूची में त्रुटि को फॉर्म भरकर बताएं, सभी के लिए ईसी के दरवाजे खुले हैं। जमीनी लेवल पर सभी बीएलओ, बीएलए और मतदाता मिलकर काम कर रहे हैं। ये गंभीर चिंता का विषय है कि राजनीतिक दलों के बीएलए के द्वारा सत्यापित ये सूची के बारे में सूचना उनके हाईकमान के पास नहीं पहुंच पा रही है या भ्रम फैलाने की कोशिश हो रही है।
10:03 AM17 अगस्त 2025
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CEC ने कहा- वोटर लिस्ट के सुधार में राजनीतिक दल और मतदाता योगदान दे रहे
CEC ने कहा- पिछले 2 दशक से मतदाता सूची में सुधार की मांग की गई, जिसके बाद SIR की शुरुआत बिहार से की गई। इस प्रक्रिया में बीएलओ और राजनीतिक पार्टियों द्वारा नामित बीएलए ने मिलकर प्रारूप सूची तैयार की है। जब से तैयार हो रही थी तो सभी राजनीतिक दलों के बीएलए से साइन कर सत्यापित की। इसमें त्रुटि हटाने के लिए सभी राजनीतिक दल और मतदाता योगदान दे रहे हैं। जो मतदाता 1 जुलाई या 1 अक्टूबर को 18 साल के होने वाले हैं। ऐसे 1 लाख मतदाताओं ने भी आवेदन किया है।
09:58 AM17 अगस्त 2025
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CEC बोले- चुनाव आयोग के दरवाजे सभी के लिए खुले
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ने कहा- चुनाव आयोग के दरवाजे सभी के लिए समान रूप से हमेशा खुले हैं। जमीनी स्तर पर सभी मतदाता, सभी राजनीतिक दल और सभी बूथ-स्तरीय अधिकारी पारदर्शी तरीके से मिलकर काम कर रहे हैं। सत्यापन कर रहे हैं, हस्ताक्षर कर रहे हैं और वीडियो प्रशंसापत्र भी दे रहे हैं।
09:49 AM17 अगस्त 2025
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CEC बोले- हर नागरिक को वोटर बनना जरूरी
चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने कहा- सीईसी- सबसे पहले चुनाव आयोग मतदाताओं के नाम एक संदेश देना चाहता है भारत के संविधान के अनुरूप भारत का प्रत्येक नागरिक (18 साल से ऊपर) उसे मतदान जरूर बनना चाहिए।
09:31 AM17 अगस्त 2025
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शुरुआत कर्नाटक से की, महादेवपुरा सीट पर 1 लाख वोट चोरी

कर्नाटक की महादेवपुरा असेंबली सीट की वोटर लिस्ट स्क्रीन पर दिखाते हुए राहुल ने कहा कि यहां के 6.5 लाख वोट में से 1 लाख वोटों की चोरी हुई है। कांग्रेस के रिसर्च में यहां एक लाख के करीब गलत पते और एक ही पते पर बल्क वोटर और डुप्लीकेट वोटर्स का पता चला।
कर्नाटक में हमें 16 सीटों पर जीत मिलती, लेकिन हम सिर्फ 9 सीटों पर जीते। हमने इन सात हारी हुई सीटों में से एक सीट पर जांच-पड़ताल की, वो सीट थी बेंगलुरु सेंट्रल। इस सीट पर कांग्रेस को 6,26,208 वोट मिले।
भाजपा को 6,58,915 वोट मिले। दोनों पार्टियों को मिले वोटों का अंतर सिर्फ 32,707 था। वहीं जब महादेवपुरा असेंबली सीट पर वोटिंग हुई तो दोनों पार्टियों के बीच वोट का अंतर 1,14,046 का रहा। राहुल ने कहा- इस हिसाब से देखें तो 1 लाख से ज्यादा वोटों की चोरी हुई। ये वोट चोरी पांच प्रकार से की गई थी।
फिर महाराष्ट्र और हरियाणा का जिक्र
- महाराष्ट्र में 40 लाख फर्जी नाम: महाराष्ट्र में चंद महीने में लाखों मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े गए, जो काफी चिंताजनक है। 40 लाख वोटर रहस्यमयी हैं। यहां पांच महीने में कई वोटर जोड़े गए। वोटर लिस्ट को लेकर चुनाव आयोग को जवाब देना चाहिए। उन्हें बताना चाहिए कि क्या वोटर लिस्ट सही है या गलत। शाम पांच बजे के बाद वोटर टर्नआउट का बढ़ना भी हैरान करने वाला है। शाम पांच बजे के बाद वोटिंग क्यों बढ़ी? चुनाव आयोग इसका जवाब दे। कांग्रेस पार्टी ने वोटों की धांधली के मामले में चुनाव आयोग से सवाल पूछे हैं, लेकिन आयोग ने एक भी जवाब नहीं दिया। हमें वोटों की चोरी पकड़ने में छह महीने का वक्त लगा है।
- हरियाणा में हार के लिए वोटर लिस्ट को जिम्मेदार बताया: ये गड़बड़ियां इसलिए हैं क्योंकि चुनाव आयोग वोटर्स का डेटा उपलब्ध नहीं कराता। उन्होंने आरोप लगाया कि इस वजह से वोटों की चोरी हो रही है। हरियाणा में कांग्रेस की हार के लिए उन्होंने इन गड़बड़ियों को ही जिम्मेदार बताया।
09:28 AM17 अगस्त 2025
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बताया- 6 महीने में 7 फीट तक ऊंचे पेपर्स खंगाले, सबूत जुटाए

