भारत में पहली बार ट्रेन से अग्नि-प्राइम मिसाइल का टेस्ट: कैनिस्टराइज्ड मिसाइल के लिए स्पेशल ट्रेन बनाई; जंगल-पहाड़ और मैदान तक पहुंच आसान हुई

भारत में पहली बार ट्रेन से अग्नि-प्राइम मिसाइल का टेस्ट: कैनिस्टराइज्ड मिसाइल के लिए स्पेशल ट्रेन बनाई; जंगल-पहाड़ और मैदान तक पहुंच आसान हुई

भारत में पहली बार ट्रेन से अग्नि-प्राइम मिसाइल का टेस्ट:  कैनिस्टराइज्ड मिसाइल के लिए स्पेशल ट्रेन बनाई; जंगल-पहाड़ और मैदान तक पहुंच आसान हुई


नई दिल्ली9 मिनट पहले

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भारत ने रेल आधारित मोबाइल लॉन्चर प्रणाली से मध्यम दूरी की अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफल प्रक्षेपण किया है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इसकी जानकारी दी। अग्नि प्राइम मिसाइल 2000 किलोमीटर तक की मारक क्षमता के लिए डिजाइन की गई है। यह कई एडवांस्ड फीचर से लैस है।

राजनाथ ने लिखा- स्पेशल रूप से डिजाइन की गई रेल बेस्ड मोबाइल लॉन्चर से किया गया अपनी तरह का पहला लॉन्चिंग सिस्टम हर तरह के रेल नेटवर्क पर चलने की क्षमता रखता है।

इस टेस्ट ने भारत को उन चुनिंदा देशों के ग्रुप में शामिल कर दिया है जिनके पास चलते-फिरते रेल नेटवर्क से मिसाइल लॉन्च करने वाला कैनिस्टराइज्ड लॉन्चिंग सिस्टम है।

अग्नि प्राइम मिसाइल भारत की स्ट्रेटेजिक फोर्सेस कमांड (एसएफसी) के लिए बनी है। जिसका परीक्षण 25 सितंबर को ओडिशा के चांदीपुर इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से किया गया।

कैनिस्टराइज्ड लॉन्च सिस्टम क्या होता है

यह मिसाइल लॉन्च करने की एक मॉडर्न तकनीक है। इसमें मिसाइल को एक मजबूत कैनिस्टर (बड़े धातु के कंटेनर) में रखा जाता है। यह कैनिस्टर मिसाइल को सुरक्षित रखता है और आसानी से इधर-उधर ले जाने और लॉन्च के लिए तैयार रखता है।

कैनिस्टर से मिसाइल को बिना लंबी तैयारी के सीधे दागा जा सकता है। मिसाइल नमी, धूल, मौसम और बाकी विपरीत हालात में सुरक्षित रहती है। ट्रक, रेल या मोबाइल लॉन्चर पर कैनिस्टर रखकर मिसाइल को कहीं भी ले जाया जा सकता है।

दुश्मन को यह पहचानना मुश्किल होता है कि कौन सा कैनिस्टर मिसाइल लिए हुए है और कौन नहीं। कैनिस्टर में पैक रहने से मिसाइल को बार-बार मेंटेनेन्स की जरूरत नहीं पड़ती।

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