बाड़मेर के सदर इलाके में स्कॉर्पियो सवार बदमाशों के हमले में हुई एक मौत के बाद पुलिस हॉस्पिटल पहुंची और पूछताछ की।
शराब ठेका संचालक और दो साथियों को रास्ते में घेरकर नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) कमांडों और उसके दोस्तों ने हमला बोल दिया। इनके हाथ में तलवार और अन्य धारदार हथियार थे। तलवार से ठेका संचालक और उसके एक साथी के हाथी-पैर काट दिए। इसमें ठेका संचालक की मौत
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एसपी ने हॉस्पिटल पहुंचकर घायल से घटनाक्रम की पूरी जानकारी ली।
रुपए के लेन-देन को लेकर विवाद स्थानीय लोगों के अनुसार, बुधवार शाम को एनएसजी कमांडो चंपालाल पुत्र लाखाराम निवासी सरणू पनजी अपने दोस्तों के साथ होडु गांव स्थित शराब ठेके पर गया था। वहां पर सेल्समैन और उनके बीच रुपए लेन-देन को लेकर कहासुनी हो गई। उस समय तो कमांडो और उसके दोस्त वहां से चल गए।
ठेके से आधा किमी आगे चलते ही घेरा घायल वीरेंद्र कुमार ने बताया- रात को शराब ठेका संचालक खेताराम (25) पुत्र राऊराम निवासी होडु, हरलाल उर्फ हरखाराम पुत्र मूलाराम और मैं ठेका बंद करके कैंपर (जीप) से घर की तरफ जा रहे थे। ठेके से करीब आधा किमी बाड़मेर-जालौर स्टेट हाईवे पर आगे बढ़े थे। तभी रात करीब 10 बजे स्कार्पियो और बाइक पर सवार होकर आए कमांडो चंपालाल और उसके साथियों ने गाड़ी रुकवाई।
हमें इस बात का अहसास नहीं था कि ये लोग हमारे खून के प्यासे हैं। ये लोग हमें मारने आए हैं। हमलोग कुछ समझ पाते इससे पहले ही चंपालाल और उसके साथियों ने तलवार और अन्य धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला करने लगे।

पुलिस ने खेताराम के शव को हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया।
लहूलुहान करके हाईवे पर छोड़ गए धक्का-मुक्की में वीरेंद्र चौधरी हाईवे किनारे खाई में गिर गया। आरोप है कि चंपालाल और उसके साथियों ने खेताराम व हरखाराम के हाथ-पैर काट दिए। खून से लथपथ हरखाराम सड़क पर गिर गया। खेताराम सीट पर ही बेहोश हो गया। दोनों को बेहोशी के हालात में छोड़कर सभी आरोपी वहां से भाग गए।
खेताराम को होश नहीं था। तड़पते हुए हरखाराम ने कहा कि कोई मुझे हॉस्पिटल ले चलो।
एक साथी जोधपुर रेफर वीरेंद्र ने बताया- किसी तरह मैंने हिम्मत जुटाई। फोन करके परिजनों और ग्रामीणों को बुलाया। फिर इनको प्राइवेट गाड़ी से बाड़मेर हॉस्पिटल लेकर आए। यहां पर खेताराम को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हरखाराम को जोधुपर रेफर किया गया है। हमलावारों में चंपाराम पुत्र लाखाराम मूंढण, ओमप्रकाश थे। दोनों को मैंने पहचान लिया। बाकी हमलावर पहचान में नहीं आए।
चाचा बेहोश हुए लहूलुहान भतीजे को देखकर खेताराम के चाचा आईदान राम बेहोश हो गए। वह सरपंच प्रतिनिधि हैं। इनकी पत्नी सरपंच है। डॉक्टरों ने चाचा को भी भर्ती कर लिया है। कोतवाली और सदर पुलिस हॉस्पिटल पहुंची। दूसरे घायल वीरेंद्र चौधरी के बयान दर्ज किए गए। वह मामूली रूप से घायल है।
पुलिस और एमओबी की टीमें पहुंचीं एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने बताया- रात में ही सदर थाना पुलिस, एमओबी, एफएसएल और डॉग स्क्वायड की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। वहां पर सबूत जुटाएं। पुलिस ने नाकाबंदी करवाकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पर सफलता नहीं मिली।
हमलावार एनएसजी कमांडो हमला करने वालो कमांडो चंपालाल कुछ दिन पहले ही अपने पिता के रिटायरमेंट होने पर छुट्टी लेकर घर पहुंचा था। पिता लाखाराम 31 अगस्त को टीचर से सेवानिवृत हुए थे। 7 सितंबर को सेवानिवृति समारोह गांव में ही था। खेताराम (मृतक) इकलौता बेटा था। उसी तीन बहनें हैं। खेताराम के एक चार साल और दूसरी दो साल की बच्ची है।