नई दिल्ली6 मिनट पहले
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साजिद राशिदी ने कहा कि भारत संविधान से चलेगा, गीता-कुरान से नहीं
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद राशिदी ने कहा कि भारत संविधान और कानून से चलेगा। गीता या कुरान से नहीं। मौलाना साजिद का यह मोहन भागवत के हिंदू राष्ट्र वाले बयान के बाद आया है। उन्होंने कहा कि वे देश के लिए बनाए जा रहे यूनिफॉर्म सिविल कोड के भी खिलाफ हैं।
दरअसल, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शताब्दी वर्ष के लिए दिल्ली में 3 दिन का कॉन्क्लेव रखा गया था। इस दौरान भागवत ने सवाल-जवाब के सेशन में भारत को हिंदू राष्ट्र बताया था।

हिंदू मुस्लिम एकता, अखंड भारत और नामकरण पर भागवत के 3 बयान
- भागवत ने हिंदू-मुस्लिम एकता पर कहा था कि नाम और शब्दों के झगड़े में हम नहीं पड़ते। इन शब्दों के कारण हिंदू-मुस्लिम की भावना आ गई है। हिंदू-मुस्लिम एकता की जरूरत नहीं है ये तो पहले से एक हैं। इनकी सिर्फ पूजा बदली है। लेकिन जो डर भर दिया है कि ये लोग रहेंगे तो क्या होगा, इतनी लड़ाई हुई, अत्याचार हुआ इतने कत्लेआम हुए, देश भी टूटा।
- अखंड भारत से जुड़े सवाल के जवाब में भागवत ने कहा था- यह एक राजनीतिक विचार नहीं है, क्योंकि अखंड भारत जब था तब भी अलग-अलग राजा थे, लेकिन जनता किसी भी राज्य में जाकर नौकरी करती थी और जीवनयापन करती थी। अखंड भारत की भावना फिर से आ जाएगी तो सब सुखी रहेंगे और दोस्त बढ़ जाएंगे। अखंड भारत है ये समझकर हमको चलना चाहिए।
- शहरों और सड़कों के नाम मुगल आक्रांताओं के नाम से बदले जाने के सवाल पर भी RSS चीफ ने कहा थ कि नाम बदलना वहां के लोगों की भावना के हिसाब से होना चाहिए। आक्रांताओं के नाम नहीं होने चाहिए। इसका मतलब ये नहीं कि मुसलमान का नाम नहीं होना चाहिए।

वक्फ बिल का समर्थन कर चुके हैं मौलाना राशिदी
मौलाना साजिद राशिदी ने वक्फ बिल का समर्थन किया था। उन्होंने कांग्रेस पर सालों से वक्फ संपत्ति का गलत इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया था। 27 जुलाई को लखनऊ पुलिस ने उन पर मैनपुरी सांसद डिंपल यादव पर एक टीवी डिबेट के दौरान अभद्र टिप्पणी करने के मामले में केस दर्ज किया था।
टिप्पणी के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने उनके साथ मारपीट की भी कोशिश की। मौलाना ने पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान पर भारतीय मुसलमानों की छवि खराब करने का आरोप लगाया था।
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यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को संघ के शताब्दी वर्ष पर दिल्ली के विज्ञान भवन में चल रही व्याख्यानमाला के आखिरी दिन कही। भागवत सवालों के जवाब दे रहे थे, उनसे पूछा गया था कि क्या 75 के बाद राजनीति से रिटायर हो जाना चाहिए। पूरी खबर पढ़े…