नई दिल्ली32 मिनट पहलेलेखक: ​​​​​​​​​​​​​​अनिरुद्ध शर्मा

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UN में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन की रिपोर्ट ‘टिपिंग पॉइंट टू जीरो: एविडेंस टुवर्ड्स अ चाइल्ड मैरिज फ्री इंडिया’ यूएन में जारी हुई। फाइल फोटो

भारत ने बाल विवाह रोकथाम में बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। 2023 से अब तक 4 लाख बाल विवाह रोके गए। बाल विवाह निरोधक कानून बनने के बाद यह सबसे बड़ी संख्या है। 3 सालों में बाल विवाह 69% घटे।

संयुक्त राष्ट्र (Unites Nations) आम सभा के दौरान एक कार्यक्रम में जारी जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन की रिपोर्ट ‘टिपिंग पॉइंट टू जीरो: एविडेंस टुवर्ड्स अ चाइल्ड मैरिज फ्री इंडिया’ में ये दावा है।

2023 में संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा था कि इस रफ्तार से यह कुरीति खत्म करने में 300 साल लग जाएंगे। दुनिया के एक तिहाई बाल विवाह भारत में होते हैं।

जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के फाउंडर भुवन ऋभु ने कहा…

2023 में 257 ऐसे जिले चुने हैं जहां बाल विवाह की दर 23% से ज्यादा थी। 270 संगठन साथ जोड़े। हर संगठन को एक जिले के 50 गांव चुनकर सिर्फ 6 शादियां रोकने की जिम्मेदारी दी। इनके सबूत पोर्टल पर डाले गए। 25 सितंबर तक यह आंकड़ा 4,00,742 हो चुका है। नजरिया बदला

  • 96% लोग अब बाल विवाह की शिकायत करने में सहज
  • 63% लोग बाल विवाह रिपोर्ट करने में बहुत सहज
  • 33% कुछ हद तक सहज महसूस करते हैं

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मध्यप्रदेश के 41 जिलों में पिछले दो सालों में 36,838 बाल विवाह रोके गए, 4,777 बच्चों को ट्रैफिकिंग से बचाया और 1200 से ज्यादा पीड़ित बच्चों को न्याय दिलाया गया। ये आंकड़े जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के संस्थापक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित अधिवक्ता भुवन ऋभु ने पेश किए। यह खबर भी पढ़ें…

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