शनिवार को भिवानी में बारिश के बीच से निकलते वाहन।
हरियाणा में मानसून का असर अभी खत्म होता नहीं दिख रहा है। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के मुताबिक रविवार को सिरसा और फतेहाबाद में मौसम साफ रहेगा, जबकि अन्य 20 जिलों में बादल छाने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। हालांकि, कहीं भी तेज बारिश का
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पहले हुई भारी बरसात से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं और खेतों में जलभराव से किसानों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि मारकंडा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 0.15 मीटर नीचे आ गया है। यह नदी कुरुक्षेत्र में मुश्किलें बढ़ा रही थी।
उधर, हरियाणा में होने वाली उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की मीटिंग रद्द हो गई है। इस मीटिंग की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करने वाले थे। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने बताया, ‘प्रदेश सरकार ने मीटिंग की तैयारियां पूरी कर ली थीं, हालांकि केंद्र की ओर से मीटिंग स्थगित करने की जानकारी दे दी गई है।’ ऐसा माना जा रहा है कि पंजाब और हरियाणा में बारिश से बिगड़े हालात के बाद यह फैसला लिया गया है।
कुरुक्षेत्र में मारकंडा खतरे के निशान से नीचे आई शाहाबाद में मारकंडा नदी में आज सुबह 6 बजे तक 22 हजार 140 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। अब मारकंडा खतरे के निशान 256 मीटर से 0.15 मीटर नीचे बह रही है।
गेज रीडर कश्मीर सिंह के मुताबिक, शनिवार को काला अंब से करीब 18 हजार क्यूसेक पानी रिलीज हुआ है। इससे शाहाबाद में मारकंडा में मामूली-सा पानी बढ़ गया। रात 10 बजे तक मारकंडा में 22 हजार 53 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया था। सुबह तक 8 घंटे में मात्र 87 क्यूसेक पानी बढ़ा है।
8 सितंबर तक बारिश के आसार हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से लेकर मध्य भारत तक मानसून ट्रफ सक्रिय है। वहीं, राजस्थान और पंजाब के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है और अरब सागर से नमी वाली हवाएं हरियाणा की ओर बढ़ रही हैं। इसी कारण 8 सितंबर तक कई जिलों में बारिश के आसार हैं। उधर, पंजाब की बाढ़ को देखते हुए केंद्र ने उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की बैठक स्थगित कर दी है।
इस बार मानसून ने रिकॉर्ड तोड़ बरसात दी हरियाणा में इस बार मानसून ने रिकॉर्ड तोड़ बरसात दी है। आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में सामान्य से 47 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। 6 सितंबर तक जहां औसतन 373.9 एमएम बारिश होनी चाहिए थी, वहीं अब तक 550.9 एमएम बारिश हो चुकी है।
इस सीजन में सबसे ज्यादा बारिश यमुनानगर जिले में 1059.2 एमएम और महेंद्रगढ़ में 810.6 एमएम दर्ज की गई है। वहीं, सबसे कम बारिश सिरसा में 309.3 एमएम और भिवानी में 352.4 एमएम दर्ज हुई है। असमान बारिश ने प्रदेश के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं।

अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम
8 सितंबर: सिरसा, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, नूंह, पलवल, कैथल, करनाल और कुरुक्षेत्र में कुछेक स्थानों पर बूंदाबांदी हो सकती है। वहीं फतेहाबाद, हिसार, जींद, रोहतक, पानीपत, सोनीपत, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
9 सितंबर: मौसम विभाग ने पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम और नूंह में मौसम साफ रहने की संभावना है। जींद, रोहतक, फरीदाबाद, पलवल, पंचकूला, कुरुक्षेत्र, कैथल, पानीपत और सोनीपत में कुछेक स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। अंबाला, यमुनानगर और करनाल में मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।