नागपुर2 मिनट पहले

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हमने पहलगाम हमले का पूरी तैयारी से जवाब दिया। हम सबके लिए मित्रता रखेंगे, लेकिन सुरक्षा के लिए सतर्क रहना होगा।

RSS प्रमुख ने यह बात गुरुवार को नागपुर में विजयादशमी पर संगठन के शताब्दी समारोह में कही। उन्होंने कहा कि आज के समय में कोई अकेले जीवन जी नहीं सकता है। वैश्विक सहयोग और समन्वय जरूरी है।

इससे पहले भागवत ने सबसे पहले RSS के संस्थापक डॉ हेडगेवार को श्रद्धांजलि दी। मुख्य अतिथि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. रामनाथ कोविंद ने भी नमन किया।

इसके बाद मोहन भागवत ने शस्त्र पूजन किया। थोड़ी देर में भागवत संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम नागपुर के रेशम बाग मैदान में आयोजित किया जा रहा है। इसमें 21000 स्वयंसेवकों ने भाग लिया।

विजय दशमी उत्सव संघ की देशभर की 83 हजार से अधिक शाखाओं में भी मनाया जा रहा है। संघ विजयादशमी पर अपना स्थापना दिवस मनाता है। 1925 में विजयादशमी के दिन डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने RSS की शुरुआत की थी।

कार्यक्रम से जुड़ी 5 तस्वीरें…

कार्यक्रम की शुरुआत करने से पहले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने संस्थापक डॉ हेडगेवार को श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम की शुरुआत करने से पहले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने संस्थापक डॉ हेडगेवार को श्रद्धांजलि दी।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में आयोजित कार्यक्रम में शस्त्र पूजन किया।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में आयोजित कार्यक्रम में शस्त्र पूजन किया।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संघ की प्रार्थना की।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संघ की प्रार्थना की।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

स्वंयसेवकों ने पथ संचालन किया और बैंड की प्रस्तुति दी।

स्वंयसेवकों ने पथ संचालन किया और बैंड की प्रस्तुति दी।

घाना, इंडोनेशिया से भी मेहमान शामिल हुए विजयादशमी उत्सव में लेफ्टिनेंट जनरल राणा प्रताप कलित, दक्षिण भारत की कंपनी डेक्कन समूह से केवी कार्तिक और बजाज समूह से संजीव बजाज को भी आमंत्रित किया गया है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने इस उत्सव में विदेशी मेहमानों को भी आमंत्रित किया है। इसमें घाना, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, थाईलैंड, यूके, यूएसए शामिल हैं।

लाइव अपडेट्स

10 मिनट पहले

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मोहन भागवत बोले- बाहर की ताकतों को खेल खेलना का मौका मिलेगा 

मोहन भागवत ने कहा- प्राकृतिक उथल-पुथल के बाद पड़ोसी देशों में भी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। कभी-कभी होता है प्रशासन जनता को ध्यान में रखकर नीति नहीं बनाता, उनमें असंतोष होता है लेकिन उसका इस तरह से सामने आना वह ठीक नहीं है। इतनी हिंसा सही नहीं है। लोकतांत्रिक तरीके से बदलाव आता है।

उन्होंने कहा कि ऐसे ही हिंसक परिवर्तनों से उद्देश्य नहीं मिलता बल्कि अराजकता की स्थिति में बाहर की ताकतों को खेल खेलना का मौका मिल जाता है। पड़ोसी देशों में ऐसा होना हमारे लिए चिंता का विषय है, क्योंकि वे पहले हमारे लोग ही थे। परिस्थिति ऐसी हैं कि सुख सुविधा बढ़ी, राष्ट्र पास आए,आर्थिक लेने देन के जरिए पास आए। मनुष्य जीवन में जंग और कलह चल रहे हैं अब परिवारों में भी टूटन आ रही है।

17 मिनट पहले

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आरएसएस प्रमुख ने कहा,आज आप अकेले नहीं जी सकते  

आरएसएस प्रमुख ने कहा कि अमेरिका ने जो नई टैरिफ नीति अपनाई उसकी मार सभी पर पड़ रही है। इसलिए दुनिया में आपसी संबंध बनाने पड़ते हैं। आप अकेले नहीं जी सकते लेकिन ये निर्भरता मजबूरी में न बदल जाए। इसलिए हमको इसको मजबूरी न बनाते हुए जीना बनाते हुए आत्मनिर्भर होना पड़ेगा।

21 मिनट पहले

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RSS प्रमुख ने कहा- हमें अपनी सुरक्षा के लिए सजग रहना होगा

