आर्मी कमांडर बोले-1965 युद्ध से ली सीख: ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी, इस बार हमारा जवाब और कड़ा होगा, हमें पाक पर भरोसा नहीं – Haryana News

आर्मी कमांडर बोले-1965 युद्ध से ली सीख: ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी, इस बार हमारा जवाब और कड़ा होगा, हमें पाक पर भरोसा नहीं – Haryana News

आर्मी कमांडर बोले-1965 युद्ध से ली सीख:  ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी, इस बार हमारा जवाब और कड़ा होगा, हमें पाक पर भरोसा नहीं – Haryana News

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पश्चिमी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार।

पश्चिमी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने कहा कि 1965 का युद्ध हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण था। उन्होंने बताया कि नई पीढ़ी को 1965 की लड़ाई के बारे में जानकारी होनी चाहिए।

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उस युद्ध से हमें कई बातें सीखने को मिलीं, जैसे सेना और वायुसेना का सही समन्वय कैसे रखा जाए, बचाव और हमले की योजना कैसे बनती है।

उन्होंने यह भी कहा कि मशीनें और तकनीक जरूरी हैं, लेकिन उन मशीनों के पीछे खड़े इंसान की महत्ता भी उतनी ही ज्यादा है।

जनरल कटियार ने ऑपरेशन ‘सिंदूर’ का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान या उसके समर्थन वाले कोई आतंकी फिर हमला करते हैं, तो इस बार हमारा जवाब पहले से भी ज्यादा कड़ा होगा।

कटियार बोले- हमारी तैयारी जारी उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कटियार ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर न केवल एक लड़ाई थी, बल्कि पाकिस्तान की किसी भी शत्रुतापूर्ण कोशिश का मुकाबला करने की हमारी तैयारी भी थी। हमारी तैयारी अब भी जारी है।

वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में विजय की हीरक जयंती समारोह के अवसर पर मीडिया को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने कहा कि 10 मई को संघर्ष विराम के बाद जमीनी स्तर पर स्थिति शांत है। सीनियर सैन्य ऑफिसर ने आशा व्यक्त की कि पाकिस्तान फिर से कोई दुस्साहस नहीं करेगा। उन्होंने कहा, ‘लेकिन, हमें इस पर पूरा भरोसा नहीं है।

ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी है आर्मी सीनियर ऑफिसर ने कहा, हमें लगता है कि पाकिस्तान या आतंकी संगठन फिर से कोई आतंकवादी हमला कर सकते हैं, ऐसे में हमारे पास करारा जवाब देने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। हमने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस बार हमारा जवाब पहले से भी ज्यादा कड़ा होगा। इसके लिए हमारा ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी है।’

भारत में सांप्रदायिकता भड़काना उद्देश्य लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले का मुख्य उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में हालात बिगाड़ना था। उन्होंने कहा, ‘जिस तरह से यह आतंकवादी हमला हुआ, चुन-चुन कर हत्याएं हुईं, उसका एक और मकसद भारत में सांप्रदायिकता को भड़काना था। यह हमारे लिए एक बड़ी चुनौती है।’ उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश भारत के धर्मनिरपेक्ष चरित्र को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता रहेगा।

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