पंजाब विधानसभा सेशन का दूसरा दिन आज।
पंजाब सरकार की ओर बाढ़ पर बुलाए गए स्पेशल सेशन का आज सोमवार को दूसरा दिन है। इस दौरान लगभग छह बिल पास किए जाएंगे। साथ ही, पंजाब के पुनर्वास से जुड़े प्रस्ताव पर चर्चा और वोटिंग भी होगी।
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यह प्रस्ताव केंद्र की बीजेपी सरकार के खिलाफ है। वहीं, बीजेपी ने इस सेशन से खुद को अलग रखा है। बीजेपी की तरफ से आज सुबह 11 बजे सेक्टर-37 में एक ‘जनता की विधानसभा’ होगी, जिसमें वे राज्य सरकार के खिलाफ अपनी बातें रखेंगे।
सेशन की शुरुआत में पंजाब वित्तीय जिम्मेदारी और बजट प्रबंधन कानून 2003 की धारा 6(1) के तहत वित्त वर्ष 2023-24 की उपलब्धियों और खर्च के बारे में बताया जाएगा। इसे पिछले वित्त वर्ष 2022-23 के साथ तुलना कर सभा में रखा जाएगा। इसके बाद पंजाब के पुनर्वास पर चर्चा शुरू होगी।
सीएम भगवंत मान सदन में अपनी बात रखते हुए। फाइल फोटो
केंद्र सरकार के खिलाफ प्रस्ताव पंजाब राज्य को बाढ़ से नुकसान हुआ है, जिसे 1988 के बाद सबसे गंभीर माना जा रहा है। इस बाढ़ से 20 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए, 5 लाख एकड़ फसल बर्बाद हुई, पशुधन का नुकसान हुआ और भारी अवसंरचना को भी नुकसान पहुंचा है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से कम से कम 20,000 करोड़ रुपए का राहत पैकेज देने की मांग की थी। लेकिन केंद्र सरकार ने जो 1,600 करोड़ रुपए देने की बात कही थी, वह राशि अब तक पंजाब को नहीं मिली है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने मुख्यमंत्री से मिलने का भी अनुरोध ठुकरा दिया।
सभा ने फैसला किया है कि केंद्र सरकार की इस राहत पैकेज न देने और मुख्यमंत्री की बात न सुनने की कड़ी निंदा की जाए। प्रधानमंत्री कार्यालय के रवैये की भी आलोचना की गई है। 1,600 करोड़ रुपए के पैकेज को पंजाब की मांग के मुकाबले एक “क्रूर मजाक” माना गया है।
सभा ने केंद्र सरकार के इस रवैये के खिलाफ विरोध जताया है और आग्रह किया है कि कम से कम 20,000 करोड़ रुपए का राहत पैकेज तुरंत मंजूर करके पंजाब को दिया जाए। साथ ही यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और वित्त मंत्रालय को भी भेजा जाएगा।

पहले दिन सेशन में यह 8 प्वाइंट रहे चर्चा का विषय
आप विधायकों का सदन में मोदी के खिलाफ प्रदर्शन सदन में आम आदमी पार्टी के ही विधायकों ने केंद्र से बाढ़ के लिए फंड न मिलने का विरोध किया। हंगामे के दौरान आम आदमी पार्टी के विधायकों ने पोस्टर दिखाए, जिन पर “मोदी जी का 1600 करोड़ का जुमला” लिखा हुआ था। इस दौरान वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि भाजपा के दोनों विधायक सदन से गायब हैं।
प्रधानमंत्री ने इस बार भी मजाक किया। जब वे पठानकोट आए, तो बाढ़ में अपने चार बच्चे खोने वाले परिवार से नहीं मिले। प्रधानमंत्री पंजाब से नफरत करते हैं और आने वाले समय में लोग बीजेपी को सबक सिखाएंगे।
कांग्रेस ने मांगा सिंचाई मंत्री का इस्तीफा पहले दिन सेशन कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने पूछा कि केंद्र और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 12 हजार करोड़ पंजाब सरकार के पास पड़ा हुआ है। सीएम भगवंत मान और वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि 1500 करोड़ है। सदन को बताया जाए कि प्रधानमंत्री झूठ बोल रहे या मुख्यमंत्री।
