राजवीर जवंदा और उनके अंतिम संस्कार के दौरान उमड़ी भीड़।

पंजाबी सिंगर राजवीर जवंदा 35 साल की कम उम्र में दुनिया से रुखसत हो गए। गुरुवार को लुधियाना के पैतृक गांव पौना में अंतिम विदाई दी गई। यहां हर चेहरे पर गम और हर आंख में आंसू थे। चहेते सिंगर की अंतिम झलक पाने के लिए फैंस पेड़ों पर तक चढ़ गए। जवंदा का 27 स

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उनकी रीढ़ की हड्‌डी और सिर में गंभीर चोट लगी। तब कोई ऐसा जानकार नहीं था जो गर्दन-सिर को संभालने के लिए रीढ़ की हड्‌डी को टेंपरेरी सपोर्ट दे पाता। हादसे की जगह से फोर्टिस लाने तक यही उनके जिंदा न बच पाने की सबसे बड़ी वजह बनी। 11 दिन तक वह मोहाली के अस्पताल में जिंदगी व मौत से जूझे लेकिन आखिर में बुधवार सुबह 10.55 बजे अंतिम सांस ली।

परिवार के करीबी बताते हैं- पत्नी अशविंदर ने रोका था, बाइक से मत जाओ, जवंदा बोले- कुछ नहीं होगा, जल्दी लौट आऊंगा। जब अस्पताल से लाश आनी थी तो बेटी को लगा ‘पापा आ रहे’, वह सरप्राइज गिफ्ट तैयार करने लगी। मगर, अब उसे भाई दिलावर के हाथों पिता को पंचतत्व में विलीन होते देखना पड़ा।

पुलिस कॉन्स्टेबल से सिंगर बने जवंदा कहते थे- जिंदगी एक है, इसमें पैसे की अहमियत नहीं, रिश्तों की है। जिंदगी काटने वाली नहीं जीने की चीज है।

जवंदा कहते थे-मेरा एक सपना है कि जिस लड़के की शादी में मैंने आज गाया, उसका लड़का हो तो उसमें भी मैं गाऊं लेकिन अब यह सपना कभी पूरी नहीं होगा। राजवीर जवंदा की जिंदगी से लेकर मौत तक की पूरी कहानी के लिए VIDEO देखें….



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