भाजपा के जिला उपाध्यक्ष धर्मवीर भड़ाना अस्पताल की डिस्चार्ज समरी दिखाते हुए।

हरियाणा के फरीदाबाद में भाजपा नेता प्राइवेट अस्पताल में कमर दर्द का इलाज कराने से सुर्खियों में आ गए हैं। अस्पताल ने आरोप लगाया कि मंत्री ने 2 दिन इलाज कराया। इसके बाद बिना बिल दिए कपड़े बदलकर गायब हो गए। अस्पताल ने पुलिस तक को इसकी शिकायत कर दी।

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हालांकि भाजपा के जिला उपाध्यक्ष धर्मवीर भड़ाना ने आरोपों को गलत करार दिया। उन्होंने दावा किया कि वे डिस्चार्ज होकर अस्पताल से गए हैं। भड़ाना ने अस्पताल पर उनके जानवरों जैसे टेस्ट करने के भी आरोप लगाए।

हालांकि अब भाजपा नेता और अस्पताल का कहना है कि बिल का मामला सुलझ गया है, मगर भाजपा नेता ने उन्हें बदनाम करने का आरोप जरूर लगाया है।

फरीदाबाद के सेक्टर A स्थित एशियन मल्टीस्पेश्यलिटी अस्पताल में भर्ती हुए थे भाजपा नेता।

सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला…

अस्पताल की PRO ने पूरे मामले का ये खुलासा किया

  • भाजपा नेता का बिल हेल्थ कंपनी ने डिक्लाइन कर दिया: जब इस मामले को लेकर अस्पताल की PRO ईशा वर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि, धर्मवीर भड़ाना शनिवार को एडमिट हुए थे। उनके इलाज का बिल मेडिक्लेम वाली हेल्थ कंपनी की तरफ से डिक्लाइन कर दिया गया था।
  • बिना रुपए दिए गायब हो गए नेता: ईशा वर्मा ने आगे बताया- बिल के डिक्लाइन होने के बाद भड़ाना बिना पैसे दिए अस्पताल से गायब हो गए। जिसके बाद हमने मामले की शिकायत सेक्टर 21 ए पुलिस चौकी को दी थी।
  • भड़ाना कपड़े बदल, बैंड छिपा चले गए: इशा वर्मा से जब भड़ाना के गायब होने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया- मरीज के कमरे में उसके पास हमेशा उसके पर्सनल कपड़े भी होते हैं। भड़ाना ने अस्पताल के कपड़े उतारकर अपने कपड़े पहने और अस्पताल में भर्ती होने के बैंड को कपड़े से छिपाकर गायब हो गए।

भाजपा नेता ने भर्ती एडमिट से लेकर पेमेंट तक की ये कहानी बताई

  • कमर दर्द की शिकायत पर हुए थे एडमिट: फरीदाबाद में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष धर्मवीर भड़ाना ने बताया कि शनिवार को उनकी कमर में दर्द हुआ। जिसके चलते वह सेक्टर 21 A के एशियन मल्टीस्पेश्यलिटी अस्पताल चेकअप कराने के लिए गए थे। वहां सर्जन वेद प्रकाश ने उनकी समस्या सुनी।
  • 20 लाख का हेल्थ क्लेम बताया, एडमिट किया: भड़ाना ने आगे बताया- डॉक्टर ने उन्हें हेल्थ मेडिक्लेम के बारे में पूछा। जिस पर मैंने बताया कि मेरा 20 लाख का मेडिक्लेम है। इसके बाद शनिवार को ही शाम 4 बजे मुझे एक प्राइवेट कमरा देकर अस्पताल में एडमिट कर लिया।
  • एक के बाद एक टेस्ट किए, बीमारी नहीं मिली: भड़ाना ने कहा- एडमिट करने के बाद अस्पताल ने मेरे टेस्ट करने शुरू कर दिए। अस्पताल ने जानवर की तरह एक के बाद एक टेस्ट का एक्सपेरिमेंट मेरे ऊपर कर डाला। एक्सरे से लेकर, खून की जांच, एमआरआई, इंडोस्कोपी सभी तरह के टेस्ट किए गए। लेकिन कोई बीमारी नहीं मिली।
  • ऑपरेशन से मना किया तो डिस्चार्ज कर दिया: भड़ाना ने कहा- इसके बाद खून में इन्फेक्शन की दवाई दी गई। मुझे कहा गया कि मेरी पित की थैली (किडनी) में पथरी है। डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी, लेकिन मैंने इनकार कर दिया। इसके बाद सोमवार शाम को करीब 8 बजे डॉ. ने मुझे डिस्चार्ज कर घर भेज दिया।
  • 70 हजार का बिल , मेडिक्लेम कैंसिल हुआ: धर्मवीर भड़ाना ने बताया कि अस्पताल ने उनका 70 हजार रूपए का बिल बनाया था। मगर पहले हेल्थ एजेंसी ने उसको डिक्लाइन कर दिया। जिसके बाद उन्होंने अपने एजेंट की बात कराई। फिर अस्पताल ने दोबारा से बिल अप्रूवल के लिए भेजे। इसके बाद वह बाकायदा डिस्चार्ज समरी लेकर अस्पताल से घर आए। बाद मे कंपनी ने बिल को पास भी कर दिया था।



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