अमृतसर में किए गए एनकाउंटर की जांच करते हुए सीनियर अधिकारी।
अमृतसर में शनिवार को पुलिस और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान आतंकी करणदीप सिंह पुलिस की गोली से घायल हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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दरअसल, पुलिस ने पहले चार आतंकियों को हथियारों और गोलियों के साथ गिरफ्तार किया था। उनकी निशानदेही पर जब पुलिस करणदीप को पकड़ने गई, तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया।
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि घटना बोहड़ी साहिब गुरुद्वारे के पास हुई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में करणदीप के अलावा गुरसेवक, अमृतपाल, अर्शदीप और एक नाबालिग शामिल हैं। ये सभी तरनतारन के रहने वाले हैं।
पूछताछ में पता चला कि ये आतंकी विदेश में बैठे सत्ता और लखबीर लंडा के साथी हैं। करणदीप ने इन्हें लालच देकर अपने साथ जोड़ा था।
एनकाउंटर की जानकारी देते हुए पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह।
पकड़ने गई पुलिस को देख चलाई गोलियां पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि जब आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस करणदीप सिंह को पकड़ने गई थी तो आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग करते हुए एक गोली करणदीप सिंह की टांग पर लगी। फिलहाल वह ठीक है और उसे अस्पताल में दाखिल करवाया गया है।
करणदीप सिंह पर पहले भी मामले दर्ज पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने जानकारी दी कि आरोपी करणदीप सिंह पर पहले से ही कई मामले दर्ज हैं। करणदीप सिंह सत्ता व लंडा के संपर्क में था और उन्होंने ही उसे विदेशी हैंडलरों से संपर्क करवाया था। जिसके बाद वे टारगेट किलिंग के नेटवर्क के साथ जुड़ गया।
पुलिस कमिश्नर ने जानकारी दी कि इस नेटवर्क में कोई हथियार उपलब्ध करवाता है तो कोई उसे आगे डिस्ट्रीब्यूट करवाता है।