भागलपुर के पीरपैंती में शुक्रवार रात पुलिस टीम पर हमला हुआ। बताया जा रहा है कि कहलगांव पुलिस को अपहरण की सूचना मिली थी। रात 10 बजे सादे कपड़ों और प्राइवेट गाड़ी में पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
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इतने सारे लोगों को देखकर गांव में किसी ने फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस की ओर से भी फायरिंग की गई। गोलियों की आवाज सुनकर भीड़ इकट्ठा हो गई।
भीड़ ने पुलिस वालों को घेर लिया। इस दौरान दोनों ओर से 18 राउंड फायरिंग हुई। भीड़ ने SI दुबे देवगुरु समेत 4 पुलिसकर्मियों को घेर लिया। पुलिस वाले जान बचाने के लिए भागने लगे। भीड़ ने पुलिस को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।
SI की हालत गंभीर, ICU में भर्ती
ग्रामीणों ने पुलिस पर पत्थर फेंके और लाठी-डंडों से पीटा। हमले की सूचना पर दूसरी पुलिस टीम मौके पर पहुंची। गांव वालों ने उन लोगों पर भी हमला बोल दिया।
इसमें कहलगांव थाने के SI शत्रुघ्न कुमार, NTPC थानाध्यक्ष सुशील कुमार और DSP कल्याण आनंद शामिल थे। SI और DSP समेत सभी पुलिसकर्मियों को भागकर जान बचानी पड़ी। कुछ पुलिस वालों के जूते मौके पर छूट गए।
घायल अफसरों और पुलिसकर्मियों को NTPC अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां से कुछ पुलिसकर्मी को मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सब इंस्पेक्टर देवगुरु को ICU में रखा गया है। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

हमले में SI समेत 4 पुलिस वाले घायल हुए हैं।
घायल SI बोले- गांव वालों ने घेरकर लाठी-डंडे बरसाए

हाइवा चोरी के मामले में हुआ था अपहरण
पुलिस अपहरण की सूचना पर गांव में पहुंची थी। बताया जा रहा है कि राजेश यादव लकड़ाकोल गांव के रहने वाले हैं। शुक्रवार सुबह वैष्णो देवी से लौटे थे। नवगछिया स्टेशन से सबौर की ओर जा रहे थे।
रास्ते में सन्हौला निवासी विजय भगत दिखे। जिस पर हाइवा चोरी का आरोप था। राजेश ने विजय को पकड़ लिया और गांव लाकर पंचायत की। विजय ने पैसे लौटाने की बात कही। इसी बीच विजय ने अपने परिजनों को कॉल करके कहा कि उसे अगवा कर लिया गया है।

SI की हालत गंभीर है, उन्हें ICU में भर्ती किया गया है।
सादे कपड़ों में पहुंची थी पुलिस टीम
अपहरण की सूचना पर कहलगांव थाने की टीम निजी वाहन और सिविल ड्रेस में वहां पहुंची। गांव के मुहाने पर राजेश को देख पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की।
पुलिस के एक जवान द्वारा फायरिंग किए जाने से राजेश ने भी पत्थर फेंक दिया। शोर सुनकर सैकड़ों ग्रामीण इकट्ठा हो गए और पुलिस टीम को अपराधी समझ सभी की पिटाई कर दी।
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दोनों ओर से 18 राउंड फायरिंग
ग्रामीणों ने बताया कि ‘पुलिस जब गांव में घुसी तो वो सिविल ड्रेस में और प्राइवेट गाड़ी से थी। अचानक फायरिंग शुरू हो गई, जिससे उन्हें शक हुआ कि अपराधियों ने हमला किया है।’
‘इसी भ्रम में ग्रामीणों ने घेर कर हमला कर दिया। पुलिस ने अपनी सुरक्षा में करीब नौ राउंड फायरिंग की, लेकिन भीड़ के सामने सब बेअसर रहा। जब वर्दी में दूसरी टीम मौके पर पहुंची, तब जाकर हालात काबू में आए।’
घायलों में सब इंस्पेक्टर देवगुरु के अलावा सुशील कुमार को दाहिने बांह में चोट आई है, जबकि अन्य दो पुलिसकर्मियों को भी गंभीर चोटें लगी हैं। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है और हमलावरों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी में जुट गई है।

भीड़ के हमले में पुलिस कर्मी के सिर पर चोट आई।
SP बोले- अपहरण की सूचना पर गई थी पुलिस टीम

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