नई दिल्ली22 मिनट पहले
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महाराष्ट्र के बाद तेलंगाना में भी 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस पर मीट की दुकानें और बूचड़खाने बंद रखने के आदेश विवाद बढ़ गया। पिछले तीन दिन में ओल्ड हैदराबाद सिटी की नगर निगम के अलावा, ठाणे जिले के कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका, छत्रपति शिवाजी नगर पालिका प्रशासन ने ऐसे आदेश दिए।
मीट बैन के फैसले पर शिवसेना (यूबीटी) के विधायक आदित्य ठाकरे ने नाराजगी जताई है। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा- यह धर्म का मामला नहीं है और न ही यह राष्ट्रीय हित का मामला है।

AIMIM चीफ और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को ओल्ड हैदराबाद सिटी के आदेश को असंवैधानिक बताया। कहा कि गोश्त खाने से 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस का क्या लेना-देना है।
इस फैसले के खिलाफ महाराष्ट्र में भी विरोध हो रहा है। शिवसेना (UBT) के नेता आदित्य ठाकरे और उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने भी ऐसे फैसले को गलत बताया है।
ओवैसी बोले- ये लोगों की निजता का हनन
सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘गोश्त खाने और स्वतंत्रता दिवस में क्या रिश्ता है। तेलंगाना में 99 प्रतिशत लोग गोश्त खाते हैं। ओवैसी ने इस फैसले को लोगों की स्वतंत्रता, निजता, आजीविका, संस्कृति, पोषण और धर्म के अधिकारों का उल्लंघन करने वाला फैसला बताया है।’

तेलंगाना हाईकोर्ट ने मांगा जवाब तेलंगाना में यह मामला हाईकोर्ट तक जा पहुंचा है। तेलंगाना हाई कोर्ट ने ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) से स्वतंत्रता दिवस पर गोमांस की दुकानों और बूचड़खानों को बंद रखने के उसके आदेश के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है।
तेलंगाना सरकार के इस आदेश के खिलाफ लगाई गई याचिका में कहा गया है कि यह आदेश मनमाना है। अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 19(1)(जी) (किसी भी पेशे को अपनाने का अधिकार) का उल्लंघन करता है। हाईकोर्ट के जस्टिस विजयसेन रेड्डी आज इस मामले में आगे की सुनवाई करेंगे।
महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा- ऐसी रोक लगाना ठीक नहीं

- अजीत पवार ने कहा, “मैंने टीवी पर खबर देखी, श्रद्धा का प्रश्न होता है तो इस तरह बंदी लगाई जाती है। आषाढ़ी एकादशी, महावीर जयंती जैसे अवसरों पर यह निर्णय लिया जाता है। अगर हम कोकण में जाएं तो वहां हर सब्जी में सूखा मछली (सुकट) डाला जाता है। उन्होंने कहा, इसलिए ऐसी रोक लगाना ठीक नहीं है। अगर भावनात्मक मुद्दा हो तो उस समय के लिए बंदी लगाई जाए तो लोग समझ सकते हैं। लेकिन, 15 अगस्त को महाराष्ट्र में बंदी लगाना उचित नहीं है। मैं इस बारे में जानकारी लूंगा।
- नगर निगम खस्ताहाल सड़कों पर ध्यान दे: आदित्य ठाकरे ने मांस बिक्री बंदी के फैसले पर कहा, ‘ये हमारी चॉइस है कि स्वतंत्रता दिवस पर हम क्या खाएं और क्या नहीं। कल्याण-डोंबिवली महापालिका कमिश्नर को इस मामले में दखल देने का अधिकार नहीं है। नागरिकों पर शाकाहार थोपने के बजाय, खस्ताहाल सड़कों और बदहाल नागरिक सेवाओं को सुधारने पर ध्यान दें।”