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बेंगलुरु42 मिनट पहले
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कर्नाटक में जनता दल सेक्युलर पार्टी के नेता और MLC एसएल भोजेगौड़ा ने बुधवार को विधान परिषद में कुत्तों की हत्या करवाने की बात कही थी।
कर्नाटक में जनता दल सेक्युलर पार्टी के नेता और MLC एसएल भोजेगौड़ा ने बुधवार को विधान परिषद में कहा कि उन्होंने करीब 2800 कुत्तों को मरवाया है। ऐसा बच्चों की सुरक्षा को देखते किया है। वह इसके लिए जेल जाने को भी तैयार हैं।
भोजेगौड़ा ने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की जाए। कर्नाटक भारत का पहला राज्य बने जो सुप्रीम कोर्ट से कुत्तों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग कर सके।
भोजेगौड़ा ने कहा कि हमें भी जानवरों की चिंता है, लेकिन पशु प्रेमी एक और खतरा हैं। आप छोटे बच्चों की पीड़ा देख सकते हैं। इसके बारे में रोज अखबारों में पढ़ते हैं और टीवी में सुनते हैं।

भोजेगौड़ा ने पुराने वाक्ये का जिक्र किया एसएल भोजेगौड़ा ने एक पुराने वाक्ये का जिक्र करते हुए कहा, जब वह चिकमगलूर में नगर निकाय के अध्यक्ष थे। तब हमने मांस में कुछ जहर मिलाकर लगभग 2800 कुत्तों को खिला दिया था। फिर उन्हें नारियल के पेड़ों के नीचे दफना दिया था।
कर्नाटक में कुत्तों के हमले की पिछली 3 घटनाएं…
12 अगस्त: दो कॉलेज स्टूडेंट पर कुत्तों ने हमला किया बेंगलुरु यूनिवर्सिटी कैंपस में मंगलवार को आवारा कुत्तों के हमले में दो छात्राएं घायल हो गईं थीं। इनमें से एक की हालत गंभीर है। घटना सुबह करीब 11 बजे की है। छात्राएं डॉ बीआर अंबेडकर स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स यूनिवर्सिटी में इकोनॉमिक्स के इंटीग्रेटेड MSc कोर्स के थर्ड ईयर की स्टूडेंट हैं।
30 जुलाई: 70 साल के बुजुर्ग को कुत्तों ने नोचकर मार दिया कर्नाटक के कोडिगेहल्ली में घर के बाहर वॉक पर निकले 70 साल के बुजुर्ग पर आवार कुत्तों के एक झुंड ने हमला कर दिया था। उनकी मौत हो गई थी। परिवार के सदस्यों ने कहा कि आधी रात के आसपास नींद न आने के कारण वह टहलने के लिए बाहर निकले थे, तभी कम से कम आठ आवारा कुत्तों ने उन पर हमला कर दिया था।
23 जुलाई: तीन साल की बच्ची पर कुत्तों ने हमला किया

23 जुलाई को ओल्ड हुबली के शिमला नगर में आवारा कुत्तों के एक झुंड ने तीन साल की एक बच्ची पर हमला कर दिया था। हमले के सीसीटीवी फुटेज में कुत्तों को उसके कंधे, पीठ, पैरों और हाथों को काटते और उसे जमीन पर घसीटते हुए दिखाया गया था।
देश में भी आवारा कुत्तों का मामला चर्चा में, वजह सुप्रीम कोर्ट का आदेश 11 अगस्त: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर के नगर निकायों को निर्देश दिया है कि आवारा कुत्तों को तुरंत पकड़कर नसबंदी करें और उन्हें स्थायी रूप से शेल्टर होम में रखें। इसके लिए 8 हफ्ते का समय दिया। कहा कि किसी भी तरह की रुकावट से कानूनी कार्रवाई हो सकती है। कोर्ट ने कुत्तों के हमले और रेबीज के खतरे से निपटने के लिए तुरंत कदम उठाने को कहा है। हालांकि इसको लेकर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की नई बेंच फिर से सुनवाई करेगी। पूरी खबर पढ़ें…
28 जुलाई: सुप्रीम कोर्ट ने देश में आवारा कुत्तों के हमलों के कारण रेबीज से होने वाली मौतों की घटनाओं पर खुद नोटिस लिया था। कोर्ट ने इसे बेहद चिंताजनक और डराने वाला बताया था। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा में सरकार के उस आंकड़े पर संज्ञान लिया, जिसमें बताया गया था कि 2024 में 37 लाख से ज्यादा डॉग बाइट्स के मामले आए। इसके अलावा 54 लोगों की मौत रेबीज से हुईं। ये जानकारी 22 जुलाई को पशुपालन राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने लोकसभा में दिल्ली में छह साल की बच्ची छवि शर्मा की मौत से जुड़े सवाल पर दी थी। बच्ची को 30 जून को एक कुत्ते ने काट लिया था। इलाज के बावजूद उसकी मौत हो गई थी। पूरी खबर पढ़ें…

पशुपालन राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने 22 जुलाई को लोकसभा में यह जानकारी दी थी।
देश में मणिपुर, दुनिया में नीदरलैंड्स में आवारा कुत्ते नहीं 2019 के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में ओडिशा में सबसे अधिक 1000 लोगों पर 39.7 कुत्ते हैं। वहीं, लक्षद्वीप-मणिपुर में कोई कुत्ते नहीं। जबकि दुनिया में नीदरलैंड्स ऐसा देश है जहां आवारा कुत्ते नहीं हैं।

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