पटना के रानी तालाब थाना क्षेत्र के धाना गांव में बालू कारोबारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान रमाकांत यादव के रूप में हुई है।
.
गुरुवार की शाम रमाकांत अपने घर के बगीचे में टहल रहे थे। इसी दौरान कुछ अज्ञात अपराधियों ने उन पर फायरिंग कर दी।
उन्हें एक गोली सीने में और दूसरी पेट के पास लगी। गोली लगने के बाद वह जमीन पर गिर गए। गोली लगने से घायल रमाकांत को परिजन बिहटा के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक बालू कारोबारी रामाकांत यादव की फाइल फोटो।
15 साल पहले भाई की हुई थी हत्या
भगाने के दौरान एक अपराधी की चप्पल भी वहीं पर छूट गई। जिसे पटना FSL की टीम ने जब्त किया है। गांव के लोगों के अनुसार, 3 से 4 की संख्या में अपराधी पैदल ही बगीचे में आए थे।
हत्या को लेकर परिवार भी अभी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। परिवार की माने तो रामाकांत रोज शाम को अपने घर के बगीचे में टहलने जाया करते थे।
रामाकांत कई सालों से बालू कारोबार से जुड़े थे। हत्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। परिवार ने बताया कि 15 साल पहले रमाकांत के भाई उमाकांत यादव की भी गोली मारकर हत्या की गई थी।

अस्पताल के बाहर जुटी लोगों की भीड़।
20 साल से कर रहे थे बालू का कारोबार
रामाकांत यादव पिछले 20 साल से बालू के कारोबार से जुड़े थे। पटना के पश्चिम और भोजपुर में कई बालू घाट पर इनका शेयर था और करोड़ों की संपत्ति थी।
पटना के पालीगंज अनुमंडल क्षेत्र में फिलहाल कई बालू के स्टॉक चल रहे हैं। 20 से ज्यादा ट्रक, हाइवा फिलहाल पूरे बिहार में चल रहे हैं।
रामाकांत यादव ने RJD नेता सुभाष यादव के साथ भी बालू का कारोबार भी किया था। इससे उन्होंने बिहटा और पटना में करोड़ों की जमीन भी ली थी।
इधर, गांव लोगो में भी डर का माहौल है।
अपराधियों को पकड़ने के लिए SIT बनाई
घटना की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अपराधियों की तलाश में जुटी है। थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि ‘परिजन ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया, जहां अभी सूचना मिली की उनकी मौत हो चुकी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। फरार अपराधियों की धर पकड़ में पुलिस की टीम लग गई है।’

———————–
ये खबर भी पढ़िए…
खेमका हत्याकांड-शूटर ने मर्डर के पैसों से स्कूल फीस भरी:हत्या के तीसरे दिन बेटे के स्कूल में 45 हजार दिए, लौटते वक्त पुलिस ने दबोचा

बिहार के बड़े कारोबारी गोपाल खेमका की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। जमीन विवाद को लेकर बिल्डर अशोक साह ने शूटर उमेश से खेमका की हत्या करवाई थी। पुलिस ने बताया कि ‘मर्डर की डील 4 लाख में हुई थी। हत्या के तीसरे दिन उमेश ने अपने बच्चों की 45 हजार रुपए फीस भरी। वो बेटे की फीस जमाकर स्कूल से लौट रहा था, तभी उसे अरेस्ट कर लिया।’ पुलिस जांच में ये भी सामने आया है कि उमेश का नाम पटना की अपराध की दुनिया में नहीं था। अशोक साह ये बात अच्छी तरह जानता था। इसलिए उसने उमेश को मर्डर की सुपारी दी। पूरी खबर पढ़िए