भिवानी में लेडी टीचर मनीषा की मौत की जांच करने पहुंची CBI।
हरियाणा के भिवानी में लेडी टीचर मनीषा की मौत की जांच कर रही केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने 3 बार उसके पिता संजय से पूछताछ की है। तीनों बार एक जैसे सवाल ही पूछे गए। इसके अलावा जिस प्ले वे स्कूल में मनीषा एक महीने से पढ़ा रही थी, उसके संचालक रोहित दहिया
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मनीषा के पिता संजय का कहना है कि सीबीआई ने हर बार उनसे मनीषा के लापता होने के दिन यानी 11 अगस्त से लेकर शव मिलने वाले दिन यानी 13 अगस्त तक की हर घटना के बारे में ही पूछा है। इस सवाल पर खास जोर रहा कि आपको क्या लगता है, मनीषा के साथ क्या हुआ होगा? संजय कहते हैं कि प्रशासन ने केस को ज्यादा उलझाया है।
इधर, अभी यह सामने नहीं आया कि प्ले स्कूल संचालक रोहित दहिया से चार बार हुई पूछताछ में क्या पूछा गया है। दैनिक भास्कर एप ने जब उनके फोन पर संपर्क किया तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
मनीषा के पिता संजय ने कहा कि सीबीआई ने बेटी के लापता होने और उसके शव मिलने के बारे में पूछा।
अब जानिए मनीषा के पिता से कब-कब क्या पूछा CBI ने
CBI की टीम का कॉमन सवाल- आपको क्या लगता है मनीषा के साथ क्या हुआ गांव ढाणी लक्ष्मण में CBI टीम 6, 8 और फिर 19 सितंबर को पहुंची है। तीनों ही बार मनीषा के पिता संजय से सवाल पूछे। इसके बारे में संजय कहते हैं- CBI मामले की जांच कर रही है, हालांकि उन्हें अभी इस मामले में कुछ भी नहीं बताया गया हैं। परिवार से 3 बार पूछताछ की गई है। जब भी सीबीआई आती है तो उनके ही बयान दर्ज करती है। हालांकि परिवार के कुछ लोग साथ रहते हैं।
पिता ने कहा था- मनीषा की आखिरी कॉल उठा नहीं पाया इससे पहले भिवानी पुलिस के दिए बयान में संजय ने कहा था कि 11 अगस्त को शाम 6:26 बजे मनीषा के मोबाइल नंबर से कॉल आई थी। हालांकि वो कॉल रिसीव नहीं कर सके। उसके कुछ देर बाद मनीषा के नंबर पर कॉल बैक की तो कॉल डिस्कनेक्ट हो गई। इसके बाद मनीषा के नंबर पर रिंग नहीं गई। उसी समय परिवार को किसी अनहोनी की आशंका हो गई थी।

पिता बोले-केस काफी उलझा हुआ, इसलिए टाइम लग रहा मनीषा के पिता संजय ने बताया कि यह केस काफी उलझा हुआ है, इसलिए भी अधिक समय लग रहा है। क्योंकि प्रशासन ने कभी कुछ किया तो कभी कुछ किया। जिसके कारण यह अधिक उलझ गया। सीबीआई की कार्रवाई पर संजय कुमार ने कहा कि अभी तक उनके हिसाब से सीबीआई ठीक से कार्रवाई कर रही है। उम्मीद है कि न्याय मिलेगा।
सभी बयानों और सीसीटीवी से टाइम लाइन मिला रही CBI सीबीआई अभी तक हुए बयानों और सीसीटीवी फुटेज के हिसाब से टाइम लाइन मिला रही है। प्ले वे स्कूल संचालक ने जांच टीम को बताया कि स्कूल की 11 अगस्त की सीसीटीवी फुटेज में मनीषा दोपहर में 1ः 58 बजे स्कूल गेट से बाहर पैदल जाती दिखी थी। आमतौर पर डेढ़ बजे छुट्टी होती थी। उस दिन स्कूल में टेस्ट था। वहीं स्कूल से करीब 200 मीटर की दूरी पर स्थित कीटनाशक विक्रेता देवेंद्र ने बताया कि उस दिन दोपहर में 1ः 50 या 1ः 55 के आसपास पैदल ही उनकी दुकान पर आई थी। जहां से उसके एक लीटर कीटनाशक मोनो खरीदा। स्कूल व दुकान के बीच पैदल 3-4 मिनट का रास्ता है। उधर, पिता संजय ने बताया कि शाम को 6 बजकर 26 मिनट पर मनीषा के मोबाइल से कॉल आई थी, जिसे वो रिसीव नहीं कर सके थे।

चश्मदीदों के बयानों में कुछ विरोधाभास मिल रहा सिंघानी के जिस खेत में मनीषा की लाश मिली थी, वहां सबसे पहले ईश्वर व सत्यपाल गए थे। CBI दोनों से ही दो-दो बार अलग-अलग पूछताछ कर चुकी है। बताया जा रहा है कि दोनों के बयानों में कुछ विरोधाभास मिला है। हालांकि बयानों में क्या अंतर है, यह सार्वजनिक नहीं हुआ है। पुलिस की थ्यूरी व मौके के गवाहों के बयानों में कुछ अंतर लोकल पुलिस की थ्यूरी रही है कि यह सुसाइड का मामला है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मनीषा के शरीर में कीटनाशक के अंश मिले। गर्दन पर मिले घावों को लेकर पुलिस की थ्यूरी है कि ये जानवरों ने नोचा होगा। सबसे पहले लाश देखने वाले ईश्वर व सत्यपाल ने भी ये बात तो कही कि शव के आसपास कुत्तों का झुंड था। हालांकि यह भी कहा कि कुत्ते शव को नोच नहीं रहे थे। बताया जा रहा है कि जांच टीम ने चश्मदीदों से कुत्तों की संख्या तक पूछी।
3 बार घटनास्थल पर गई सीबीआई, विशेष फोरेंसिक टीम बुलाई CBI टीम तीन बार सिंघानी में घटनास्थल पर भी जा चुकी है। दिल्ली से स्पेशल फोरेंसिक टीम भी बुलाई गई। हालांकि लोकल पुलिस ने भी फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार की थी। जांच टीम ने नर्सिंग कॉलेज, दवा विक्रेता, चश्मदीदों व खेत मालिक से भी पूछताछ की है।
अब SP रैंक के अधिकारी भी आ चुके भिवानी करीब 22 दिन से सीबीआई की टीम भिवानी में जमी है। पहले इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी जांच कर रहे थे। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी और कुछ नए पहलू सामने आए, उसके बाद SP रैंक के अधिकारी भी भिवानी पहुंचे। सीबीआई टीम मीडिया से दूरी बनाए हुए है। लोकल पुलिस को भी कम ही जगह इन्वॉल्व किया है।
सीबीआई को सौंपे प्रिजर्व बिसरा सैंपल मनीषा के शव का तीन बार पोस्टमॉर्टम करवाया गया। पहली बार भिवानी जिला अस्पताल में, दूसरी बार रोहतक पीजीआई में व तीसरी बार दिल्ली एम्स में। तीसरी बार मनीषा का पोस्टमॉर्टम करके एम्स के डॉक्टरों ने बिसरा सैंपल निकालकर पुलिस को सौंप दिए थे, जो सुनारिया लैब में प्रिजर्व किए गए थे। प्रिजर्व किए गए सैंपल पुलिस ने सीबीआई को सौंप दिए हैं। अब CBI इन फ्रोजन बिसरा की दिल्ली एम्स में जांच कराएगी। इस केस में यह बिसरा रिपोर्ट काफी अहम हो सकती है।
