ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहला जत्था नवंबर में रवाना होगा। (प्रतिकात्मक तस्वीर)
केंद्र सरकार ने पाकिस्तान स्थित पवित्र गुरुद्वारा ननकाना साहिब की यात्रा के लिए सिख श्रद्धालुओं को अनुमति दे दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 2025 नवंबर के लिए जत्थे को 10 दिन का वीजा लेकर भारत-पाक अटारी सीमा से गुजरने की इजाजत दी है। यह जत्था श्री गु
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सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, यात्रा में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) के माध्यम से पासपोर्ट बनवाना अनिवार्य होगा। हालांकि इस पर आधिकारिक बयान आना बाकी है, लेकिन दोनों समितियों को इस संबंध में सूचना दे दी गई है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के चलते यह धार्मिक यात्रा कुछ समय से बंद थी। अब केंद्र सरकार द्वारा मंजूरी दिए जाने के बाद सिख श्रद्धालुओं को एक बार फिर से ननकाना साहिब के दर्शन का ऐतिहासिक अवसर मिलेगा।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहला जत्था नवंबर में रवाना होगा। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
यात्रा से जुड़ी 2 बातें
- तय सीमा से अधिक श्रद्धालु नहीं जाएंगे: केंद्र सरकार ने साफ किया है कि केवल SGPC और DSGMC के पंजीकृत 3000 सिख श्रद्धालु ही भारत से पाकिस्तान जा सकेंगे। अन्य संस्थाओं या व्यक्तिगत स्तर पर कोई जत्था नहीं भेजा जा सकेगा। दोनों समितियों को अपने-अपने राज्यों के गृह विभाग को श्रद्धालुओं की सूची भेजनी होगी, इसके बाद केंद्र की मंजूरी पर दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग वीजा जारी करेगा।
- अटारी से रवाना होगा जत्था: बीते समय में भारत-पाक तनाव, संघर्ष और सुरक्षा कारणों के चलते धार्मिक जत्थे की पाकिस्तान यात्रा पर रोक थी। अब यह रोक हटाकर सिख श्रृद्धालुओं को ननकाना साहिब पहुंचने का ऐतिहासिक मौका मिलेगा। जत्था अटारी वाघा बॉर्डर के रास्ते नारे लगाते, अरदास करते पाकिस्तान रवाना होगा।