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि सादगी विनम्रता के प्रतीक, जिन्होंने देश के लिए प्राण दिए ऐसे ही एक लाल बहादुर शास्ती की भी जयंती है। परिस्थिति एक जैसी नहीं होती, अनेक रंगो जैसी होती है। हमारी आशाएं और विश्वास को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि पहलगाम दुर्घटना हुई, धर्म पूछकर उनकी हत्या की गई। उसके चलते पूरे देश में क्रोध और दुख था। सेना और सरकार ने पूरी तैयारी से जवाब दिया। सारे प्रकरण में हमारे नेतृत्व की दृढता का चित्र प्रकाशित हुआ। यदि हम सबके प्रति मित्रता रखेंगे लेकिन अपनी सुरक्षा के लिए सजग रहना होगा।

24 मिनट पहले

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RSS प्रमुख ने कहा-आजादी महात्मा गांधी का भी प्रमुख योगदान 

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा,”यह साल श्रीगुरुतेग बहादुकर के बलिदान का 350वां वर्ष है। हिंद की चादर बनकर जिन्होंने अन्याय से समाज की मुक्ति के लिए अपना बलिदान दिया। ऐसे विभूति का स्मरण इस साल होगा।” उन्होंने कहा,”आज गांधी जी की भी जयंती है। उनका योगदान अविस्मरणीय है। आजादी के बाद भारत का तंत्र कैसा चले उसके बारे में विचार देने वालों में उनका नाम था।”

31 मिनट पहले

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पूर्व राष्ट्रपति कोविंद बोले- नागपुर की भूमि महान विभूतियों की रही है

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “आज का विजयादशमी उत्सव आरएसएस की शताब्दी का प्रतीक है। नागपुर की पावन भूमि आधुनिक भारत की कुछ महान विभूतियों की स्मृतियों से जुड़ी है। डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और डॉ. भीमराव अंबेडकर भी उनमें शामिल हैं।”

46 मिनट पहले

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RSS के शताब्दी वर्ष पर दलाई लामा का संदेश

49 मिनट पहले

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RSS कार्यक्रम में विदेशी मेहमान भी शामिल हुए, VIDEO

02:39 AM2 अक्टूबर 2025

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RSS कार्यक्रम में स्वंयसेवकों का पथ संचालन और बैंड की प्रस्तुति

02:24 AM2 अक्टूबर 2025

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RSS कार्यक्रम में नितिन गडकरी, देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद रहे

02:18 AM2 अक्टूबर 2025

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RSS प्रमुख मोहन भागवत ने शस्त्र पूजन किया, VIDEO

02:12 AM2 अक्टूबर 2025

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RSS प्रमुख मोहन भागवत ने डॉ हेडगेवार को श्रद्धांजलि दी

01:58 AM2 अक्टूबर 2025

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पुणे में RSS ने पथ संचालन किया, VIDEO

01:57 AM2 अक्टूबर 2025

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यह संघ का स्वर्णिम काल है- कोविंद

बुधवार को नागपुर पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आरएसएस के 100 साल पूरे होने पर कहा, हमारे देश ने बहुत विकास किया है। यह संघ का स्वर्णिम काल है। हर कोई चाहता है कि हमारा देश ‘विकसित देश’ बने। हम 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

01:56 AM2 अक्टूबर 2025

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मोदी ने डाक टिकट और सिक्का जारी किया

PM नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी समारोह में बुधवार को नई दिल्ली में कहा, “संघ के स्वयंसेवकों ने कभी कटुता नहीं दिखाई। चाहे प्रतिबंध लगे, या साजिश हुई हो। सभी का मंत्र रहा है कि जो अच्छा है, जो कम अच्छा, सब हमारा है।

उन्होंने इस मौके पर RSS के योगदान को दर्शाने वाला स्मारक डाक टिकट और सिक्का भी जारी किया। उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवक जो लगातार देश सेवा में जुटे हैं। समाज को सशक्त कर रहे हैं, इसकी भी झलक इस डाक टिकट में है। मैं इसके लिए देश को बधाई देता हूं।

डाक टिकट पर 'राष्ट्र सेवा के 100 वर्ष (1925-2025)' लिखा है। सिक्के पर एक तरफ ₹100, सत्यमेव जयते और भारत/INDIA लिखा है। दूसरी तरफ, भारत माता और संघ कार्यकर्ताओं की आकृति उकेरी गई। साथ में लिखा है 'राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के 100 वर्ष (1925-2025)'

डाक टिकट पर ‘राष्ट्र सेवा के 100 वर्ष (1925-2025)’ लिखा है। सिक्के पर एक तरफ ₹100, सत्यमेव जयते और भारत/INDIA लिखा है। दूसरी तरफ, भारत माता और संघ कार्यकर्ताओं की आकृति उकेरी गई। साथ में लिखा है ‘राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के 100 वर्ष (1925-2025)’

