श्रीनगर2 मिनट पहले
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आप सांसद संजय सिंह हाउस अरेस्ट के बाद गेस्ट हाउस के गेट पर फारुक अब्दुल्ला से बात करने पहुंचे।
आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने गुरुवार को आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उन्हें श्रीनगर में हाउस अरेस्ट कर लिया है। उन्होंने कहा कि वे विधायक मेहराज मलिक की गिरफ्तारी के विरोध में जारी प्रदर्शन में शामिल होने और प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए हैं।
सिंह ने कहा कि पुलिस सरकारी गेस्ट हाउस से बाहर नहीं निकलने दे रही है। उन्होंने X पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा- ‘तानाशाही अपने चरम पर है। लोकतंत्र में अधिकारों के लिए आवाज उठाना और विरोध प्रदर्शन करना हमारा संवैधानिक अधिकार है।’ सिंह ने कहा-
जम्मू कश्मीर के कई बार मुख्यमंत्री रहे डॉक्टर फारूख अब्दुल्ला पुलिस द्वारा मुझे हाउस अरेस्ट किए जाने की खबर पाकर मुझसे मिलने सरकारी गेस्ट में आये उन्हें मिलने नहीं दिया गया। ये तानाशाही नहीं तो और क्या है?

AAP सांसद ने लिखा- आज मेहराज मलिक की अवैध गिरफ्तारी के खिलाफ श्रीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और धरना था, लेकिन सरकारी गेस्ट हाउस को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। मुझे इमरान हुसैन और साथियों के साथ गेस्ट हाउस से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है।
दरअसल, AAP की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष मलिक को 8 सितंबर को सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने के आरोप में पब्लिक सिक्योरिटी एक्ट (PSA) के तहत हिरासत में लिया गया था और बाद में उन्हें कठुआ जिला जेल में बंद कर दिया गया था। उनकी गिरफ्तारी के विरोध में चार दिनों से प्रदर्शन जारी है।

संजय सिंह से जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला सरकारी गेस्ट में मिलने पहुंचे।
केजरीवाल बोले- ये सरासर गुंडागर्दी
इस घटना पर AAP के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा- ‘पूर्व मुख्यमंत्री जो कि मौजूदा मुख्यमंत्री के पिता हैं, उन्हें भी संजय सिंह से उन्हीं के राज्य में मिलने नहीं दिया जा रहा? ये सरासर गुंडागर्दी और तानाशाही है।’
इससे पहले बुधवार को, संजय सिंह ने श्रीनगर जाने से पहले जम्मू में मेहराज मलिक के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने बताया था- ‘जम्मू में मेहराज मलिक के पिता और भाई से मुलाकात की। मैं श्रीनगर पहुँच गया हूं।’
सिंह ने आरोप लगाया था कि पार्टी विधायक मेहराज मलिक पर गलत तरीके से PSA के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने दावा किया कि यह उनके निर्वाचन क्षेत्र में लोगों के मुद्दों को उठाने के बदले में किया गया है।
गिरफ्तारी के विरोध में 4 दिनों से प्रदर्शन जारी
मलिक की गिरफ्तार के विरोध में उनके समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता चार दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके बाद डोडा शहर, भद्रवाह, गंडोह और थाथरी के आसपास सुरक्षा बलों को भारी संख्या में तैनात किया गया है।
प्रशासन ने 8 सितंबर को बिना पूर्व अनुमति के लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने वाली बीएनएस अधिनियम की धारा 163 लागू कर दी।

विरोध के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई।

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।
मलिक की रिहाई के समर्थन में 9 सितंबर को नारे लगाते हुए उनके सैकड़ों समर्थकों ने भाट्यास गांव से मार्च निकाला था और ‘डोडा चलो’ आंदोलन शुरू किया था। जिला मुख्यालय आ रहे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के रोकने पर पत्थरबाजी की।
इसके बाद सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के गोले दागे। इलाके में माहौल तनावपूर्ण होने पर बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। जिला प्रशासन ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 लागू कर दी है।
10 सितंबर को प्रदर्शनकारियों व सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़प भी हुई। इसके बाद पुलिस ने 80 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया, जिससे डोडा जिले और आसपास के इलाकों में तनाव व्याप्त हो गया।