इसके बारे में पंजाब को सच्चाई बताई जानी चाहिए। बाजवा ने कहा कि जिस दिन प्रधानमंत्री आए, उस दिन मुख्यमंत्री अस्पताल में लेट गए। बाजवा ने आगे कहा कि पूरा पंजाब डुबा दिया है। अब यह रंगला पंजाब नहीं बल्कि कंगला पंजाब बना दिया है। बाजवा ने कहा कि बाढ़ की पूरी जांच होनी चाहिए। इससे पहले सिंचाई मंत्री इस्तीफा दें और सिंचाई विभाग के सचिव कृष्ण कुमार को सस्पेंड किया जाए।
मंत्रियों का जवाब- बीमारी का मजाक बना रहे सीएम के बीमारी होने के मुद्दे पर भी हंगामा हुआ। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कांग्रेस BJP के एजेंट की तरह काम कर रही है, जो बाढ़ राहत फंड न देने की बात कह रही है। चीमा ने पूछा कि नदी किनारे रेत के लिए जमीनें किसने खरीदी, पर्चे से क्यों डरते हो? वहीं शिक्षामंत्री मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि बीमार कोई भी हो सकता है। बीमारी का मजाक बनाया जा रहा है।
पीएम मोदी ने ट्वीट तक नहीं किया सिंचाई मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाढ़ को लेकर कोई ट्वीट तक नहीं किया। हमारी 20 हजार करोड़ की डिमांड थी लेकिन सिर्फ 1600 करोड़ रुपए दे गए। जब हमारे मंत्री ने बात करने की कोशिश की तो उन्होंने बात नहीं की। इतनी बुरी हालत होने के बावजूद पीएम हमारे मुख्यमंत्री भगवंत मान को मिलने तक का टाइम नहीं दे रहे। यह पंजाब के साथ केंद्र की नाइंसाफी है। मंत्री ने कहा कि केंद्र ऑपरेशन सिंदूर की वाहवाही लूट रही है लेकिन इसके ड्रोन भी पंजाब में गिरे।

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा।
CM बोले- मौसम विभाग की भविष्यवाणी गलत सीएम भगवंत मान ने कहा कि मौसम विभाग की भविष्यवाणी बिल्कुल भी उचित नहीं थी। इस हिसाब से क्या इस एजेंसी को रहने का अधिकार है। एजेंसी में प्रधानमंत्री ने अपने क्लासफैलो लगा रखे होंगे। इससे बढ़िया था कि हम गूगल पर वैदर देख लेते। इसके बाबू सिर्फ तनख्वाह ले रहे।
राहुल गांधी को पाकिस्तान भेज दिया सीएम ने कहा- कांग्रेस के महासचिव (राहुल गांधी) पंजाब में बाढ़ का जायजा लेने आए हुए थे। इनको जेड प्लस सिक्योरिटी दी। रावी का बहाव तेज था। इसलिए उन्हें रोक दिया । अगर कहीं बह जाते तो कहते कि राहुल गांधी को पाकिस्तान भेज दिया।
केंद्र सरकार के मंत्री आए, बिना कुछ दिए गए आप विधायक दविंदर लाडी डोंस ने कहा कि केंद्र सरकार के 2 मंत्री हमारे हलके में आकर गए है, लेकिन कुछ देकर नहीं गए। वह प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1600 करोड़ रुपए गिनाते रहे। वहीं, आज हमारे वित्तमंत्री ने साफ कर दिया कि हमारे पास उस 1600 करोड़ से एक भी पैसा नहीं आया है। प्रताप सिंह बाजवा बात कर रहे थे कि पंजाब सरकार ने बांधों व अन्य चीजों के लिए एक पैसा खर्च नहीं किया, लेकिन मेरे हलके धर्मकोट में काम हुआ
हेलिकॉप्टर वालों को बंबूकार्ट में बैठाया आप विधायक विधायक शैरी कलसी ने कहा था कि विरोधी दल के नेता भाजपा एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। जबकि आज पंजाब को उनकी जरूरत है। उन्होंने कहा कि हम राजनीति करने नहीं आए, राजनीति बदलने आए। हमारे नेताओं ने बाढ़ के समय रात-दिन मेहनत की। पहले कांग्रेसियों ने हेलिकॉप्टर से जायजा लिया, इसी तरह अकालियों का चलता है। लेकिन हमारे नेताओं ने हेलिकॉप्टर में घूमने वाले नेता को बंबूकार्ट में में बिठा दिया।