सरोवर में पेशाब करते बच्चे, जिनका वीडियो वायरल हुआ है।
पंजाब में नवरात्रि पर अमृतसर में चल रहे लंगूर मेले के दौरान बेअदबी का मामला सामने आया है। मेले के दौरान दुर्ग्याणा मंदिर के उस सरोवर लंगूर बने कुछ बच्चे पेशाब करते दिखाई दिए, जिसे पवित्र मानते हुए लोग स्नान करते हैं।
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इसका वीडियो सामने आने पर दुर्ग्याणा मंदिर की सुरक्षा व तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं। एक महंत ने यहां तक कह दिया है कि अब यह सरोवर अपवित्र हो चुका है। इस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा है कि मामले की जानकारी लेकर पूरी कार्रवाई की जाएगी।
लंगूर मेले के चलते मंदिर के आसपास व सरोवर के पास प्रशासन ने सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके बावजूद इस तरह की घटना हो गई।
सरोवर के पास खड़े बच्चे पेशाब करते हुए।
सामने आए वीडियो में क्या दिख रहा…
- 2 बच्चे सरोवर के पास पेशाब कर रहे: देश में 22 सितंबर को शारदीय नवरात्र की शुरुआत के साथ अमृतसर में लंगूर मेले का शुभारंभ हुआ है। इसे शुरू हुए अभी 3 ही दिन हुए हैं। इसी बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें देखा जा सकता है कि 2 बच्चे दुर्ग्याणा मंदिर के सरोवर के पास खड़े होकर पेशाब कर रहे हैं।
- दोनों बच्चे लंगूर की अधूरी वेशभूषा में: वीडियो में दिख रहा है कि दोनों बच्चे लंगूर बने हुए हैं। वे लंगूर की आधी वेशभूषा में हैं। एक बच्चे ने कुर्ता उतार रखा है, लेकिन लाल रंग का गोटा लगा पायजामा पहन रखा है। जबकि, दूसरे बच्चे के पैरों में घुंघरू बंधे हुए हैं। इनका पीछे से किसी ने वीडियो शूट किया है। हालांकि, यह वीडियो कब का है, यह साफ नहीं है।

मैनेजमेंट पर सवाल उठाते हुए अशनील महाराज।
वीडियो के चलते प्रशासन पर उठने लगे सवाल वीडियो के वायरल होने के बाद काले घनुपुर बालाजी मंदिर के महंत अशनील महाराज ने इस पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि इसमें बच्चों का कोई कसूर नहीं है। वे तो बच्चे हैं। उन्हें तो पता ही नहीं है कि वे क्या कर रहे हैं। यह जिम्मेदारी मैनेजमेंट की है।
महंत ने कहा- मैनेजमेंट ने वहां सिक्योरिटी लगा रखी है। उसे देखना चाहिए था। अब मैनेजमेंट को बताना होगा कि 10वें दिन जब वानर रूप धरे श्रद्धालु अपना चोला उतारेंगे तो वे स्नान कहां करेंगे? क्योंकि, यह सरोवर तो अब अपवित्र हो गया है।
मैनेजमेंट ने कहा- मामले की जांच करेंगे वहीं, इस बारे में हनुमान मंदिर के चेयरमैन राकेश शर्मा से कहा है कि वीडियो की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा- अगर ऐसा हुआ है तो हम इसकी जांच करवाएंगे। मैनेजमेंट की तरफ से वहां सिक्योरिटी तैनात कर रखी गई है। मामले में जिसकी भी गलती पाई गई, उस पर कार्रवाई होगी।
10 दिन चलता है लंगूर मेला बता दें कि नवरात्र के साथ लंगूर मेले की शुरुआत हुई है। मान्यता है कि अगर निसंतान दंपती बड़े हनुमान मंदिर में संतान की कामना करते हैं तो उनकी इच्छा पूरी होती है। संतान होने के बाद माता-पिता नवरात्र में अपने बच्चे को यहां लाते हैं और उसे 10 दिन तक लंगूर का बाणा पहनाकर बजरंगबली का स्वरूप बनाते हैं।
लंगूर बने बच्चों को नवरात्र के दौरान कई कठोर नियमों का पालन करना होता है। रावण दहन के अगले दिन सुबह ये बच्चे बड़े हनुमान मंदिर में माथा टेककर अपना चोला उतारते हैं। चोला इसी सरोवर में स्नान कर उतारा जाता है।
