नई दिल्ली25 मिनट पहले
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राहुल ने बिहार के वोटर्स से मुलाकात की है, उन्होंने यह वीडियो बुधवार को X पर शेयर किया।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को सोशल मीडिया पर बिहार के कुछ वोटर्स के साथ चाय पीने का वीडियो शेयर किया। राहुल का दावा है कि ये लोग वोटर लिस्ट में मृत घोषित किए गए हैं।
राहुल ने वीडियो शेयर करते हुए X पोस्ट में लिखा- जिंदगी में कई अनुभव हुए, लेकिन ‘मरे हुए लोगों’ के साथ चाय पीने का मौका पहली बार मिला। इस अनोखे अनुभव के लिए शुक्रिया चुनाव आयोग।
यह वीडियो तब आया है, जब बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया चल रही है और विपक्ष लगातार मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप लगा रहा है। राहुल ने 7 अगस्त को आरोप लगाया था कि मतदाता सूचियों में फर्जी नाम जोड़े जा रहे हैं और उदाहरण के तौर पर कर्नाटक की वोटर लिस्ट दिखाई थी।

राहुल का दावा है कि बिहार से आए इन लोगों को चुनाव आयोग ने मृत घोषित किया है।
वीडियो में राहुल बोले- आप जिंदा, लेकिन EC ने मार दिया
वीडियो में राहुल लोगों से कहते हैं कि सुना है आप लोग जिंदा नहीं हैं, चुनाव आयोग ने आपको मार दिया। जवाब में एक व्यक्ति बताता है कि यह बात उन्हें वोटर लिस्ट से पता चली। वहीं, एक व्यक्ति सिर्फ एक पंचायत में ही ऐसे 50 मामले होने का दावा करता हैं। एक वोटर ने आरोप लगाया,
तेजस्वी यादव के क्षेत्र में भी कई जिंदा लोगों को मृत दिखाया गया है। लोग लिखित सबूत लेकर आए हैं और कुछ ने अपने वोट के अधिकार के लिए सुप्रीम कोर्ट में छह घंटे तक खड़े रहकर लड़ाई लड़ी।

वहीं, राहुल और पीड़ितों का कहना है कि चुनाव आयोग ने इन मामलों पर कोई जानकारी नहीं दी। लोगों का कहना था कि बिहार को ऐसी गड़बडियों से बचाया जाए। इस दौरान RJD नेता संजय यादव भी मौजूद थे।
राहुल से मुलाकात की 3 तस्वीरें…

राहुल ने बिहार के लोगों का घर पर स्वागत किया और साथ आई बच्ची का हाथ पकड़कर अंदर ले गए।

राहुल ने लोगों से पूछा कि उनका नाम कैसे कटा, इस पर सभी ने अपनी बात रखी।

इस दौरान राहुल के साथ RJD नेता और राज्यसभा सांसद संजय यादव भी मौजूद रहे।
जानिए क्या है मामला
बिहार में मतदाता सूची को ठीक करने के लिए निर्वाचन आयोग ने SIR प्रक्रिया चलाई थी। गहन पुनरीक्षण कर वोटर सूची से उन लोगों के नाम हटाने की बात हुई, जो या तो मृत हो गए हैं या फिर स्थानांतरित हो गए हैं या फिर जिसके पास एक से ज्यादा वोटर कार्ड हैं।
कई संगठनों और याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में व्यापक स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं। वैध मतदाताओं के नाम भी सूची से हटा दिए गए हैं।
ड्राफ्ट सूची पर सियासत जारी
ड्राफ्ट सूची पर सभी लोगों को दावा आपत्ति के लिए निर्वाचन आयोग ने 8 अगस्त तक की तारीख तय की थी। इतने दिनों के बाद भी कई राजनीतिक दलों ने आधिकारिक रूप से निर्वाचन आयोग के पास कोई भी आपत्ति दर्ज नहीं कराई। हालांकि राजनीतिक दलों की तरफ से बयानबाजी लगातार जारी है।

चुनाव आयोग के अनुसार, राजनीतिक दल सिर्फ आरोप लगा रहे हैं, लेकिन औपचारिक रूप से कोई कदम नहीं उठा रहे। जबकि उनके पास नियमानुसार आपत्ति दर्ज कराने की पूरी प्रक्रिया और अवसर उपलब्ध है।
निर्वाचन आयोग की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार आरजेडी के 47506 BLO है, लेकिन आपत्ति अब तक शून्य है। ठीक इसी तरह कांग्रेस के 17549 BLO, पर आपत्ति एक भी नहीं, माले के 1496 BLO हैं, लेकिन आपत्ति एक भी नहीं है। वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के 899 BLO हैं, लेकिन इसने भी अब तक एक भी आपत्ति दर्ज नहीं कराई है।
SIR के खिलाफ राजद सांसद मनोज झा, TMC सांसद महुआ मोइत्रा समेत 11 लोगों ने कोर्ट में याचिकाएं दाखिल की हैं।
