पंजाब में पहुंचे कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गवर्नर गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की और इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
पंजाब में बारिश और बाढ़ से बिगड़ते हालातों के बीच, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान गुरुवार को अमृतसर पहुंचे। यहां वे बाढ़ से प्रभावित फसलों और हालात का जायजा लेंगे। अमृतसर पहुंचते ही उन्होंने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की।
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राज्यपाल ने मंत्री को पांच जिलों, अमृतसर, पठानकोट, गुरदासपुर, तरन तारन और फिरोजपुर की बाढ़ रिपोर्ट सौंपी। इसके बाद शिवराज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें पंजाब भेजा है ताकि वे जमीनी हालात का सीधा आकलन कर सकें। इसके बाद वह बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करने रवाना हुए।
शिवराज ने कहा कि पंजाब हमेशा देश की सेवा में सबसे आगे रहा है। आज जब राज्य बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहा है, तब केंद्र सरकार हर संभव मदद करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में केंद्र सरकार पंजाब के साथ खड़ी है।
कृषि मंत्री ने बताया कि केंद्र की दो टीमें पहले ही पंजाब पहुंच चुकी हैं। ये टीमें अलग-अलग विभागों के अधिकारियों के साथ नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करेंगी, जिसे प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार को सौंपा जाएगा।
शिवराज के दौरे की कुछ PHOTOS देखें…
गवर्नर से मुलाकात कर राज्य के हालातों के बारे में लेते मंत्री शिवराज सिंह चौहान।

पूर्व कैबिनेट मंत्री व अजनाला से विधायक कुलदीप धालीवाल ने केंद्रीय मंत्री से की मुलाकात।
शिवराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही ये 4 अहम बातें…
- पंजाब देश का गौरव है: शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पंजाब हमेशा से देश की शान रहा है। जब भी देश पर संकट आया, पंजाब ने उसे अपने सीने पर झेला है। उन्होंने कहा कि देश की सेवा में पंजाब की भूमिका बेहद अहम रही है और इसके लिए वह पंजाब को प्रणाम करते हैं।
- 1400 गांवों पर बाढ़ का असर: शिवराज ने बताया कि अब तक 1400 गांवों के प्रभावित होने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि वह खुद इन गांवों का दौरा करेंगे और लोगों से मिलकर उनकी परेशानियां समझेंगे। साथ ही फसलों और संपत्ति को हुए नुकसान का भी जायजा लेंगे।
- केंद्र सरकार पूरी तरह साथ खड़ी है: शिवराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें हालात का आकलन करने के लिए पंजाब भेजा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार इस संकट की घड़ी में पंजाब के साथ मजबूती से खड़ी है और हर संभव मदद की जाएगी। उनके साथ केंद्रीय मंत्री बिट्टू, जाखड़ और पार्टी महासचिव भी रहेंगे।
- केंद्रीय टीमें करेंगी नुकसान का आकलन: उन्होंने बताया कि आज दो केंद्रीय टीमें पंजाब पहुंच चुकी हैं। इनमें कृषि, ग्रामीण विकास, सड़क, ऊर्जा, वित्त और जल शक्ति विभाग के अधिकारी शामिल हैं। ये टीमें प्रभावित गांवों का दौरा कर नुकसान का विस्तृत आकलन करेंगी और अपनी रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपेंगी।शिवराज ने कहा कि अभी उनका पूरा ध्यान लोगों की सेवा और राहत कार्यों पर है, इसलिए फिलहाल वह किसी सवाल का जवाब नहीं देंगे।
अब जानिए बाढ़ के कारण बने पंजाब के हालात…
23 जिलों में बाढ़ का असर, 1655 गांव डूबे पंजाब में अमृतसर से लेकर तरनतारन तक कुल 23 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें बरनाला, बठिंडा, फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब, फिरोजपुर, फाजिल्का, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, मलेरकोटला, मानसा, मोगा, पठानकोट, पटियाला, रूपनगर, नवांशहर, मोहाली, संगरूर और मुक्तसर शामिल हैं।
राज्य के 1655 गांवों में पानी भर गया है। अमृतसर के 390, गुरदासपुर के 324, बरनाला के 37, बठिंडा के 13, फिरोजपुर के 111, होशियारपुर के 121, कपूरथला के 178, लुधियाना के 216 और मानसा के 114 गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इसके अलावा पटियाला के 29, रूपनगर के 3 और तरनतारन के 70 गांवों में भी पानी घुसा हुआ है।
3.55 लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित कुल 3,55,709 से अधिक लोग अब तक प्रभावित हो चुके हैं। सबसे ज्यादा असर अमृतसर (1,75,734), गुरदासपुर (1,45,006) और फाजिल्का (21,526) में देखने को मिला है। इसके अलावा फिरोजपुर, कपूरथला, मोगा, संगरूर और मोहाली में भी हजारों लोग संकट में हैं
इसके साथ ही अब तक 12 जिलों में 37 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें अमृतसर (4), बरनाला (5), बठिंडा (3), होशियारपुर (7), जालंधर (9), कपूरथला (3), पठानकोट (5) और संगरूर (1) शामिल हैं।पठानकोट जिले से 3 लोग लापता हैं। वहीं पशुधन हानि का सटीक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है, लेकिन बड़ी संख्या में पशु बाढ़ की चपेट में आए हैं।
19,474 लोगों को सुरक्षित निकाला गया कुल 19,474 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर निकाला गया है। इनमें अमृतसर से 2734, बरनाला से 389, बठिंडा से 290, होशियारपुर से 3451, कपूरथला से 5615, जालंधर से 1428, मोगा से 195, रूपनगर से 615, पठानकोट से 1139 और तरनतारन से 1234 लोग शामिल हैं।राज्यभर में 167 राहत शिविर सक्रिय हैं, जिनमें अमृतसर, बरनाला, बठिंडा, फतेहगढ़ साहिब, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, मोगा, मोहाली, पठानकोट, पटियाला, रूपनगर, संगरूर और एसएएस नगर शामिल हैं।इन शिविरों में 1557 लोग रह रहे हैं। अमृतसर में 381, बरनाला में 390, फरीदकोट में 796, कपूरथला में 57, मानसा में 15, मोगा में 3, तरनतारन में 10 और पठानकोट में 47 लोग ठहरे हुए हैं।सरकार ने कहा है कि नुकसान का वास्तविक आकलन पानी उतरने के बाद ही संभव होगा, लेकिन अभी तक जनहानि, पशुधन और मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है।