कोलकाता5 मिनट पहले

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पश्चिम बंगाल विधानसभा में मार्शल ने भाजपा चीफ व्हिप शंकर घोष को जबरदस्ती सदन से बाहर निकाला।

पश्चिम बंगाल विधानसभा में गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ। बंगाली प्रवासियों पर हो रहे अत्याचारों पर सत्ता पक्ष की ओर से लाए प्रस्ताव पर चर्चा की जा रही थी। इस दौरान विपक्ष (भाजपा) ने नारेबाजी की।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रस्ताव पर बोलने वाली थीं। तभी भाजपा विधायकों ने 2 सितंबर को विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के निलंबन पर सवाल उठाते हुए नारे लगाए, जिसका TMC विधायकों ने विरोध किया।

हंगामे के बीच, विधानसभा स्पीकर बिमान बनर्जी ने अव्यवस्था फैलाने के आरोप में भाजपा के चीफ व्हिप शंकर घोष को विधानसभा से सस्पेंड कर दिया। घोष के जाने से इनकार करने पर मार्शलों को बुलाया गया और उन्हें घसीटकर सदन से बाहर निकाला गया।

बाहर निकालते समय वो गिर भी गए। इसका वीडियो भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया X पर पोस्ट किया। सुवेंदु ने लिखा- आज पश्चिम बंगाल विधानसभा में ममता बनर्जी और उनके गुलाम प्रशासन ने लोकतंत्र की हत्या कर दी।

पश्चिम बंगाल विधानसभा का तीन दिन का विशेष सत्र 1 सितंबर को शुरू हुआ था। 3 सितंबर को करम पूजा के कारण राजकीय छुट्टी थी। आज सत्र का आखिरी दिन है।

सत्र का आखिरी दिन, 4 तस्वीरें…

सदन में हंगामा के चलते स्पीकर बिमान बनर्जी ने खड़े होकर विपक्ष को सदन से बाहर निकालने का आदेश दिया।

सदन में हंगामा के चलते स्पीकर बिमान बनर्जी ने खड़े होकर विपक्ष को सदन से बाहर निकालने का आदेश दिया।

भाजपा के चीफ व्हिप शंकर घोष सदन से बाहर किए जाने के दौरान गिर गए।

भाजपा के चीफ व्हिप शंकर घोष सदन से बाहर किए जाने के दौरान गिर गए।

भाजपा ने आरोप लगाया कि चीफ व्हिप बाहर निकलते ही बेहोश हो गए थे। उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।

भाजपा ने आरोप लगाया कि चीफ व्हिप बाहर निकलते ही बेहोश हो गए थे। उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।

सदन के आखिरी दिन CM ममता बनर्जी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि भाजपा प्रवासियों पर हमले को लेकर चर्चा के खिलाफ है।

सदन के आखिरी दिन CM ममता बनर्जी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि भाजपा प्रवासियों पर हमले को लेकर चर्चा के खिलाफ है।

ममता का विधानसभा में संबोधन, 4 बड़ी बातें…

  • बंगाल भाजपा प्रवासियों पर हमलों पर विधानसभा में चर्चा के खिलाफ है क्योंकि ये घटनाएं भगवा पार्टी शासित राज्यों में हो रही हैं।
  • हम हिंदी या किसी अन्य भाषा के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन भाजपा बंगाली विरोधी है।
  • भाजपा की तानाशाही और औपनिवेशिक मानसिकता है, वह बंगाल को अपना उपनिवेश बनाना चाहती है।
  • भाजपा ने विदेशी ताकतों के सामने भारत का सम्मान बेच दिया है। केंद्र कभी अमेरिका के सामने, तो कभी चीन के सामने भीख मांगता है।

पश्चिम बंगाल में अगले साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव

भाजपा 2021 में पहली बार बंगाल में विपक्षी पार्टी बनी थी। वह 2026 में TMC को कांटे की टक्कर देने की कवायद में है। हालांकि, भाजपा के लिए यह सब अकेले करना आसान नहीं होगा। ऐसे में हरियाणा और दिल्ली की तरह RSS बंगाल में भी उसकी ढाल बनने की कोशिश कर रहा है।

संघ प्रमुख मोहन भागवत फरवरी में 10 दिनों के लिए बंगाल दौरे पर गए थे। एक्सपर्ट कहते हैं कि भाजपा ने अगर TMC के वोट बैंक में 4% की सेंध लगा दी, तो यह 2026 के चुनाव में गेम चेंजर साबित हो सकता है।

भाजपा 70% हिंदू आबादी को साधने में जुटी बंगाल में 70% हिंदू और 30% मुस्लिम आबादी है। मुस्लिम वोटरों की एकजुटता के कारण TMC हर चुनाव में मजबूत खड़ी होती है। हालांकि, हिंदुओं का वोट TMC और भाजपा में बंट जाता है।

2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 50% हिंदुओं और 7% मुस्लिमों को वोट मिला था। वहीं, TMC को 39% हिंदुओं और 75% मुस्लिमों ने वोट दिया। ऐसे में भाजपा 2026 चुनाव से पहले हिंदुओं को एकजुट करने की कोशिश कर रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा हिंदू वोट उसे मिलें।

दूसरी तरफ, सत्ताधारी पार्टी इस उहापोह में रही कि खुद को हिंदू विरोधी न दिखने दिया जाए। एंटी-हिंदू इमेज से बचने के लिए TMC को भी रामनवमी पर रैलियां निकालकर यह बताना पड़ा कि वह हिंदू विरोधी नहीं है।

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