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- The Pilot’s Father Raised Questions About The Investigation, Saying His Son’s Reputation Was Being Tarnished.
नई दिल्ली16 मिनट पहले
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17 जून को कैप्टन सुमित सभरवाल के पिता पुष्करराज सभरवाल मुंबई के पवई स्थित आवास पर बेटे को श्रद्धांजलि देते हुए रोने लगे थे।
अहमदाबाद में क्रैश होने वाले एअर इंडिया प्लेन के पायलट कैप्टन सुमीत सभरवाल के पिता पुष्कराज सभरवाल ने अब हादसे की जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बुधवार को नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पत्र लिखकर कहा,
अब तक सिर्फ प्राथमिक रिपोर्ट आई है, जिसमें पायलटों को ही दोषी बताया गया है। मीडिया में लीक हुई बातों से यह छवि बनाई जा रही है कि कैप्टन सभरवाल डिप्रेशन में थे और जानबूझकर विमान गिराया। इससे मेरे बेटे की प्रतिष्ठा धूमिल हुई है।

कैप्टन सभरवाल के पिता ने मंत्रालय को एक हफ्ते का समय दिया है और कहा है कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वह कानूनी कार्रवाई करेंगे। हादसे की अंतिम रिपोर्ट अभी पेंडिंग है।
दरअसल, 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI 171 टेकऑफ के कुछ ही देर बाद एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गई थी। इसमें 270 लोगों की मौत हो गई थी।

पिता बोले- बेटा अनुभवी पायलट था
पुष्कराज सभरवाल ने कहा कि उनके बेटे ने 25 साल के करियर में एक भी दुर्घटना नहीं की और 15,638 घंटे उड़ान का अनुभव था। वह प्रशिक्षक पायलट भी थे। उन्होंने बताया कि बेटे के निजी जीवन की घटनाओं को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है, जबकि मां की मौत के बाद भी उन्होंने 100 से ज्यादा उड़ानें बिना किसी समस्या के संचालित कीं।
पिता बोले- बोइंग ने सॉफ्टवेयर बदलाव छुपाए थे
पुष्कराज सभरवाल ने बोइंग पर भी सवाल उठाए और कहा कि हाल ही में इथियोपियन एयरलाइंस हादसे के बाद अमेरिकी जांच में पाया गया था कि कंपनी ने सॉफ्टवेयर बदलाव छुपाए थे। इसी वजह से हादसे हुए। उन्होंने मांग की कि इस दुर्घटना की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो और रिपोर्ट मीडिया में इस तरह न लीक की जाए कि पायलट पर शक गहराए।

AAIB रिपोर्ट में दावा- फ्यूल स्विच बंद होने की वजह से हादसा
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इनवेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने 12 जुलाई को प्लेन क्रैश पर अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट जारी की थी। इसमें बताया था कि फ्यूल स्विच अचानक ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ पोजिशन में चले गए थे, जिससे दोनों इंजन बंद हो गए।
हालांकि, रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि फ्यूल स्विच कैसे बंद हुए। AAIB की रिपोर्ट में बताया कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर पर एक पायलट को दूसरे से यह पूछते हुए सुना गया कि उसने फ्यूल क्यों बंद कर दिया। दूसरे पायलट ने जवाब दिया कि उसने ऐसा नहीं किया।

पायलट संगठन ने कहा था- पायलटों की छवि खराब करने की कोशिश
एअर इंडिया के विमान हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट को लेकर पायलटों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने आपत्ति जताई थी। संगठन ने कहा था कि बिना पूरी और पारदर्शी जांच के पायलटों पर दोष डालना जल्दबाजी और गैर-जिम्मेदाराना है।
FIP अध्यक्ष सीएस रंधावा ने कहा था कि पायलट संगठनों को जांच में शामिल नहीं किया गया और रिपोर्ट को जिस तरह से पेश किया गया है, वह एकतरफा और अधूरी है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में सिर्फ कॉकपिट की बातचीत के कुछ हिस्सों को चुनकर पेश किया गया है और पायलटों की छवि खराब करने की कोशिश हो रही है।

प्लेन क्रैश में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का भी निधन हुआ था
12 जून को एअर इंडिया की उड़ान संख्या AI 171 अहमदाबाद से लंदन जा रही थी। इसमें 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक समेत कुल 230 यात्री सवार थे। इनमें 103 पुरुष, 114 महिलाएं, 11 बच्चे और 2 नवजात शामिल हैं। बाकी 12 क्रू मेंबर्स थे। हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का भी निधन हो गया था।
