नई दिल्ली5 मिनट पहले
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केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को कांग्रेस सांसद और लोकसभा विपक्ष के नेता राहुल गांधी के कोलंबिया की EIA यूनिवर्सिटी में दिए बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि राहुल पहला ऐसे LoP हैं जो विदेश जाकर देश और लोकतंत्र के खिलाफ बोलते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चुनाव हारने के बाद विदेश इंदिरा गांधी से उनके खिलाफ सरकार की कार्रवाई के बारे में पूछा गया था। उन्होंने भारत के खिलाफ कुछ भी बोलने से मना कर दिया था। रिजिजू ने आरोप लगाया कि राहुल भारत के तथ्यों को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पहले के किसी LoP ने ऐसा नहीं किया। इंदिरा गांधी, लालकृष्ण आडवाणी, अटल बिहारी वाजपेयी, सुषमा स्वराज या शरद पवार ने विदेश में देश या सरकार के खिलाफ नहीं बोला।
दरअसल राहुल गांधी साउथ अमेरिकी देशों के 10 दिन के दौरे पर हैं। गुरुवार को कोलिंबया की EIA यूनिवर्सिटी में उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत का सबसे बड़ा खतरा लोकतंत्र पर हो रहा हमला है।

रिजिजू ने कहा विदेश में लोग सोचेंगे- भारत में सभी राहुल जैसे न्यूज एजंसी ANI को दिए इंटरव्यू में रिजिजू ने कहा कि उन्होंने राहुल का कोलंबिया वाला वीडियो देखा। राहुल ने कहा था कि भारत विश्व का नेतृत्व नहीं कर सकता। रिजिजू ने इसे पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत कई क्षेत्रों में अग्रणी बन चुका है।
LoP का विदेश जाकर यह कहना कि भारत वैश्विक नेता नहीं बन सकता, गलत है। समस्या यह है कि विदेश में लोग सोचेंगे कि भारत में सभी राहुल गांधी जैसे हैं। इससे देश की छवि खराब होगी।

‘राहुल से व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं’
भाजपा हमेशा राहुल के बयानों पर क्यों प्रतिक्रिया देती है, इस पर रिजिजू ने कहा कि उनसे व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं। वे LoP हैं, अगर वे गैरजिम्मेदाराना बोलेंगे तो पसंद नहीं आएगा।
राहुल ने कोलंबिया में कहा था- RSS और भाजपा की विचारधारा के मूल में कायरता है
गुरुवार को कोलंबिया के EIA यूनिवर्सिटी में राहुल ने नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा की विचारधारा के मूल में कायरता है। राहुल ने कहा कि भारत इंजीनियरिंग और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में मजबूत क्षमता रखता है। इसलिए वे देश के बारे में बहुत आशावादी हैं।
राहुल ने कहा चीन को ज्यादा शक्तिशाली बताया था
राहुल ने कहा- अगर आप विदेश मंत्री के एक बयान पर गौर करें, तो उन्होंने कहा था कि चीन हमसे कहीं ज्यादा शक्तिशाली है। हम उससे कैसे लड़ सकते हैं? इस विचारधारा के मूल में कायरता है। वे कमजोर लोगों को मारते हैं और ताकतवर लोगों से दूर भागते हैं। यही भाजपा-RSS का स्वभाव है। पूरी खबर पढ़ें…

राहुल गांधी कोलंबिया की EIA यूनिवर्सिटी में ‘द फ्यूचर इज टुडे’ कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए।
पिछले 5 साल में हुई राहुल गांधी की विदेशी यात्राएं जो विवादित रहीं…
- 28 सितंबर: बॉस्टन में राहुल ने कहा था- यह पूरी तरह साफ है कि भारतीय चुनाव आयोग समझौता कर चुका है। इस सिस्टम में कुछ गड़बड़ी है। मैं कई बार कह चुका हूं कि महाराष्ट्र में जितने बालिग नहीं हैं, उससे ज्यादा वोटिंग हुई। चुनाव आयोग ने हमें साढ़े पांच बजे वोटिंग का आंकड़ा बताया। इसके बाद 5:30 बजे से शाम 7:30 के बीच 65 लाख वोटिंग हुई।
- मई 2022- राहुल गांधी ब्रिटेन के दौरे पर थे। उन्होंने CBI और ED का हवाला देते हुए भारत सरकार की तुलना पाकिस्तान सरकार से की थी। BJP ने राहुल पर विदेश में जाकर भारत को बदनाम करने का आरोप लगाया
- दिसंबर 2020- राहुल गांधी नानी से मिलने इटली गए थे। 28 दिसंबर को हर साल कांग्रेस का स्थापना दिवस मनाया जाता है। इसमें वे शामिल नहीं हुए। इस पर विवाद हुआ। कुछ महीने बाद पंजाब, गोवा, उत्तराखंड, मणिपुर और यूपी में चुनाव हुए। इसमें कांग्रेस का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। इसके बाद कई कांग्रेस नेताओं ने इसे राहुल के विदेशी दौरे से जोड़ा। राहुल पर आरोप लगा कि इटली जाने के लिए उन्होंने पंजाब में रैली को कैंसिल करवा दिया।
- दिसंबर 2019- भारत में CAA के खिलाफ बड़ा आंदोलन चल रहा था। राहुल गांधी तब दक्षिण कोरिया चले गए थे। उनकी इस यात्रा को लेकर कई कांग्रेसी नेताओं ने भी सवाल उठाए थे।
- अक्टूबर 2019- हरियाणा और महाराष्ट्र में होने वाले चुनाव से सिर्फ 15 दिन पहले राहुल गांधी कंबोडिया चले गए। BJP ने कहा कि राहुल गांधी पर्सनल टूर पर बैंकॉक गए हैं। वहीं, कांग्रेस ने कहा कि वे मेडिटेशन के लिए कंबोडिया गए हैं।

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