लुधियाना रेलवे स्टेशन पर इंटरसिटी ट्रेन की चपेट में आया बच्चा।

पंजाब में लुधियाना रेलवे स्टेशन पर 5 साल का एक बच्चा ट्रेन से उतरते वक्त फिसलकर ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच बने गैप में गिर पड़ा। जिससे उसका पैर चलती ट्रेन के नीचे आ गया। इससे उसका पैर बुरी तरह से चोटिल हो गया।

.

बच्चे को तुरंत CMC अस्पताल ले जाया गया। जहां उसकी गंभीर हालत देखते हुए पहले दिल्ली और फिर मेरठ अस्पताल रेफर कर दिया गया। मेरठ में ऑपरेशन के दौरान बच्चे का पैर काटना पड़ा।

घटना 2 अक्टूबर की है, लेकिन अब इसका CCTV फुटेज सामने आया है। पिता ने आरोप लगाया कि उसे ट्रेन से किसी ने धक्का देकर नीचे गिरा दिया, जिस वजह से उसकी ये हालत हुई।

वहीं पुलिस का कहना है कि नीचे उतरते वक्त उसका संतुलन बिगड़ा, जिस वजह से उसके साथ हादसा हो गया।

दूसरी कक्षा के अभाष।- फाइल फोटो

सिलसिलेवार पढ़िए पूरी घटना

  • मुजफ्फरनगर जा रहे थे, एक बच्चा पहले चढ़ा दिया: एक परिवार (माता-पिता और दो बच्चे) मुजफ्फरनगर (ननिहाल) जा रहा था। वे लुधियाना रेलवे स्टेशन पर इंटरसिटी एक्सप्रेस पकड़ने पहुंचे। मां दो बच्चों और भारी बैग के साथ प्लेटफॉर्म पर चल रही थी। जैसे ही ट्रेन चलने लगी मां ने एक बच्चे को ट्रेन में चढ़ा दिया। दूसरे बच्चे और बैग के साथ वह खुद चढ़ने की कोशिश कर रही थी।
  • मां दूसरे बच्चे के साथ नहीं चढ़ पाई, तो उसे नीचे उतरने को कहा: ट्रेन की रफ्तार बढ़ गई। मां, जो पहले ही एक बच्चे को चढ़ा चुकी थी, उसे आवाजें देने लगी। इस दौरान ट्रेन में मौजूद एक व्यक्ति ने ट्रेन से बच्चे को उतारने की कोशिश की। उतारते समय बच्चा ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच के गैप में गिर गया। उसका पैर ट्रेन के पहिए के नीचे आ गया। प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोगों ने दौड़कर उसे किसी तरह बाहर निकाला।
  • दूसरी क्लास में पढ़ता है अभाष: बच्चे के पिता संदीप ने बताया कि वह लुधियाना के दुगरी इलाके में रहते हैं और प्राइवेट नौकरी करते हैं। उनका 5 साल का बेटा अभाष दूसरी कक्षा में पढ़ता है। वह पत्नी और बेटे के साथ ससुराल, मुजफ्फरनगर जा रहे थे। सुबह जब इंटरसिटी ट्रेन आई तो बेटा पहले चढ़ा, लेकिन तभी अंदर से किसी ने उसे धक्का दे दिया और वह ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसे में बेटे को गंभीर चोट लगी। वह उसे तुरंत सीएमसी अस्पताल ले गए, लेकिन इलाज बहुत महंगा था।
बच्चा अभाष के माता-पिता सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगाते।

बच्चा अभाष के माता-पिता सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगाते।

पिता ने सरकार से आर्थिक मदद मांगी परिवार को उम्मीद थी कि दिल्ली में अच्छा इलाज मिलने से बेटे की टांग बच सकती है, इसलिए वे उसे दिल्ली और फिर मेरठ ले गए, लेकिन हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों को उसकी टांग काटनी पड़ी। पिता संदीप ने कहा कि उनका बेटा अभाष जिंदगी भर के लिए दिव्यांग हो गया है। उन्होंने सरकार से आर्थिक मदद की मांग की है। साथ ही रेलवे प्रशासन से अपील की है कि प्लेटफॉर्म पर होने वाली धक्का-मुक्की को रोका जाए ताकि किसी और के साथ ऐसा हादसा न हो।

SHO बोले- उतरते समय संतुलन बिगड़ा जीआरपी थाना प्रभारी पलविंदर सिंह ने बताया कि प्लेटफॉर्म नंबर 1 की सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद मामला साफ हो गया है। महिला ट्रेन के चलने के बाद उसके पीछे दौड़ रही थी। उसका एक बेटा पहले ही ट्रेन में चढ़ चुका था। महिला जब दूसरे बेटे के साथ ट्रेन में चढ़ने में नाकाम रही तो उसने शोर मचाया। इसी दौरान ट्रेन के अंदर मौजूद किसी शख्स ने पहले से चढ़े बच्चे को नीचे उतारने की कोशिश की, लेकिन उतरते समय संतुलन बिगड़ने से बच्चा ट्रेन की चपेट में आ गया।



Source link