नई दिल्ली6 मिनट पहले
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इनकम टैक्स अपील ट्रिब्यूनल ( ITAT) ने मंगलवार को कांग्रेस को टैक्स में छूट देने से जुड़ी याचिका खारिज कर दी। ट्रिब्यूनल ने आयकर रिटर्न देर से दाखिल करने और नकद दान की सीमा का उल्लंघन इसकी वजह बताया।
ITAT ने टैक्स अफसरों के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि पार्टी को साल 201-18 वित्तीय वर्ष के दौरान प्राप्त दान पर आयकर देना होगा।
कांग्रेस ने टैक्स का विरोध किया था दरअसल, कांग्रेस पार्टी को साल 2017-18 के दौरान दान के तौर पर 199 करोड़ रुपए मिले थे। इस पर टैक्स भुगतान के लिए आयकर विभाग का नोटिस मिला था। पार्टी ने विरोध किया था। कांग्रेस का कहना है कि 199 करोड़ रुपए दान के तौर पर मिले थे और वो कर मुक्त होना चाहिए, फिर टैक्स की मांग गलत है।
कांग्रेस ने ITR फाइल नहीं किया कांग्रेस ने इस पर कोई टैक्स नहीं लगने का हवाला देकर निर्धारित समय तक टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं किया था। ITAT ने कहा, कांग्रेस ने अपना आयकर रिटर्न 2 फरवरी 2019 को दाखिल किया था।
31 दिसंबर 2018 की नियत तिथि से काफी देर से था और उसमें आय शून्य घोषित की गई थी। साथ ही, पार्टी ने ₹199.15 करोड़ की छूट का दावा भी किया था।
लेकिन सितंबर 2019 में जांच के दौरान अधिकारी को पता चला कि पार्टी ने ₹14.49 लाख की नकद चंदा राशि स्वीकार की थी। इसमें कई दान 2,000 रुपए प्रति दाता की वैध सीमा से ज्यादा थे।
कानून के अनुसार 2,000 रुपए से अधिक के दान बैंकिंग माध्यमों जैसे चेक या बैंक ट्रांसफर के जरिए किए जाने चाहिए। इस उल्लंघन के आधार पर पूरे 199.15 रुपए करोड़ पर कर लगाया गया।
जब कांग्रेस ने छूट का दावा किया, तो आयकर विभाग ने 2021 में इसे खारिज कर दिया। मार्च 2023 में आयकर आयुक्त (अपील) ने भी इस फैसले को बरकरार रखा।