राहुल ने बताया कि लाखों पेपर्स की मैनुअली चेकिंग के बाद हमने ये सबूत जुटाए हैं। अगर इन पेपर्स को एक गड्डी बनाकर रख दिया जाए तो यह 7 फीट ऊंचा हो जाएगा। सबूतों को जुटाने में करीब 6 महीने का वक्त लगा। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि चुनाव आयोग ने जानबूझकर हमें नॉन मशीन रीडेबल पेपर्स मुहैया कराए, ताकि इन्हें मशीन से स्कैन न किया जा सके।

09:27 AM17 अगस्त 2025
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राहुल ने प्रेजेंटेशन में दिखाया चोरी कैसे हुई

1. डुप्लीकेट वोटर्स: 11,965: राहुल का दावा- वोटर लिस्ट में एक ही शख्स कई जगह नजर आया। हर बार उसका बूथ नंबर अलग था। 11 हजार संदिग्ध ऐसे हैं, जिन्होंने तीन-तीन बार वोट डाला। ये लोग कहां से आ रहे हैं?

2. फेक एड्रेस: 40,009 वोटर्स: राहुल का दावा- बेंगलुरु सेंट्रल में 40 हजार से ज्यादा वोटर्स का पता फर्जी पाया गया। उन पतों पर कोई नहीं रह रहा था, तो फिर वोट किसने डाला। एक ही पते पर 46 वोटर्स हैं।

3. एक पते पर कई वोटर्स: राहुल का तीसरा दावा- एक पते पर कई वोटर्स मिले। बूथ नंबर 470 पर लिस्टेड 35 नंबर के घर पर 80 मतदाता मिले। वहीं ऐसे ही दूसरे घर में एक साथ 46 वोटर्स लिस्ट किए गए।

4. अवैध फोटो: राहुल का दावा- 4132 वोटर्स ऐसे थे जिनकी वोटर आईडी में तस्वीर इनवैलिड थी। कुछ तस्वीरें इतनी छोटी थीं कि उन्हें पहचानना मुश्किल था, तो फिर उन्होंने वोट कैसे डाल दिया।

5. फॉर्म -6 से फर्जीवाड़ा: 70 साल की शकुन रानी ने एक महीने के अंदर दो बार वोटर आईडी कार्ड बनवाने के लिए फॉर्म 6 भरा। एक बार उनकी तस्वीर दूर से खींची गई थी। दूसरी बार उन्होंने जूम करके तस्वीर लगाई। फॉर्म 6 वह फॉर्म है जिससे कोई भी नया मतदाता, यानी जिसने पहले कभी वोटर कार्ड नहीं बनवाया है। वह अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने के लिए आवेदन करता है।

09:26 AM17 अगस्त 2025
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राहुल के चुनाव आयोग पर आरोप के 3 मामले…
2 अगस्त: संविधान की रक्षा करने वाली संस्था को मिटा दिया गया राहुल ने कहा कि संविधान की रक्षा करने वाली संस्था को मिटाकर उस पर कब्जा कर लिया गया है। हमारे पास ऐसे सबूत हैं जो पूरे देश को दिखा देंगे कि चुनाव आयोग जैसी संस्था का कोई अस्तित्व ही नहीं है। यह गायब हो गई है।
उन्होंने कहा- चुनाव आयोग जैसी संस्था ठीक से काम नहीं करती। आपको जानकर हैरानी होगी कि चुनाव आयोग जो दस्तावेज उपलब्ध कराता है, उन्हें स्कैन या कॉपी नहीं किया जा सकता। चुनाव आयोग मतदाता सूची पर स्कैन और कॉपी प्रोटेक्शन क्यों लागू करता है?
1 अगस्त 2025: राहुल बोले- मेरे पास वोट चोरी के 100% सबूत

राहुल ने कहा- मैं इसे हल्के में नहीं बल्कि सौ प्रतिशत प्रमाण के साथ कह रहा हूं। जैसे ही हम इसे जारी करेंगे, पूरे देश को पता चल जाएगा कि चुनाव आयोग भाजपा के लिए वोट चुराने का काम कर रहा है। हमें मध्य प्रदेश चुनाव, लोकसभा चुनाव में शक था, महाराष्ट्र चुनाव के दौरान हमारा शक और बढ़ गया।
24 जुलाई 2025: आप सोचते हैं कि बच जाएंगे, गलतफहमी है राहुल ने कहा- चुनाव आयोग ने कर्नाटक की एक सीट पर धोखाधड़ी कराई। हमारे पास इसके 100% सबूत हैं। एक ही निर्वाचन क्षेत्र में 50, 60 और 65 साल के हजारों नए वोटरों को सूची में जोड़ा गया है और 18 साल से ज्यादा उम्र के वोटरों को सूची से हटा दिया गया है।
उन्होंने कहा- हमे अभी एक सीट की जांच में यह गड़बड़ी मिली। मुझे पूरा यकीन है कि हर सीट पर यही नाटक चल रहा है। मैं चुनाव आयोग को एक मैसेज देना चाहता हूं। अगर आपको लगता है कि आप इससे बच निकलेंगे, तो ये आपकी गलतफहमी है।

09:26 AM17 अगस्त 2025
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भाजपा का दावा- सोनिया भारतीय नागरिक बनने से पहले वोटर बन गई थीं

भाजपा की आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने दावा किया कि सोनिया गांधी का नाम भारत की वोटर लिस्ट में तब शामिल हुआ, जब वे भारतीय नागरिक भी नहीं थीं। वहीं, भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि रायबरेली में एक ही घर पर 47 वोटर्स कैसे रजिस्टर किए गए, राहुल और सोनिया को कभी ये नाम नहीं दिखे। पूरी खबर पढ़ें…
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