लेह34 मिनट पहले
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लेह हिंसा के बाद कर्फ्यू की वजह से क्षेत्र सुनसान है, कुछ घंटों की ढील दी जाती है।
लेह में 24 सितंबर को हुई हिंसा के बाद से लद्दाख में टूरिस्ट बुकिंग्स रद्द कर रहे हैं। लेह में लगे कर्फ्यू की वजह से टूरिस्ट बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। होटल संचालकों का कहना है कि वे टूरिज्म पर ही निर्भर हैं। कर्फ्यू उनकी कमाई पूरी तरह से छीन लेता है।
दरअसल, लेह एपेक्स बॉडी के एक हिस्से ने 24 सितंबर को बंद बुलाया था। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे लोगों की पुलिस से झड़प हुईं। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने कई गाड़ियों और ईमारतों में आग लगा दी। सुरक्षाबलों की कार्रवाई में गोली लगने से 4 की मौत हुई और 90 लोग घायल हो गए। इसके बाद जिले में अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया। प्रशासन ने इस प्रदर्शन का चेहरा रहे सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें जोधपुर जेल में रखा गया है।

हिंसा के बाद पुलिस ने जगह जगह बैरिकेड्स लगाए।
इंटरनेट बंद होने से नहीं हो रही बुकिंग
पूर क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद हैं। इससे बुकिंग रद्द हो रही हैं और पर्यटकों व स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है। एक होटल मैनेजर नसीब सिंह ने न्यूज एजेंसू पीटीआई को बताया कि पिछले एक हफ्ते से एडवांस बुकिंग रद्द हो रही हैं। शहर बंद होने से सामान की कमी हो गई है।

कर्फ्यू के बाद बाजार बंद हैं जिससे व्यापारियों को नुकसान हो रहा है।
पहलगाम हमले से भी प्रभावित हुआ था टूरिज्म
स्थानीय ट्रांसपोर्टर रिग्जिन दोरजे ने कहा कि अप्रैल के पहलगाम हमले ने लद्दाख के पर्यटन को बुरी तरह प्रभावित किया था। उस घटना ने सब कुछ ठप कर दिया। ऑपरेशन सिंदूर के एक महीने बाद ही पर्यटक आने लगे थे। लेकिन अब लेह हिंसा ने और परेशानी खड़ी कर दी है।
एक स्थानीय होटल मालिक ने कहा कि वे जल्दी सामान्य स्थिति की प्रार्थना कर रहे हैं क्योंकि हर अनिश्चित दिन हजारों परिवारों की कमाई छीन लेता है, जो पर्यटन पर निर्भर हैं।

जगह जगह पुलिस वाहनों की जांच की जा रही है।
कैद हुए टूरिस्ट
ताइवान की टूरिस्ट शीना ने बताया कि यहां पहुंचते ही सब बंद मिला। वे करेंसी बदल नहीं सकीं, खाना नहीं खरीद सकीं। पैंगोंग झील घूमने का प्लान था, लेकिन परमिट नहीं मिला।
5 तस्वीरों में देखिए कर्फ्यू का हाल…

कर्फ्यू के बाद से टूरिज्म पर असर हुआ है।

टूरिज्म पर निर्भर लोगों को काफी नुकसान हो रहा है।

जगह जगह सुरक्षाबलों की मौजूदगी है, स्थिति को सामान्य किया जा रहा है।

लेह में कर्फ्यू के बाद से सड़कें सुनसान हैं।

पुलिस कई जगह वाहनों और संदिग्धों की चेकिंग कर रही है।

लेह हिंसा के बाद अब तक क्या-क्या कार्रवाई हुई…
- गृह मंत्रालय ने वांगचुक की एक संस्था स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) का विदेशी फंडिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है। विदेशी अनुदान या दान के लिए एनजीओ को विदेशी अशंदान (विनियमन) एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है। जिसमें पाया गया कि संस्था ने फंडिंग का गलत इस्तेमाल किया।
- CBI ने वांगचुक की एक और NGO हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ ऑल्टरनेटिव्स लद्दाख (HIAL) के खिलाफ भी विदेशी फंडिंग (FCRA) मामले में भी जांच शुरू कर दी है। HIAL पर भी विदेशी चंदा कानून (FCRA) के उल्लंघन का आरोप है। सीबीआई टीम एनजीओ के अकाउंट्स और रिकॉर्ड की जांच कर रही है।



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