मनीषा मौत केस की जांच को CBI लगातार नए-नए तरीकों से आगे बढ़ा रही है।
हरियाणा के भिवानी में लेडी टीचर मनीषा (19) की मौत मामले में उसके सुसाइड नोट की भी जांच होगी। 13 अगस्त को गांव सिंघानी के खेतों में मनीषा का शव मिला था। हालांकि पुलिस ने 5वें दिन यानी 18 अगस्त को सुसाइड नोट सार्वजनिक करते हुए इस केस को मर्डर की बजाय स
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पुलिस अफसरों ने दावा किया था कि सुसाइड नोट की राइटिंग का मनीषा की लिखाई से मिलान हो गया था। तब पुलिस ने यह सार्वजनिक नहीं किया था कि किस राइटिंग एक्सपर्ट से जांच कराई गई। अब CBI इस सुसाइड नोट की दोबारा जांच करवा रही है।
मनीषा के पिता संजय ने बताया कि CBI टीम द्वारा मनीषा के सुसाइड नोट की जांच की जा रही है। CBI के अधिकारियों से बातचीत हुई तो उनका कहना था कि सुसाइड नोट की जांच के लिए 15 एक्सपर्ट की टीम लगी हुई है।
हालांकि अभी रिपोर्ट आने में कुछ समय लग सकता है, क्योंकि सुसाइड नोट की हर तरीके से जांच कर रही है। इससे पहले पुलिस ने सुसाइड नोट CBI को सौंपा था। इसके बाद CBI की टीम परिवार से मिली।
मनीषा की 13 अगस्त को नहर किनारे खेत में लाश मिली थी।
CBI ने लिखाई मिलान के लिए मनीषा की कॉपी ली सुसाइड नोट की लिखाई का मिलान करने के लिए मनीषा की कॉपी भी CBI की टीम परिवार से लेकर गई है। उनसे मनीषा की लिखाई मिलाई जाएगी। हरियाणा पुलिस ने सुसाइड नोट को लेकर कहा था कि लिखाई का मिलान हो चुका है। परिवार का मानना था कि यह सुसाइड नोट मनीषा का नहीं है।
स्कूल की नोट बुक में हरियाणवी अंदाज में रोमन में लिखा पुलिस ने जिस दिन सुसाइड नोट मिलने का दावा किया था, उसी दिन यह सोशल मीडिया में वायरल हुआ। स्कूल नोट बुक पर रोमन लिपी (अंग्रेजी) में लिखा सुसाइड हरियाणवी अंदाज में था। सुसाइड नोट पर कोई तारीख, मनीषा का नाम या साइन नहीं थे। जिस प्ले-वे स्कूल में मनीषा पढ़ाती थी, उस स्कूल के संचालक रोहित दहिया ने दावा किया था कि यह पन्ना उनके स्कूल में लगी किसी नोटबुक का नहीं है। SP सुमित कुमार की ओर से तब कहा गया कि राइटिंग मैच हो गई है।
बड़ा सवाल ये कि लाश मिलने के 5वें दिन क्यों सार्वजनिक किया 11 अगस्त को लापता हुई मनीषा की डेडबॉडी 13 अगस्त को मिल गई थी। तब पुलिस ने मर्डर की धारा जोड़ दी थी। परिजन हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। फिर 5 दिन बाद 18 अगस्त को अचानक पुलिस ने सुसाइड नोट सार्वजनिक किया। तब, रोहतक रेंज के आईजी वाई पूर्ण कुमार ने सुसाइड नोट को लेकर कहा कि पहले दिन से पुलिस के पास सुसाइड नोट था। मृतका के परिजन भी लिखाई की पुष्टि कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक तौर पर घटना के महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सार्वजनिक न करना जांच का हिस्सा होता है।

अब पढ़िए सुसाइड नोट में क्या लिखा…
सॉरी मम्मी-पापा
मैं मेरी वजह से आप दोनों को प्रॉब्लम में नहीं देख सकती।
आप दोनों ने मेरी खातिर बहुत कुछ किया और वैसे भी मेरे से सब दुखी थे।
मैं सबकी बातें, जमाने की बातें, सोचती हूं और फिर भी दुखी हो रही हूं।
ना मैं गलत थी और ना मैंने कुछ गलत काम किया।
बस मैं पेरेंट्स का ड्रीम पूरा करना चाहती थी।
मैं BSc नर्सिंग कर रही थी, क्योंकि NORCET क्रैक किया था और एक नर्सिंग ऑफिसर बनकर मम्मी पापा का सपना पूरा करना चाहती थी।
लेकिन मैं आप दोनों पर बोझ नहीं बन सकती।
