वीडियो बनाकर बाप ने बेटी को नहर में फेंक दिया। इस दौरान मां भी साथ थी।
पंजाब के फिरोजपुर में बाप ने अपनी बेटी की नहर में फेंककर हत्या कर दी। बेटी के दोनों हाथ बांध रखे थे। इस दौरान उसकी मां भी वहां मौजूद थी। बाप ने ही इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया। अब वीडियो सामने आया है।
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पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी व्यक्ति 5 बेटियों का पिता था और 17 वर्षीय अपनी बड़ी बेटी के चरित्र पर अकसर शक किया करता था। आस-पड़ोस के लोग बताते हैं कि वह अकसर इस बेटी पर बेहद सख्त रवैया अपनाता था, पर हत्या कर देना अकल्पनीय था।
वारदात की जानकारी मृतका की बुआ ने पुलिस को दी। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कहा कि उसने बेटी को कई बार समझाने की कोशिश की, पर वह उसकी बातों पर ध्यान नहीं दे रही थी तो उसने उसे मार डाला। मामला 30 सितंबर को सामने आया।
बाप ने बेटी के दोनों हाथ चुन्नी से बांध रखे थे।
अब पढ़िए वीडियो में बातचीत और क्या दिख रहा
- बाप ने पूछा- क्या कमी रह गई थी प्यार में: वीडियो में आरोपी बेटी से पूछता है- ‘क्या कमी रह गई थी प्यार में?’ बेटी जवाब देती है – ‘कुछ नहीं।’ इसके बाद आरोपी कहता है – ‘तो फिर…’ …. बेटी का हाथ पकड़कर उसे नहर के पास ले जाता है। पत्नी रोकने की कोशिश करती है व रोते हुए बेटी से कहती है – ‘रुक जा।’ लेकिन आरोपी बेटी को जोर से धक्का देकर नहर में फेंक देता है।
- रोते हुए मां बोली- मैं भी जा रही हूं: बेटी पानी में डूबती है और मां चीख-चीखकर उसे आवाजें देती है। मां कहती है – ‘मैं भी जा रही हूं *(बेटी का नाम) के साथ।’ लेकिन आरोपी बेरहमी से ठंडे लहजे में जवाब देता है – ‘क्यों, बाकी बेटियों को कौन संभालेगा?’ बेटी को डूबते हुए देख वह ‘बाय-बाय’ भी कहता है।
- 3 बार मेरा मुंह काला किया, समझाया भी था: आरोपी कहता है- ‘मैंने उसे कई बार समझाया था, उसने तीन बार मेरा मुंह काला किया। आज फेंक दी।’ इतना कहने के बाद वह ठंडेपन से कैमरे की ओर देखकर कहता है – ‘सुट्ट ती, मार के परे कीती। चलो हुण, सवेरे आ वीडियो शेयर करांगे।’
इस केस पर डॉक्टर की 2 अहम बातेंं…
- कुछ पल के गुस्से में उठते हैं ऐसे कदम: चंडीगढ़ PGI के डिपार्टमेंट ऑफ साइकेट्री के मनोचिकित्सक प्रो. शुभ मोहन सिंह ने कहा कि आमतौर पर ऐसे केसेज में मेंटल इलनेस जरूरी नहीं हाेता। बहुत ज्यादा गुस्सा, नाराजगी या परेशानी में यह कदम उठा लेते हैं। केस टू केस वेरी करता है। फॉरेंसिक साइकेट्रिस्ट इस केस की जांच करते हैं। अगर बच्चे के केरेक्टर से पिता काे नाराजगी रही हाेगी। ऐसे केसेज हमारे पास आते हैं।
- समझाने पर नहीं मानते बच्चे, फिर होता है क्लेश: उन्होंने कहा कि पिता बच्ची काे समझाने की कोशिश करते हैं, लेकिन बच्चे उनकी बात नहीं मानते। घर कुछ दिन से इस बात काे क्लेश हाेता रहता है। बच्चे मानते नहीं हैं ताे रेयर केसेज में पेरेंट्स ऐसा कदम उठा लेते हैं। हालांकि बाद में उनको इस बात का अफसोस हाेता है। इस तरह के कदम कुछ पल के गुस्से में उठा लिए जाते हैं।