मोदी के स्पीच की 3 बड़ी बातें, कहा-हमें घुसपैठियों से बड़ी चुनौती मिल रही

  • 100 साल पहले RSS की स्थापना संयोग नहीं था: PM ने कहा, अन्याय पर न्याय,अंधकार पर प्रकाश की जीत… यह भारतीय संस्कृति के विचार और विश्वास का कालजयी उद्घोष है। ऐसे महान पर्व पर 100 साल पहले RSS की स्थापना संयोग नहीं था। ये हजारों साल की परंपरा का पुनरुत्थान था, जिसमें राष्ट्र चेतना समय समय पर उस युग की चुनौतियों का सामना करने के लिए नए अवतारों में प्रकट होती है। संघ उसी अनादि राष्ट्र चेतना का पुण्य अवतार है।
  • संघ और स्वयंसेवकों का एक ही उद्देश राष्ट्र प्रथम: समाज के कई क्षेत्रों में संघ लगाातार काम कर रहा है। संघ की एक धारा, बंटती तो गई, लेकिन उनमें कभी विरोधाभास पैदा नहीं हुआ, क्योंकि हर धारा का उद्देश्य, भाव एक ही है, राष्ट्र प्रथम। अपने गठन के बाद से ही RSS विराट उद्देश्य लेकर चला राष्ट्र निर्माण, इसके लिए जो रास्ता चुना। व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण, जो पद्धति चुनी वह थी शाखा।
  • हमें घुसपैठियों से बड़ी चुनौती मिल रही: दूसरे देशों पर आर्थिक निर्भरता,डेमोग्राफी में बदलाव के षड्यंत्र जैसी चुनौतियों से हमारी सरकार तेजी से निपट रही है। स्वयंसेवक होने के नाते मुझे खुशी है कि संघ ने इसके लिए ठोस रोडमैप भी बनाया है। घुसपैठियों से बड़ी चुनौती मिल रही है। हमें इससे सतर्क रहना है।

01:56 AM2 अक्टूबर 2025

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शताब्दी समारोह: इस दशहरे से अगले दशहरे तक देश में ये कार्यक्रम होंगे

1. विजयादशमी उत्सव: मंडल और बस्ती स्तर पर गणवेश वाले स्वयंसेवक व उनके परिवारों की भागीदारी। देशभर में 2 अक्टूबर से, बंगाल में महालया से शुरुआत।

2. गृह संपर्क अभियान: हर घर जाकर 15 मिनट संघ की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम तीन सप्ताह तक चलेगा।

3. जन गोष्ठियां: मजदूर यूनियन, ऑटो चालकों और प्रबुद्ध वर्ग के बीच संवाद।

4. हिंदू सम्मेलन: नगर और खंड स्तर पर सामाजिक वर्गों को जोड़ने वाले सम्मेलन। पहले 1989 और 2006 में हुए थे।

5. सद्भाव बैठकें: 1 माह प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता, संस्थाओं व संतों की सहभागिता।

6. युवा सम्मेलन: 15-40 वर्ष के युवाओं के लिए सम्मेलन, जिसमें खेल-कूद भी।

7. शाखा विस्तार: एक सप्ताह सुबह और शाम की शाखाओं का देशभर में विस्तार।

01:56 AM2 अक्टूबर 2025

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आरआरएस के बारे में जानिए

01:55 AM2 अक्टूबर 2025

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2024 विजयादशमी: भागवत ने कहा था- बांग्लादेशी हिंदुओं को पूरी दुनिया की मदद चाहिए 

नागपुर में सुबह हुए पथ संचलन के बाद RSS चीफ मोहन भागवत ने शस्त्र पूजा की।

नागपुर में सुबह हुए पथ संचलन के बाद RSS चीफ मोहन भागवत ने शस्त्र पूजा की।

2024 में विजयादशमी पर मोहन भागवत ने बांग्लादेश, कोलकाता रेप-मर्डर, देश में बढ़ती हिंसक घटनाओं, इजराइल-हमास युद्ध और जुलूसों पर पथराव जैसे मुद्दों पर बात की थी।

संघ प्रमुख ने कहा था, “बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमला हो रहा है। वक्त की मांग यह है कि उन्हें न सिर्फ भारत, बल्कि पूरी दुनिया से मदद मिलनी चाहिए। भागवत ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर के रेप और मर्डर पर भी बात की। उन्होंने कहा कि यह समाज की सबसे शर्मनाक घटना है।”

01:55 AM2 अक्टूबर 2025

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2023 विजयादशमी: भागवत ने कहा था- कुछ लोग नहीं चाहते भारत में शांति हो

2023 में विजयादशमी पर मोहन भागवत ने कहा था, “कुछ लोग नहीं चाहते कि भारत में शांति हो। समाज में कलह फैलाने की कोशिश हो रही है। मणिपुर में जो हो रहा, करवाया जा रहा है। सांस्कृतिक मार्क्सवादी समाज में अराजकता फैला रहे हैं।”



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