चूरू में जगुआर फाइटर जेट क्रैश में शहीद हुए फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषिराज सिंह देवड़ा (23) का पैतृक गांव में सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार किया गया। छोटे भाई युवराज सिंह ने उनको मुखाग्नि दी। शहीद के अंतिम संस्कार के दौरान पिता जसवंत सिंह भावुक हो गए और रो
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वायुसेना के जवानों ने शहीद ऋषिराज सिंह को गार्ड ऑफ ऑन देकर आखिरी सलामी दी। इससे पहले पैतृक गांव में शहीद की तिरंगा यात्रा निकाली गई। आगे वायुसेना के जवान पीछे गांव वाले भारत की माता की जय और ऋषिराज अमर रहे के नारे लगाते हुए चले।
शहीद पायलट ऋषिराज सिंह के अंतिम संस्कार के बाद पिता जसवंत सिंह रोने लगे।
शहीद की पार्थिव देह शाम करीब 6.10 बजे पैतृक गांव खिवांदी (पाली) लाई गई। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए घर के आंगन में पार्थिव देह को रखा गया, जहां परिजनों और आसपास के गांवों से आए लोगों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मंत्री जोराराम कुमावत, बाली विधायक पुष्पेंद्र सिंह राणावत और पूर्व सांसद पुष्प जैन ने भी शहीद का श्रद्धांजलि दी।
इससे पहले शहीद की पार्थिव देह जोधपुर एयरपोर्ट पहुंची, जहां केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पुष्प चक्र अर्पित को उनको श्रद्धांजलि दी। शेखावत ने शहीद के पिता को ढांढस बंधाया। यहां से हेलिकॉप्टर के जरिए शहीद की पार्थिव देह सिरोही पहुंची और फिर सड़क मार्ग से पैतृक गांव पहुंची।
इससे पहले शहीद के चाचा हितपाल सिंह ने पुराने फाइटर जेट को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा- पुराने प्लेन से होनहार बच्चे चले जाएंगे। ये सोचना चाहिए कि नए पायलट जो आते हैं, उन्हें इतने पुराने विमान उड़ाने के लिए दिए क्यों जाते हैं।
शहीद पायलट ऋषिराज सिंह की अंतिम विदाई के PHOTOS…

शहीद पायलट ऋषिराज सिंह का पैतृक गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

वायु सेना के जवानों ने हवाई फायरिंग कर शहीद पायलट को अंतिम विदाई दी।

अंतिम संस्कार से पहले शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और सलामी दी गई।

कर्नल डीएस सिसोदिया ने शहीद के पिता जसवंत सिंह से हाथ मिलाया और गले मिलकर उनको सांत्वना दी।

शहीद के गांव में अंतिम यात्रा के दौरान कुछ स्कूली बच्चे सेना की वर्दी में शहीद के अंतिम दर्शन करने पहुंचे।

गांव की महिलाओं ने शहीद की अंतिम यात्रा पर पुष्प वर्षा कर श्रद्धांजलि दी।

शहीद के अंतिम दर्शनों के बाद गांव में तिरंगा यात्रा निकाली गई।

परिवार की महिलाओं ने पुष्प अर्पित कर शहीद ऋषिराज सिंह को श्रद्धांजलि दी।

अंतिम दर्शन के लिए शहीद की पार्थिव देह को घर के आंगन में रखा गया।

शहीद की पार्थिव देह घर पहुंची तो परिवार के महिलाएं रोने लगीं।

शहीद के अंतिम दर्शन के लिए गांव में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और ग्रामीण पहुंचे।

शहीद की पार्थिव देह जोधपुर एयरपोर्ट पर पहुंची तो केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उनको पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

चूरू में वायुसेना के जगुआर फाइटर जेट क्रैश में शहीद होने वाले पाली के फ्लाइट लेफ्टिनेंट ऋषिराज सिंह देवड़ा के घर सुबह से ही लोगों का जुटना शुरू हो गया था।

फाइटर जेट क्रैश में शहीद हुए ऋषिराज के घर में मातम पसरा है।
चूरू के राजलदेसर में सर्च ऑपरेशन चूरू के राजलदेसर इलाके में 9 जुलाई को दोपहर 12 बजकर 40 मिनट पर वायुसेना का जगुआर फाइटर जेट क्रैश हो गया था। हादसे में पायलट लोकेंद्र सिंह सिंधु (44) और को-पायलट ऋषिराज सिंह देवड़ा शहीद हो गए थे। लोकेंद्र रोहतक (हरियाणा) के रहनेवाले थे।
राजलदेसर के भाणुदा चारणान गांव में गुरुवार सुबह करीब सात बजे एयरफोर्स ने ब्लैक बॉक्स के लिए सर्च अभियान शुरू किया। घटनास्थल पर और आसपास राजलदेसर, रतनगढ़, छापर, व बीदासर थाने की पुलिस तैनात है। सर्च ऑपरेशन में ड्रोन की भी मदद ली जा रही है।
जिस जगह प्लेन क्रैश हुआ, वहां बड़े इलाके में फाइटर जेट का मलबा बिखरा मिला। भारतीय वायु सेना ने दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी गठित की है।

तस्वीर में ऋषिराज सिंह अपने उनके पिता जसवंत सिंह (होटल व्यवसायी) और मां के साथ। (फाइल फोटो)
दोनों पायलट ने शहीद होकर 1200 परिवारों को बचाया:प्रत्यक्षदर्शी बोले- हवा में लहराकर गिरा फाइटर जेट, बम जैसा धमाका, टुकड़ों में बिखरे शव
शहीद के अंतिम विदाई के पल-पल के अपडेट के लिए ब्लाॅग देखिए…