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ओडिशा29 मिनट पहले
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सहपाठियों ने ही प्रैंक के बहाने आंखों में डाला ग्लू
ओडिशा के कंधमाल जिले के सेवश्राम स्कूल के हॉस्टल में बच्चों ने प्रैंक करने के चलते 8 बच्चों की आंखों में सोते समय सुपर ग्लू डाल दिया। सुबह उठने पर उनकी पलकें चिपक गईं। बच्चे आंखें नहीं खोल पा रहे थे।
हॉस्टल प्रशासन ने घटना का पता लगने के बाद उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया।
कक्षा 3 से 5 के हैं छात्र
जिले के सालागुड़ा में सेवाश्रम स्कूल का हॉस्टल है। इसमें कक्षा 3, 4 और 5 के छात्र रहते हैं। हॉस्टल प्रशासन के मुताबिक रात में सोते हुए बच्चों की आंखों में कुछ बच्चों ने ये प्रैंक किया। सुबह जब बच्चे उठे तो उन्हें काफी दर्द हुआ और वो आंखें नहीं खोल पा रहे थे।
आंखों को पहुंचा काफी नुकसान
डॉक्टरों ने बताया कि इंस्टेंट ग्लू से कॉर्निया और पलकों को काफी नुकसान पहुंचा है, लेकिन समय पर इलाज मिलने से दृष्टि हानि को रोका जा सकता है। एक छात्र को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि सात अन्य अभी भी निगरानी में हैं।

हेडमास्टर निलंबित
जिला प्रशासन ने घटना का पता चलने के बाद हेडमास्टर मनोरंजन साहू को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही उच्च स्तरीय जांच का आदेश भी दिया है।
जिला बाल कल्याण अधिकारी ने अस्पताल पहुंचकर बच्चों की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्या होता है इंस्टैंट ग्लू?

इंस्टैंट ग्लू एक प्रकार का तेज़ चिपकने वाला पदार्थ है, जिसे साइनोएक्रिलेट (cyanoacrylate) से बनाया जाता है।यह अन्य ग्लू से अलग है क्योंकि यह नमी के संपर्क में आने पर कुछ सेकंडों में ही मजबूत बॉन्ड बना लेता है।
मुख्य रूप से मरम्मत, फर्नीचर बनाने (जैसे PVC बोर्ड या माइका चिपकाने), वुडवर्किंग और यहां तक कि चिकित्सकीय उद्देश्यों जैसे फटी उंगलियों को जोड़ने के लिए इस्तेमाल होता है।
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