मंडी जिला के सराज विधानसभा क्षेत्र का देजी बादल फटने से पहले और बाद में
हिमाचल प्रदेश में इस बार बारिश ने भयंकर तबाही मचाई है। मंडी जिले की सराज घाटी में 30 जून की रात बादल फटने और अचानक आई बाढ़ ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया। एक ही रात में 466 घर बह गए, 14 लोगों की जान चली गई, जबकि 30 लोग अब भी लापता हैं।
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सड़कें, पुल और खेत-खलिहान मलबे में तब्दील हो गए हैं। अकेले मंडी जिला में 466 घर जमींदोज हो गए। 92 दुकानें, 457 गोशालाएं, 1 हाइड्रो प्रोजेक्ट बहने के साथ साथ 456 पालतू मवेशी भी बह गए। घर ढहने या आंशिक नुकसान के बाद 1500 से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं।
ऐसे लोग अभी राहत कैंप में रहने को मजबूर है। जिले की 90 प्रतिशत से ज्यादा सड़कें व रास्ते टूट गए। अब इनकी बहाली का काम चल रहा है। राहत और बचाव कार्यों में सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें जुटी हैं। लापता लोगों की तलाश में सर्च ऑपरेशन भी जारी है।
इन PHOTOS में देखे 3 विधानसभा क्षेत्र में बादल फटने से हुए नुकसान..
सराज विधानसभा का कुथाह गांव। यहां बादल फटने से पहले जिस जगह सड़क बनी थी, उस जगह से आया पानी और मिट्टी का बहाव गांव के कई मकानों को तबाह कर गया।

सराज विधानसभा के थुनाग बाजार में 40 से 50 प्रतिशत दुकानें बादल फटने के बाद बाढ़ से तबाह हुई हैं। इस वजह से थुनाग बाजार को दूसरी जगह शिफ्ट करने को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। साल 2023 में भी यहां बादल फटने के बाद भारी नुकसान हुआ था।

करसोग विधानसभा के सरकोल में बादल फटने के बाद नाले पर बने दो घर और कई वाहन बह गए।

मंडी जिला के सराज विधानसभा के जंजैहली में बादल फटने से पहले की तस्वीर में गांव हरा भरा नजर आ रहा है, जबकि दूसरी तस्वीर में मलबा नजर आ रहा है।

मंडी के लंबाथाच कॉलेज के आगे 3 मीटर से ऊंची दीवार नाले के तटीकरण को लगाई गई थी। बाढ़ का पानी इस दीवार के ऊपर से कॉलेज परिसर तक पहुंचा गया था।

सराज क्षेत्र में बादल फटने के बाद भारी बारिश से 16 मेगावाट विद्युत क्षमता का पटिकरी पावर प्रोजेक्ट पूरी तरह तबाह हो गया। इसके डैम और पावर हाउस क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के वक्त इसमें 12 कर्मचारी काम कर रहे थे। सभी ने भागकर जान बचाई। 2023 में भी इस प्रोजेक्ट को नुकसान देखते हुए सुरक्षा के लिए 6 मीटर ऊंची और 150 मीटर लंबी प्रोटेक्शन वॉल बनाई गई थी। मगर बादल फटने के बाद बाढ़ का पानी इसके ऊपर से बहकर आ गया।

मंजी जिला का करसोग गांव, जहां बादल फटने से कई घरों को नुकसान पहुंचा। यहां पर तीन लोग भी बाढ़ में बह गए। इनमें से एक का अब तक शव मिल पाया है। यहां पर 30 जून की रात को बादल फटने के बाद भारी नुकसान हुआ है।

मंडी में 30 जून की रात से पहले और बाद में मकान की 2 तस्वीरें।

मंडी की बिझनी में 2 जून को बादल फटने से निर्माणाधीन टनल गिर गई थी। जिस वक्त यह टनल गिरी, उस दौरान यहां पर कई मजदूर काम कर रहे थे, जिन्होंने भाग कर जान बचाई।

मंडी के जंजैहली क्षेत्र के कुथाह में उंगली से हिलने वाली पांडवशीला का पहले और बाद का फोटो। यह पांडवशीला लोगों के लिए आस्था का केंद्र है।