नई दिल्ली34 मिनट पहले

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जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने श्रीनगर में राष्ट्रगान के दौरान खड़े न होने के आरोप में 15 युवाओं को हिरासत में लिए जाने की निंदा की। उन्होंने कहा कि कश्मीर में लोगों को जबरन यहां तक कि बंदूक की नोक पर राष्ट्रगान के लिए खड़ा किया जा रहा है।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष मुफ्ती ने कहा- यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा ने हालात ऐसे बना दिए हैं कि लोगों को राष्ट्रगान के लिए मजबूर किया जा रहा है।

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जब मैं स्टूडेंट थी तो हम अपनी इच्छा से राष्ट्रगान के सम्मान में खड़े होते थे। लेकिन अब यह दबाव डालकर करवाया जा रहा है। यह सरकार की विफलता है।

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दरअसल, मंगलवार शाम श्रीनगर के TRC फुटबॉल मैदान में राष्ट्रगान बजने के दौरान बैठे रहने पर 15 युवाओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था।

महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को बगाट-ए-बरजुल्ला स्थित मुस्लिम एजुकेशनल ट्रस्ट (MET) स्कूल के मैदान का दौरा किया।

महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को बगाट-ए-बरजुल्ला स्थित मुस्लिम एजुकेशनल ट्रस्ट (MET) स्कूल के मैदान का दौरा किया।

महबूबा बोलीं- हमारे खेल मैदान छीने जा रहे

मुफ्ती ने मुस्लिम एजुकेशनल ट्रस्ट स्कूल के मैदान का दौरा करने के बाद कहा कि पुलिस इस जमीन पर शहीद स्मारक बनाने की योजना बना रही है, जिससे स्थानीय लोगों और युवाओं को खेल का मैदान खोना पड़ सकता है। हमारे खेल मैदान छीने जा रहे हैं। उन्होंने अपील की- ‘मैं DGP से आग्रह करती हूं कि इस मैदान को बचाया जाए। ‘

मुफ्ती बोलीं- पीएम भी पुलवामा नाइट क्रिकेट प्रतियोगिता की तारीफ कर चुके

इसके अलावा उन्होंने चट्टाबल इलाके के डेयरी फार्म मैदान का भी दौरा किया। यहां स्थानीय लोग लंबे समय से इसे सार्वजनिक खेल मैदान के रूप में बचाए रखने की मांग कर रहे हैं।

महबूबा ने कहा- ‘यह मैदान दशकों से खेलों के लिए इस्तेमाल हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी मन की बात में पुलवामा की नाइट क्रिकेट प्रतियोगिता की सराहना की थी। इसलिए सेना को भी चाहिए कि यह मैदान युवाओं से न छीना जाए।’

महबूबा मुफ्ती ने चेतावनी दी कि अगर युवाओं से ये सार्वजनिक स्थान छीन लिए गए तो असंतोष बढ़ेगा। उन्होंने कहा- ‘पुलिस हमारी रक्षक हैं। शहीदों का स्मारक कहीं और भी बनाया जा सकता है। जम्मू-कश्मीर में ऐसी जगहों की कमी नहीं है।’

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महबूबा के बयानों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…

महबूबा मुफ्ती ने हिजबुल्लाह चीफ को शहीद बताया, बोलीं- हम लेबनान और फिलिस्तीन के साथ

PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह की मौत पर दुख जताया था। 28 सितंबर 2024 को X पर अपनी पोस्ट में महबूबा ने कहा था कि लेबनान और गाजा के शहीदों, खासतौर से हसन नसरल्लाह के समर्थन में रविवार का चुनावी दौरा रद्द कर रही हूं।

उन्होंने कहा कि इस गहरे दुख और विद्रोह की घड़ी में हम फिलिस्तीन और लेबनान के लोगों के साथ खड़े हैं। पूरी खबर पढ़ें…

हिजबुल्लाह चीफ नसरल्लाह के समर्थन में जम्मू-कश्मीर के बड़गाम में लोगों ने रैली भी निकाली थी।

हिजबुल्लाह चीफ नसरल्लाह के समर्थन में जम्मू-कश्मीर के बड़गाम में लोगों ने रैली भी निकाली थी।

महबूबा मुफ्ती बोलीं- भारत और बांग्लादेश के हालात एक जैसे, यहां भी अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहा

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने 1 दिसंबर 2024 को भारत के अल्पसंख्यकों को लेकर कहा था कि उनके लिए भारत और बांग्लादेश में कोई अंतर नहीं है। बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हिंसा हो रही है। यही हाल भारत के अल्पसंख्यकों का भी है।

मुफ्ती ने कहा, ‘बांग्लादेश में हिंदुओं पर ज्यादती हो रही है। अगर यहां भी अल्पसंख्यकों पर अत्याचार होंगे तो फिर भारत और बांग्लादेश में क्या अंतर रह जाएगा? मुझे भारत-बांग्लादेश में कोई अंतर नहीं दिखता।’ पूरी खबर पढ़ें…

पहलगाम हमले पर बोलीं महबूबा- ‘डुबोकर मारोगे, फिर पूछोगे कश्मीरी हमारे साथ क्यों नहीं’

22 अप्रैल को बायसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के बाद पूर्व CM और PDP चीफ महबूबा मुफ्ती 5 मई, सोमवार को पहलगाम पहुंचीं थीं। लोकल लोगों से मिलीं। इसी दौरान दैनिक भास्कर ने महबूबा मुफ्ती से बात की थी। उन्होंने हमले के अलावा, अब तक हुई जांच और देश में कश्मीरियों के खिलाफ बने माहौल से जुड़े सवालों के जवाब दिए। महबूबा ने 4 मई को कुलगाम के संदिग्ध ओवर ग्राउंड वर्कर इम्तियाज अहमद की मौत पर सवाल उठाए। पूरी खबर पढ़ें…

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