नई दिल्ली3 मिनट पहले
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भाजपा की आईटी सेल के हेड अमिल मालवीय ने बुधवार को दावा किया कि सोनिया गांधी का नाम भारत की वोटर लिस्ट में दो बार तब शामिल हुआ, जब वह भारतीय नागरिक भी नहीं थीं।
वहीं, बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि रायबरेली में एक ही घर पर 47 वोटर्स कैसे रजिस्टर किए गए हैं, राहुल और सोनिया को कभी ये नाम नहीं दिखे। उन्होंने कहा,
राहुल दो बार चुनाव लड़े, प्रियंका एक बार चुनाव लड़ीं। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि वायनाड में कैसे नए वोटर्स की एडिशन हुई है। आपने तो तीन बार वोट ले लिया। क्या आपने यह कभी नहीं देखा। यह कैसे हुआ?

मालवीय बोले- पहली बार 1980 में नाम जोड़ा
वहीं मालवीय ने X पर लिखा कि यह पूरा मामला चुनावी कानून के स्पष्ट उल्लंघन का उदाहरण है। शायद यही कारण है कि राहुल गांधी भी ऐसे मतदाताओं को वैध करने के पक्ष में रहते हैं, जो अयोग्य या अवैध हैं और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का विरोध करते हैं।
उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में सोनिया का नाम पहली बार 1980 में जोड़ा गया। उस समय वे इटली की नागरिक थीं। तब गांधी परिवार 1, सफदरजंग रोड, प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सरकारी निवास पर रहता था।

दूसरी बार 1983 में नाम जोड़ा गया
इसके बाद 1982 में विरोध के बाद उनका नाम लिस्ट से हटा दिया गया था और 1983 में उनका नाम पोलिंग स्टेशन 140 में क्रम संख्या 236 पर फिर से जोड़ दिया गया। समस्या यह थी कि इस संशोधित सूची के लिए योग्यता की तारीख 1 जनवरी 1983 थी, जबकि सोनिया गांधी को भारतीय नागरिकता 30 अप्रैल 1983 को मिली थी। यानी उस समय भी वे भारतीय नागरिक नहीं थीं।
मालवीय ने यह सवाल भी उठाया कि सोनिया गांधी ने राजीव गांधी से शादी के 15 साल बाद जाकर ही भारतीय नागरिकता क्यों ली। उन्होंने कहा कि एक ही व्यक्ति का नाम दो बार बिना नागरिकता के वोटर लिस्ट में आना चुनावी गड़बड़ी (Electoral Malpractice) का गंभीर मामला है।

अमित मालवीय ने X पर यह फोटो भी शेयर की।
अनुराग बोले- एक व्यक्ति का नाम तीन बूथ पर
अनुराग ने कहा कि रायबरेली में मोहम्मद कैफ खान का नाम बूथ नंबर 83, 151, 218 हर जगह है। हाउस नंबर 189 के पोलिंग 131 पर 47 वोटर आईडी रजिस्टर हुए हैं। बंगाल के डायमंड हार्बर में के हाउस नंबर 0011, बूथ नंबर 103 पर कई धर्मों वोटर्स रजिस्टर हुए हैं।

ठाकुर बोले- राहुल गांधी चुनाव हारकर EVM को दोष देते हैं
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस का चुनाव हारने का रिकॉर्ड रहा है और कांग्रेस के भीतर भी उनके नेतृत्व को लेकर सवाल उठते रहे हैं। जब भी राहुल गांधी चुनाव हारते हैं, वे EVM और मतदाताओं को दोष देते हैं।
कई बार कांग्रेस ने कहा कि EVM बीजेपी के लिए रिग की गई है, EVM पर प्रतिबंध लगाने और बैलेट पेपर से मतदान की मांग की है। हर चुनावी हार के बाद कांग्रेस नया बहाना ढूंढती है, आत्ममंथन नहीं करती और चुनाव आयोग व संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाती है।

उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में भी कांग्रेस अपनी हार भांप चुकी है, इसलिए वह विपक्षी दलों के साथ मिलकर झूठे आरोप लगा रही है। 1952 में कांग्रेस और सीपीआई ने मिलकर बी.आर. अंबेडकर को हराने में भूमिका निभाई थी और कांग्रेस ने 1952 में ही चुनावी भ्रष्टाचार की नींव रख दी थी।