आई एम सॉरी मम्मी पापा, मैंने कभी आप दोनों को हर्ट किया हो तो।
और आप दुनिया के सबसे अच्छे माता-पिता हो।
थैंक्यू, मुझे ये जिंदगी देने के लिए मम्मी और पापा।
मैं आभारी हूं कि आपने मुझे एक राजकुमारी की तरह पाला।
कोई हो तो प्लीज मेरे पेरेंट्स का ख्याल रखना।
लोगों को पुलिस की सुसाइड थ्योरी पर भरोसा नहीं मनीषा डेथ मिस्ट्री में लोगों को शुरू से ही पुलिस की सुसाइड थ्योरी पर भरोसा नहीं रहा। पुलिस ने जब सुसाइड नोट मिलने की बात सार्वजनिक की थी, उसके बाद शाम करीब 4 बजे लोगों ने दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे (NH-709E) जाम कर दिया था। लोगों का कहना था कि पुलिस मर्डर केस को सुसाइड दिखाना चाह रही है।
लोगों का सवाल- सुसाइड नोट था तो 5 दिन छिपाया क्यों आक्रोशित भीड़ का एक ही सवाल था कि पुलिस अब सुसाइड नोट सामने आने की बात कह रही है। यदि सुसाइड नोट मनीषा के शव के पास मिला था, तो पुलिस ने इसे अब तक छिपाया क्यों? इससे पुलिस की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

भिवानी पुलिस ने मनीषा की मौत 5 दिन बाद कथित सुसाइड नोट जारी किया था।
अब तक CBI ने मामले में क्या-क्या किया…
- पहले लगातार 23 दिन जांच की : 13 अगस्त को गांव सिंघानी के खेतों से शव मिलने के बाद से परिजन मर्डर का अंदेशा जता रहे हैं। पुलिस ने पहले मर्डर की धारा में केस दर्ज किया। हालांकि बाद में दावा किया कि यह सुसाइड केस है। परिजनों ने शव का संस्कार करने से मना कर दिया था। उनकी 2 मांग थी, केस की जांच सीबीआई से कराई जाए और एम्स में पोस्टमॉर्टम हो। 20 अगस्त को मनीषा के शव का एम्स में पोस्टमॉर्टम हुआ था। उसके बाद 25 अगस्त को करीब CBI टीम भिवानी पहुंच गई थी। लगातार 23 दिन भिवानी में रहकर जांच की।
- गवाहों और परिजनों से लगातार पूछताछ : इस मामले में CBI मनीषा के परिजनों से 3 बार पूछताछ कर चुकी है। इनके अलावा जिन दो लोगों ईश्वर व सत्यपाल ने सबसे पहले शव देखा था, उनसे 2 बार पूछताछ हुई है। जिस प्ले वे स्कूल में मनीषा एक महीने से पढ़ा रही थी, उसके संचालक रोहित दहिया व स्टाफ से 4 बार पूछताछ हुई। आइडियल नर्सिंग कॉलेज के संचालकों व स्टाफ, कीटनाशक विक्रेता से भी पूछताछ हो चुकी है।
- दिल्ली से स्पेशल FSL टीम की रिपोर्ट तैयार : CBI ने दिल्ली से स्पेशल फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम घटनास्थल पर बुलाकर जांच कराई थी। क्राइम सीन भी क्रिएट किया गया था। FSL की रिपोर्ट भी तैयार हो चुकी है। हालांकि अभी यह रिपोर्ट सीबीआई को मिली है या नहीं, इस पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।
- मनीषा की कॉल डिटेल निकलवाई : पिता संजय कुमार ने बताया कि सीबीआई के अधिकारियों से बातचीत हुई है। जिसमें सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि मनीषा की कॉल डिटेल भी निकाली है। जिसके आधार पर सीबीआई जांच करेगी। उससे भी कुछ सुराग मिलने की संभावना है। मनीषा के शव के पास से मोबाइल बिखरी हालत में मिला था। उसकी बैटरी अलग पड़ी थी।
- आखिरी कॉल रिसीव नहीं कर पाए थे पिता : भिवानी पुलिस को दिए बयान में पिता संजय ने कहा था कि 11 अगस्त को जिस दिन मनीषा लापता हुई, उस दिन शाम 6:26 बजे मनीषा के मोबाइल नंबर से कॉल आई थी। हालांकि वो कॉल रिसीव नहीं कर सके। उसके कुछ देर बाद मनीषा के नंबर पर कॉल बैक की तो कॉल डिस्कनेक्ट हो गई। इसके बाद मनीषा के नंबर पर रिंग नहीं गई। उसी समय परिवार को किसी अनहोनी का अंदेशा हो गया।