शहीद प्रितपाल सिंह की देह को अग्नि भेंट करते उसके परिजन और पास में खड़े सैन्य अधिकारी।
पंजाब के खन्ना और फतेहगढ़ के रहने वाले दो जवान जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के अखल जंगल में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए। रविवार को दोनों की पार्थिव देह उनके गांव लाई जा रही है। लांस नायक शहीद प्रितपाल सिंह का शव गांव पहुंचने पर परिजनों ने
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सैनिक सम्मान के साथ संस्कार के दौरान डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन और एसएसपी डॉ. ज्योति यादव मौजूद नहीं रहे, जबकि एसडीएम राजेश अरोड़ा केवल 5 मिनट के लिए आए और अंतिम संस्कार से पहले ही लौट गए। पुलिस प्रशासन की ओर से एसपी तेजवीर सिंह हुंदल ने परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
पूरे गांवों की आंखें हुई नम,परिवार का रो-रोकर बुरा हाल शहीद का शव जब गांव में पहुंचा तो हर आंख नम मिली। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शहीद प्रितपाल सिंह अमर रहे के नारे लगाए गए। शहीद के शव वाहन के आगे बाइकों पर सवार होकर गांवों के लोगों ने भारत माता की जय के नारे लगाए।
गांव को लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आतंकवाद के खिलाफ कड़ा एक्शन लेना चाहिए। पंजाब के युवा बॉर्डरों पर देश की खातिर जान कुर्बान कर रहे है। आतंकवाद को सरकार मुंहतोड़ जवाब दे।
फतेहगढ़ साहिब लोकसभा क्षेत्र के गांव बदीनपुर के 26 वर्षीय सिपाही हरमिंदर सिंह और खन्ना के गांव मानूपुर के 28 वर्षीय लांस नायक प्रीतपाल सिंह ने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर किए हैं। दोनों जवानों के सेना के अधिकारी सलामी भी देंगे। इस दुख घटना के कारण पूरे गांव में शोक है।
शहीद प्रितपाल का देह पहुंचा उसके गांव।
बहनें कर रही थी इंतजार रक्षाबंधन से ठीक पहले आई इस खबर से दोनों परिवारों में मातम का माहौल है। प्रीतपाल सिंह की शादी को अभी सिर्फ 4 महीने ही हुए थे। परिवार राखी पर घर में खुशियां मनाने की उम्मीद कर रहा था। वहीं, हरमिंदर सिंह की मां और बहनें उनकी सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रही थीं, लेकिन उनके शहीद होने की खबर पहुंची।
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में ऑपरेशन अखल को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और CRPF अंजाम दे रहे हैं। यह 1 अगस्त से चल रहा है। जंगल में अभी और आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। दोनों ओर से फायरिंग जारी है। सेना के अफसरों का कहना है कि आतंकियों को पूरी तरह खत्म किए बिना यह ऑपरेशन खत्म नहीं होगा।
ऑपरेशन अखल के बारे में जानिए..
- ऑपरेशन अखल का शनिवार को 9वां दिन : भारतीय सुरक्षाबलों ने 1 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों की तलाश में ‘ऑपरेशन अखल’ शुरू किया था। भारतीय सेना की चिनार कॉर्प्स के अनुसार, सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने दक्षिण कश्मीर के जंगली क्षेत्र में आतंकियों की मौजूदगी के इनपुट के आधार पर घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया था। माना जा रहा है कि यहां कई आतंकी छिपे हो सकते हैं।
- घने जंगल और दुर्गम रास्तों में चल रहा अभियान : मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस दुर्गम इलाके में आतंकी छिपे हुए हैं, वहां घना जंगल, प्राकृतिक गुफाएं, पहाड़, चरागाहें और खानाबदोश समुदाय के डेरे भी हैं। रास्ता बेहद दुर्गम है। इसलिए यहां सेना को ऑपरेशन जारी रखने में कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। सुरक्षा बल वन क्षेत्र में आतंकवादियों का पता लगाने के लिए ड्रोन और हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। पैरा कमांडो भी छिपे हुए आतंकवादियों को मार गिराने में सुरक्षा बलों की मदद कर रहे हैं।
- अब तक दो आतंकी मारे जा चुके : ऑपरेशन अखल का शनिवार को 9वां दिन है। 2 अगस्त की सुबह मारे गए आतंकियों में से एक की पहचान पुलवामा के हारिस नजीर डार के रूप में हुई थी, जो C-कैटेगरी का आतंकी था। हारिस उन 14 लोकल आतंकियों की लिस्ट में था, जिनके नाम खुफिया एजेंसियों ने पहलगाम हमले के बाद 26 अप्रैल को जारी किए थे। उसके पास से AK-47 राइफल, मैगजीन और गोला-बारूद बरामद हुआ था।
- पंजाब के 2 जवानों की मौत, 7 घायल : इस अभियान में अब तक 9 जवान घायल हो चुके हैं। इनमें से 4 शुक्रवार को घायल हुए थे। इलाज के दौरान लांस नायक प्रितपाल सिंह और सिपाही हरमिंदर सिंह ने शनिवार सुबह दम तोड़ दिया। हरमिंदर सिंह पुत्र जसवंत सिंह सिख फोर्स ट्रेनिंग रेजिमेंट में तैनात थे। उधर, जम्मू-कश्मीर पुलिस प्रमुख नलिन प्रभात और सेना के उत्तरी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा सहित वरिष्ठ पुलिस और सेना के अधिकारी चौबीसों घंटे इस अभियान पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।

शहीद प्रितपाल अमर रहे के नारे लगाते गांव के लोग।
दोनों जवानों का साहस और समर्पण प्रेरित करेगा
कुलगाम में ऑपरेशन अखल को लेकर भारतीय सेना की चिनार कॉर्प्स ने एक्स पर पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा- चिनार कॉर्प्स राष्ट्र के लिए कर्तव्य निभाते हुए वीरों, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रितपाल सिंह और सिपाही हरमिंदर सिंह के सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करता है। उनका साहस और समर्पण हमें सदैव प्रेरित करता रहेगा। भारतीय सेना गहरी संवेदना व्यक्त करती है और शोक संतप्त परिवारों के साथ एकजुटता व्यक्त करती है।
दोनों जवानों की शहादत पर पंजाब सीएम ने पोस्ट किया…

दोनों शहीदों के परिवार को पंजाब सरकार देगी एक-एक करोड़ रुपए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लांसनायक प्रीतपाल सिंह और सैनिक हरमिंदर सिंह के शहादत को लेकर अपने फेसबुक अकाउंट से पोस्ट किया है। लिखा- हम शहीदों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। देश की रक्षा के लिए शहीद हुए सैनिकों के जज्बे और बहादुरी को सलाम। सरकार के वादे के अनुसार, परिवारों को 1-1 करोड़ रुपए की सम्मान राशि दी जाएगी।