नई दिल्ली8 घंटे पहले
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बलात्कार मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि अगर किसी बच्ची के साथ गलत हो, तो सिर्फ गवाही के आधार पर आरोप सिद्ध हो सकता है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने 3 सितंबर को एक बलात्कार मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि अगर किसी बच्ची के साथ गलत हो, तो सिर्फ उसकी गवाही के आधार पर भी आरोप सिद्ध हो सकता है। कोर्ट ने यह आदेश 2017 के एक बलात्कार केस की सुनवाई के दौरान दिया।
कोर्ट ने कहा आरोपी क्रॉस-एग्जामिनेशन के दौरान बच्ची के विश्वास को डगमगा नहीं पाया। केस में दोषी ने कोर्ट में सजा कम करने की याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस मनोज कुमार ने 12 साल की सजा को बरकरार रखा है।

पीड़ित को बलात्कार के बाद मारने की धमकी देता था दोषी
एफआईआर के मुताबिक, आरोपी टोनी 10 साल की पीड़ित बच्ची के स्कूल के पास एक दुकान में काम करता था। उसने खाने-पीने के बहाने बच्ची को अपने जाल में फंसाया। जब बच्ची को उस पर विश्वास हो गया, तब टोनी ने उसके साथ बलात्कार किया। बलात्कार के बाद टोनी ने बच्ची को काटकर नाले में फेंकने की धमकी दी।
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