कुरनूल6 मिनट पहले
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भारत अब दुश्मनों के बंकर या टैंक को दूर से, बिना पायलट के हवाई ड्रोन से ही निशाना बना सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि DRDO ने आंध्र प्रदेश के कुरनूल में नेशनल ओपन एरिया टेस्टिंग रेंज में ड्रोन से लॉन्च होने वाली प्रिसिशन गाइडेड-वी3 की टेस्टिंग की है। यह जानकारी शुक्रवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शेयर की। रक्षा मंत्री ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें ड्रोन से किए गए मिसाइल टेस्ट के विजुअल हैं।
ULPGM-V3 पहले बनाई गई ULPGM-V2 का एडवांस्ड वर्जन है। यह टैंक, बंकर और ऊंचाई वाले इलाकों में टारगेट को दिन-रात दोनों समय मार गिरा सकती है। इसमें तीन तरह के वॉरहेड ऑप्शन हैं। जो दुश्मन की बख्तरबंद गाड़ियों से लेकर किलेबंद ठिकानों तक को तबाह करने में सक्षम हैं।
यह डुअल-चैनल हाई डेफिनिशन सीकर से लैस है, जिसकी मदद से यह मूविंग या छिपे हुए टारगेट को भी निशाना बना सकता है। इसमें टू-वे डाटा लिंक है, यानी लॉन्च के बाद भी टारगेट को अपडेट किया जा सकता है।
फायर एंड फॉरगेट मिसाइल का वजन 12.5 किलो
12.5 किलोग्राम वजनी फायर एंड फॉरगेट मोड और हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइल एक कॉम्पैक्ट डुअल थ्रस्ट सॉलिस प्रोपल्शन यूनिट के जरिए ऑपरेट होती है। इसके चलते यह मिसाइल दिन के समय अधिकतम 4 किमी और रात में 2.5 किमी की दूरी तक मार करने में सक्षम है।