नूंह में दोनों पक्षों में झड़प के दौरान आगजनी की गई।
हरियाणा के नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका में मंगलवार शाम को 2 पक्षों में हिंसक झड़प हो गई। इस दौरान छतों से पथराव हुआ, कांच की बोतलें फेंकी गईं। इसके साथ ही एक बाइक को आग के हवाले कर दिया गया। लोगों ने दुकानों में भी आग लगा दी। इसमें करीब 10 लोग घायल ह
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हालात संभालने के लिए राजस्थान बॉर्डर के थानों की पुलिस भी बुलानी पड़ी। इसके बाद भी मामला शांत नहीं हुआ। इलाके में पुलिस की 2 कंपनियां तैनात कर दी गई हैं।
झगड़े का कारण अलग-अलग समुदाय के दो युवकों के बीच हुई मामूली बहस थी, जिसने हिंसा का रूप ले लिया।
झड़प के PHOTOS…
झड़प के बाद सड़क पर पथराव करते लोग।

मामला भड़कने पर बच्चों ने छतों से पत्थर फेंके।

बीच सड़क पर बाइक जमा लोग और जलती बाइक।

झड़प के बाद दुकानों में आग लगा दी गई। आग बुझने के बाद उनसे उठता धुआं।

दुकानों में आग लगने के बाद उनसे धुआं उठता हुआ।

आग लगने के बाद बाइक पूरी तरह जल गई।

झड़प के बाद मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात की गई है।
जानें क्यों हुआ विवाद…
सड़क पर खड़ी कार बनी विवाद की जड़ फिरोजपुर झिरका के गांव मुड़ाका में मंगलवार की शाम पास के गांव के रहने वाले इसरा का बेटा अपनी कार सड़क के बीच खड़ी कर उसमें कोल्ड ड्रिंक पी रहा था। गांव का ही समय सिंह बाइक से वहां पहुंचा और रास्ता साफ करने को कहा। कुछ ही पलों की बहस में माहौल तनातनी वाला हो गया और इसरा के बेटे ने कार से उतरकर कोल्ड ड्रिंक की बोतल समय के सिर पर दे मारी। बोतल के वार से समय का सिर फट गया और खून बहने लगा।
फावड़े से दूसरा हमला, भीड़ में फैला गुस्सा खून से लथपथ समय सिंह ने अपने भाई को मौके पर बुलाया। इसके बाद इसरा के बेटे ने समय के भाई पर फावड़े से हमला कर दिया, जिससे वह भी बुरी तरह घायल हो गया। इससे हालात संभलने के बजाय और बिगड़ गए। इसके बाद समय ने और परिजन बुला लिए। घटना की खबर फैलते ही दोनों तरफ के लोग इकट्ठा होने लगे, और भीड़ में गुस्सा तेजी से बढ़ने लगा। दोनों पक्ष वहां आपस में भिड़ गए।

मौके पर अब स्थिति पुलिस के नियंत्रण में है, लेकिन माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
झगड़े ने लिया सांप्रदायिक मोड़ गांव के सरपंच राम सिंह ने बताया है कि दोनों पक्षों के दो-दो लोग घायल पड़े थे और देखते ही देखते विवाद को हिंदू-मुस्लिम रंग देने की कोशिशें शुरू हो गईं। गांव के दोनों ओर के लोग घरों की छतों पर चढ़ गए और एक-दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया। कांच की बोतलें भी फेंकीं जाने लगीं।
सड़क पर हर तरफ टूटे कांच और पत्थरों का ढेर लग गया, जबकि गांव में दहशत का माहौल बन गया। इस दौरान करीब 10 लोग इस हिंसा में घायल हो गए।
बाइक और दुकानों में आगजनी इसके बाद गुस्साई भीड़ समय और उसके भाई पर हमला करने वाले इसरा के घर में घुस गई और उसकी बाइक बाहर लाकर सड़क पर आग के हवाले कर दी। जवाब में इसरा के पक्ष के लोगों ने हिंदू समुदाय की दुकानों में आग लगा दी। इससे आसपास के घरों में लोग खौफ से दरवाजे-खिड़कियां बंद करने लगे। इस आगजनी में हजारों रुपए का नुकसान हुआ।

नूंह के SP राजेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
झड़प के बाद 5 थानों की पुलिस पहुंची करीब डेढ़ घंटे तक दोनों पथराव और आगजनी का सिलसिला चलता रहा। शुरू में स्थानीय पुलिस ने समझाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ काबू में नहीं आई। हालात बिगड़ते देख पांच थानों की पुलिस मौके पर बुलाई गई। इसमें राजस्थान बॉर्डर के थाने की टीम भी शामिल थी। तब जाकर स्थिति पर काबू पाया गया और दोनों पक्षों को अलग किया गया। इसके बाद भी मौके पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
झड़प में ये लोग घायल हुए झड़प में एक पक्ष के चुन्नीलाल, गोपाल, लेखराज, वीर सिंह, फूलचंद, हंसराज और दूसरे पक्ष के खुर्शीद, फरहान व शाहबाज घायल हुए। इनका इलाज फिरोजपुर झिरका के स्थानीय अस्पताल में चल रहा है। इनमें से कुछ की हालत गंभीर है।

नूंह में बृजमंडल यात्रा में हुई थी हिंसा
नूंह में 2023 में बृजमंडल यात्रा के दौरान दंगा भड़क गया था। इस दौरान 2 गुटों में हुए टकराव के बाद 3 दर्जन से ज्यादा गाड़ियों को आग लगा दी गई। पुलिस पर भी पथराव किया गया। उपद्रवियों ने नूंह के साइबर थाना पर भी हमला कर दिया। पथराव किया और बाहर खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी।
इस हिंसा के दौरान 7 लोगों की मौत हुई थी। इनमें 4 नूंह, 2 गुरुग्राम और 1 पानीपत जिले से था। वहीं, कई लोग घायल भी हुए थे। इस मामले में पुलिस ने अलग-अलग थानों में करीब 61 मुकदमे दर्ज किए थे। जिन मुकदमों में UAPA लगाया गया है, वह मुकदमे 2 होमगार्ड व एक बजरंग दल कार्यकर्ता की हत्या से जुड़ा हुआ है।
